करतारपुर कॉरिडोर: यात्री टर्मिनल भवन का निर्माण शुरू, एक हजार से अधिक मजदूर और तकनीकी विशेषज्ञ
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करतारपुर कॉरिडोर के लिए अत्याधुनिक यात्री टर्मिनल भवन (पीटीबी) का निर्माण शुरू हो गया है। लैंड पोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एलपीएआई) व टर्मिनल के निर्माण में शामिल एक कंपनी के अधिकारियों ने मंत्रोच्चार के साथ यात्री टर्मिनल भवन के पहले पिलर का काम शुरू करवाया। लगभग 190 करोड़ की लागत से बनने वाले इस टर्मिनल को श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व से पहले पूरा किए जाने का लक्ष्य रखा गया है।
टर्मिनल में पाकिस्तान स्थित श्री करतारपुर साहिब गुरुद्वारा जाने वाले तीर्थयात्रियों के लिए आवश्यक सुविधाएं होंगी। लगभग 16000 मीटर में बन रहे यात्री टर्मिनल को निर्धारित समय में पूरा करने के लिए एक हजार से अधिक मजदूर व तकनीकी विशेषज्ञ तीन शिफ्टों में काम करेंगें।
यात्री टर्मिनल भवन पूरी तरह से वातानुकूलित होगा। श्री करतारपुर साहिब के दर्शन के लिए प्रतिदिन जाने वाले पांच हजार से अधिक श्रद्धालुओं को इस टर्मिनल में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। इस टर्मिनल के साथ सीमा सुरक्षा बल व अन्य सुरक्षा एजेंसी के लिए एक सिक्योरिटी भवन का निर्माण भी होगा।
देश-विदेश से आने वाले यात्रियों के लिए पार्किंग सुविधा के साथ-साथ एक यूटीलिटी भवन बनेगा। भवन में श्री गुरु नानक देव जी के जीवन के साथ जुड़े प्रसंगों को भित्ति चित्रकला के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा।
टर्मिनल के ऊपरी छोर में स्थापित होगा खंडा और तिरंगा
यात्री टर्मिनल भवन का डिजाइन सिख वास्तु कला पर आधारित होगा। टर्मिनल भवन की सबसे ऊपरी मंजिल खंडा स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही 300 मीटर ऊंचा तिरंगा भी फहराया जाएगा।
दूसरे चरण में एक आगंतुक गैलरी, एक अस्पताल, तीर्थयात्रियों के लिए आवास और विस्तारित सुविधाओं का विकास होगा। दूसरे चरण में एक विजिटर गैलरी, हॉस्पिटल व यात्रियों के लिए विश्राम भवन के निर्माण की भी योजना है।
करतारपुर कॉरिडोर के निर्माण कार्यों की समीक्षा के लिए निर्माण स्थल पर बनाए गए एक अस्थायी दफ्तर में लैंड पोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया व निर्माण कार्यों में जुटी एजेंसी के अफसरों के बीच बैठक भी हुई। एक घंटा से अधिक समय तक चली इस बैठक में एलपीएआई के अनिल बम, सुखदेव सिंह, टर्मिनल का निर्माण कर रही कंपनी के मैनेजर जतिंदर सिंह सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
अफसरों ने इस बैठक के बारे में कुछ भी बताने से इंकार कर दिया। वहीं बताया गया कि बैठक में अब तक हुए निर्माण कामों की समीक्षा की गई। साथ ही बारिश का निर्माण कार्यों में पड़ने वाले प्रभाव पर भी चर्चा की गई।