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SYL के मुद्दे पर राष्ट्रपति से मिलेंगे कांग्रेसी सांसद व विधायक 

Sun, 13 Nov 2016 07:09 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पटियाला
ब्यूरो/अमर उजाला, पटियाला Updated Sun, 13 Nov 2016 07:09 PM IST
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कैप्टन के साथ कांग्रेसी - फोटो : अमर उजाला

अबोहर का 90 प्रतिशत पानी खारा है जो न तो सिंचाई और न ही पीने के लिए उपयोगी है। इस उपमण्डल के 4 लाख लोगों के सामने एसवाईएल पर फैसले के बाद दो वक्त की रोटी का संकट पैदा हो सकता है। 

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सन् 1966 में आंदोलन करके पंजाब का बंटवारा करवाने का मुर्खतापूर्ण निर्णय अकालियों ने राजनीतिक स्वार्थों की पूर्ति के लिए लिया। कांग्रेस सांसद व विधायक 17 नवम्बर को राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी से मुलाकात कर निवेदन किया जाएगा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा इस सम्बंध में दी गई सलाह को अनदेखा कर दें। 
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ये बातें कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने रविवार अबोहर के गांव खुईयां सरवर में आयोजित रैली के दौरान कहीं। रैली में उपस्थित किसानों को सम्बोधित करते हुए कैप्टन ने कहा कि एसवाईएल के मुद्दे पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पंजाब के विरूद्ध फतवा देने और इस प्रकरण में उनके तथा विधायकों के त्याग पत्र के बाद अबोहर क्षेत्र से पानी के मुद्दे पर पंजाब सरकार के विरूद्ध बिगुल बजाने का निर्णय इसलिए किया कि यहां 90 प्रतिशत पानी खारा है। 
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अकालियों को वर्तमान स्थिति के लिए जिम्मेवार ठहराते हुए कैप्टन ने कहा कि 1966 में आंदोलन करके पंजाब का बंटवारा करवाने का मुर्खतापूर्ण निर्णय अकालियों ने राजनीतिक स्वार्थों की पूर्ति के लिए लिया। 

अकालियों की सोच यह थी कि यदि सिखों की संख्या 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होगी तो वे पंजाब में सत्ता का सुख नहीं भोग पाएंगे। इसलिए पंजाबी सूबा बनवाकर अनेक उपजाऊ क्षेत्र हरियाणा को दे दिए गए। अब उसी हरियाणा से पानी के मुद्दे पर विवाद चल रहा है। 

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सीएम बादल

यदि बादल परिवार ने अपने व्यवसायिक हितों की रक्षा के लिए हरियाणा के तत्कालीन नेता चौ. देवीलाल से सौदा न किया होता तो पानी के मामले में पंजाब को यह दिन न देखने पड़ते। 

मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल द्वारा पानी के मामले में लोगों को कुर्बानियां देने के लिए तैयार रहने के संदेश पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कैप्टन ने कहा कि 1984 में भी बादल ने सिखों को कुर्बानियां देने का आह्वान करके पंजाब के सामाजिक, धार्मिक व राजनीतिक वातावरण को प्रदूषित किया गया था जिसके कारण 35 हजार लोगों को जान गंवानी पड़ी। 

अब भी बादल परिवार लोगों को कुर्बानियों के लिए तैयार रहने का आह्वान करके एक बार फिर इस प्रदेश को भट्टी में झोंकना चाहता है। यदि बादल परिवार को पंजाब के हितों से प्यार है तो केन्द्र व पंजाब सरकार में हासिल की गई कुर्सियों का त्याग करें और सभी अकाली सांसदों व विधायकों को भी एसवाईएल के मुद्दे पर त्याग पत्र देने का निर्देश दें। 

कैप्टन ने कहा कि एसवाईएल के मामले में वह पिछले 3 दिन से आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल को अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए कह रहे हैं लेकिन उधर से कोई जवाब नहीं आया। केजरीवाल को तुरंत स्पष्ट करना चाहिए की कि वह इस मामले में पंजाब के साथ हैं या नहीं। 

यदि नहीं तो पंजाब के चुनावों में हिस्सा लेने का आम आदमी पार्टी को नैतिक अधिकार नहीं। कैप्टन ने दावा किया कि केजरीवाल पंजाब का मुख्यमंत्री बनने के सपने ले रहे हैं लेकिन विभिन्न एजेंसियों द्वारा किए गए सर्वेक्षण स्पष्ट संकेत करते हैं कि आम आदमी पार्टी का यह सपना धूमिल हो जाएगा और पंजाब की धरती से अकाली दल का नाम निशान ही मिट जाएगा।

पूर्व मुख्यमंत्री ने केन्द्र सरकार द्वारा 500 रूपए व 1000 रूपए के नोट बंद करने के फैसले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि आर्र्थिक पक्ष से यह फैसला नाकारा नहीं जा सकता लेकिन समूचित प्रबंध न करके लाखों लोगों को सरकार ने परेशान कर दिया है। 

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