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गमाडा के खिलाफ कंज्यूमर कोर्ट का बड़ा फैसला, जुर्माना और मुआवजा

Sun, 29 Jan 2017 06:36 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली Updated Sun, 29 Jan 2017 06:36 PM IST
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consumer court big decision against gmada in case of purab apartments
कंज्यूमर कोर्ट
गमाडा मोहाली के खिलाफ बड़ा फैसला सुनाते हुए जिला कंज्यूमर कोर्ट ने जुर्माना लगाया है और साथ ही मुआवजा भरने के निर्देश दिए हैं। पूरब अपार्टमेंट में फ्लैट सरेंडर करने वाले को पूरा ब्याज न देने पर जिला उपभोक्ता फोरम ने गमाडा के खिलाफ फैसला सुनाया है। फोरम ने गमाडा को सेवाओं में कोताही का दोषी करार देते हुए उसे शिकायतकर्ता को रहती ब्याज की राशि 6 लाख 49 हजार 132 रुपये लौटाने को कहा है।
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साथ ही गमाडा पर 15 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। गमाडा को यह रकम शिकायतकर्ता को 45 दिन के भीतर देनी होगी। निर्धारित अवधि में भुगतान न करने पर गमाडा को पूरी रकम पर नौ फीसदी ब्याज भी चुकाना होगा। इस संबंध में भिवानी (हरियाणा) के तिगड़ाना निवासी राजेश कुमार ने फोरम में केस दायर किया था।
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शिकायतकर्ता ने बताया था कि गमाडा ने सेक्टर-88 में कुछ समय पहले पूरब अपार्टमेंट्स नाम की एक स्कीम निकाली थी। इसमें एक फ्लैट के लिए आवेदन किया था और फ्लैट की कुल कीमत की दस फीसदी राशि जमा करवाई थी। उन्होंने वन बीएचके के लिए आवेदन किया था। 18 मई 2012 को जो एलओआई उन्हें जारी किया गया  था। उसके हिसाब से गमाडा ने उन्हें फ्लैट की टैंटेटिव कीमत 37 लाख रुपये बताई थी। इस हिसाब से उन्होंने पूरा भुगतान कर दिया।
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गमाडा की तरफ से एलओआई जारी किया गया था, उसके हिसाब से पुडा को 36 माह में उन्हें फ्लैट का पजेशन देना था। यह समय एलओआई जारी होने वाले दिन से गिना जाना था। इस हिसाब से 17 मई 2015 को उन्हें फ्लैट का पजेशन देना था, लेकिन निर्धारित अवधि के दौरान नहीं दिया गया। इसके बाद उन्होंने जून में गमाडा को अपने पैसे ब्याज सहित लौटाने को कहा।


इस हिसाब से गमाडा को उक्त राशि आठ रुपये कंपाउंड इंटरेस्ट के साथ वापस करनी थी। जबकि गमाडा ने उन्हें 4072850 रुपये ही वापस किए। उनकी तरफ से 4020050 जमा करवाई थी। ब्याज के रूप में 52800 रुपये ही चुकाया गया, जबकि 701932 रुपये बनता था। ऐसे में उन्हें 649000 रुपये का नुकसान हुआ था। वहीं, ऐसा कर गमाडा द्वारा उपभोक्ता से धोखा किया गया था। इसके बाद उन्होंने 30 सितंबर 2015 को गमाडा को नोटिस भेजा, साथ ही इस मामले को उपभोक्ता फोरम में ले गए।
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