पाकिस्तान में लगे ऐसे पोस्टर, खून खौलेगा हिंदुस्तानियों का
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पाकिस्तान स्थित श्री ननकाना साहिब स्थित गुरूद्वारा जन्म स्थान के बाहर हिंदुओं के खिलाफ ऐसे पोस्टर लगा दिए गए हैं, जोकि हिंदुस्तानियों का खून खौला देंगे। पोस्टर में लिखा है ‘नेवर ट्रस्ट हिंदू’।
पाकिस्तान स्थित हिंदू-सिखों के धार्मिक व विरासती स्मारकों पर लंबे समय से शोध कर रहे सुरेंद्र कोछड़ ने बताया कि इससे पहले भी काउंसिल ऑफ खालिस्तान के अध्यक्ष डॉ. गुरमीत सिंह औलख, मनमोहन सिंह खालसा, पाकिस्तान गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी सहित अन्य चरमपंथी कई बार पाकिस्तानी मीडिया के समक्ष यह दावा कर चुके हैं कि भविष्य में हिंदुस्तान और पाकिस्तान के मध्य युद्ध होने पर हिंदूस्तान में रहने वाले सभी सिख पाकिस्तान को सपोर्ट करेंगे।
कोछड़ के अनुसार इन चरमपंथियों का यह भी दावा है कि हिंदुस्तानी और विदेश में रहने वाले सिखों के लिए पाकिस्तानी मुस्लिम सगे भाईयों से भी बढ़कर हैं, जबकि भारतीय हिंदू उनके पक्के दुश्मन हैं।
उन्होंने कहा कि सिख कौम के ये कथित ख़ैर-ख़्वाह पाकिस्तानियों को यह भी लॉलीपॉप देते फिर रहे हैं कि जिस दिन खालिस्तान आजाद हो गया, उसी रात कश्मीर भी आजाद हो जाएगा।
जत्थे में शामिल सिखों ने सेमिनार का बायकाट कर दिया
कोछड़ के अनुसार अपने आप को पूरी सिख कौम के भाग्य-विधाता तथा खैरख्वाह बताने वाले डॉ. औलख, मनमोहन सिंह खालसा और ऐसी विचारधारा वाले लोगों का भारतीय, पाकिस्तानी और विदेश में बसे सिखों में कोई अस्तित्व नहीं है।
अधिकतर पाकिस्तानी सिखों का भी कहना है कि भारत सरकार की तरह पाकिस्तान सरकार को भी ऐसे लोगों को ब्लैक लिस्टेड करते हुए इनके पाकिस्तान आने पर पाबंदी लगानी चाहिए, क्योंकि ऐसे लोगों के कारण पाकिस्तानी सिखों की छवि पूरे विश्व में धूमिल हो रही है।
भारत के विरूद्ध ऐसी साजिशें रचने वाले और घिनौनी सोच रखने वाले लोगों को भारतीय सिख भी स्वीकार नहीं करे रहे हैं। उन्होंने बताया कि सन् 2010 के गुरु नानक प्रकाश पर्व पर पाकिस्तान गुरुधामों की यात्रा पर गए भारतीय सिख यात्री पूरे पाकिस्तान के सामने इसका एक प्रामाणिक उदाहरण पेश कर चुके हैं। लाहौर की निस्बत रोड पर स्थित दयाल सिंह मजीठिया कल्चरल फोरम में सिख-मुस्लिम सांझ पर कराए जा रहे सेमिनार में दरियाओं के पानी को लेकर मनमोहन सिंह खालसा ने जैसे ही पाकिस्तान का पक्ष लेकर भारत के खिलाफ जहर उघेलना शुरू किया तो सेमिनार में उपस्थित एसजीपीसी के जत्थे में शामिल सिख यात्री उठ खड़े हुए।
उन्होंने संयुक्त रूप से यह कहकर सेमिनार का बायकाट कर दिया कि वे पाकिस्तान में धार्मिक उद्देश्य से आए हैं, न कि अपने देश के विरूद्ध कोई बगावती भाषण सुनने। इस समारोह में पाकिस्तानी पंजाब के मुख्यमंत्री शहबाज शरीफ सहित ईटीपीबी और आईएसआई के प्रमुख अधिकारी भी मौजूद थे।