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नवजोत सिद्धू के कारण पंजाब प्रदेश कांग्रेस में तेज हुई हलचल, उपेक्षित नेताओं की पूछ बढ़ी
Mon, 15 Jun 2020 10:52 AM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 15 Jun 2020 10:52 AM IST
सार
- जाखड़ पदाधिकारियों से जिलेवार करेंगे बैठक
- कांग्रेसी विधायकों से एक-एक कर मिलेंगे कैप्टन
- सिद्धू को राहुल लाए थे, दोनों में ट्यूनिंग अच्छी
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नवजोत सिंह सिद्धू-राहुल गांधी
- फोटो : ANI
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विस्तार
नवजोत सिंह सिद्धू के आम आदमी पार्टी में जाने की चर्चाओं का इतना असर हुआ है कि पंजाब कांग्रेस अचानक बहुत सक्रिय हो गई है। पार्टी के वह नेता और विधायक, जो बीते तीन साल से हाशिए पर धकेल दिए गए थे, अब राज्य इकाई को याद आने लगे हैं।
पार्टी के प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़ और मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने-अपने स्तर पर प्रदेश कांग्रेस को एकजुट करने की कोशिशें तेज कर दी हैं। उन कांग्रेसी विधायकों से संपर्क साधा जा रहा है, जिनको बीते तीन साल के दौरान न तो सरकार में जगह मिली और न ही सरकार में उनकी कोई बात सुनी गई।
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पार्टी सूत्रों के अनुसार, कैप्टन जल्द ही राज्य के कांग्रेसी विधायकों से एक-एक कर मिलेंगे। दूसरी ओर प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़ जिलेवार कांग्रेसी वर्करों और पदाधिकारियों की टोह लेने लगे हैं। दरअसल, राज्य इकाई के सभी विंग इस समय निलंबित हैं और लंबे समय से इनके पुनर्गठन की कोशिश भी नहीं की गई है।
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पार्टी के प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़ और मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने-अपने स्तर पर प्रदेश कांग्रेस को एकजुट करने की कोशिशें तेज कर दी हैं। उन कांग्रेसी विधायकों से संपर्क साधा जा रहा है, जिनको बीते तीन साल के दौरान न तो सरकार में जगह मिली और न ही सरकार में उनकी कोई बात सुनी गई।
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पार्टी सूत्रों के अनुसार, कैप्टन जल्द ही राज्य के कांग्रेसी विधायकों से एक-एक कर मिलेंगे। दूसरी ओर प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़ जिलेवार कांग्रेसी वर्करों और पदाधिकारियों की टोह लेने लगे हैं। दरअसल, राज्य इकाई के सभी विंग इस समय निलंबित हैं और लंबे समय से इनके पुनर्गठन की कोशिश भी नहीं की गई है।
शुरू हुईं बैठकें
सूत्रों के अनुसार, जिलाध्यक्षों के नामों की सूची जल्द ही पार्टी आलाकमान को भेजी जाएगी। इसके लिए बैठकों का दौर सोमवार से शुरू हो गया। पार्टी के पंजाब मामलों की प्रभारी आशा कुमारी भी चंडीगढ़ पहुंची। माना जा रहा है कि सुनील जाखड़ और कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ उनकी बैठक के दौरान राज्य इकाई के पुनर्गठन और सिद्धू को लेकर रणनीति तय होगी।
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राहुल गांधी से सिद्धू की ट्यूनिंग अच्छी
इस पूरी कवायद का एक कारण यह भी माना जा रहा है की नई दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बीते कुछ दिनों से अपनी जिम्मेदारियां राहुल गांधी को ट्रांसफर करनी शुरू कर दी हैं। जिससे कयास लगाए जा रहे हैं कि जल्द ही राहुल गांधी को पार्टी अध्यक्ष का पद फिर से दिया जाएगा। इधर, पंजाब कांग्रेस की चिंता यह भी है कि नवजोत सिद्धू को कांग्रेस में लाने वाले राहुल गांधी ही हैं और उनकी राहुल से काफी अच्छी ट्यूनिंग है।
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राहुल गांधी से सिद्धू की ट्यूनिंग अच्छी
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