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पंजाब विधानसभा सत्र: शून्यकाल में प्रताप सिंह बाजवा ने उठाया OPS का मुद्दा, पूछा- कब लागू होगी

Wed, 29 Nov 2023 10:32 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Wed, 29 Nov 2023 10:32 PM IST
सार

प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि भगवंत मान सरकार ने पिछले साल ओपीएस की बहाली की घोषणा की थी लेकिन यह अभी तक नहीं किया गया। बाजवा ने सरकारी कर्मचारियों के संगठन के साथ अपनी बैठक का जिक्र करते हुए सदन में सवाल किया कि ओपीएस कब लागू होगी?

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Congress leader Pratap Singh Bajwa raised OPS issue in Assembly
प्रताप सिंह बाजवा। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने बुधवार को आप सरकार से राज्य के कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) लागू करने की समय सीमा बताने की मांग की। दो दिवसीय सत्र के अंतिम दिन शून्यकाल के दौरान बाजवा ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में कांग्रेस सरकारों ने पहले ही ओपीएस लागू कर दिया है।

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बाजवा ने कहा कि भगवंत मान सरकार ने पिछले साल ओपीएस की बहाली की घोषणा की थी लेकिन यह अभी तक नहीं किया गया। बाजवा ने सरकारी कर्मचारियों के संगठन के साथ अपनी बैठक का जिक्र करते हुए सदन में सवाल किया कि ओपीएस कब लागू होगी? उन्होंने कहा कि 2004 में बंद कर दी गई ओपीएस योजना को पिछले साल नवंबर में राज्य कैबिनेट ने मंजूरी दे दी थी। बाजवा ने सरकारी कर्मचारियों के लंबित डीए का मुद्दा भी उठाया और राज्य सरकार से पूछा कि इसका भुगतान कब किया जाएगा? उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का 12 प्रतिशत डीए लंबित है।
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इसके पहले शून्यकाल की शुरुआत में प्रताप बाजवा ने खनन और स्कूल ऑफ एमिनेंस की जांच के लिए कमेटी बनाने की मांग रखी। बाजवा ने स्पीकर से मांग की है कि अगर सरकार के कैबिनेट मंत्री और विपक्ष के नेता दोनों कमेटी की मांग कर रहे हैं तो इसे बिना झिझक बना देना चाहिए। इस पर स्पीकर संधवां ने विचार करने का इशारा करते हुए बाजवा को बैठने को कहा।

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पराली प्रबंधन के लिए 10 हजार बेलर जरूरीः राणा इंद्र प्रताप

निर्दलीय विधायक राणा इंद्र प्रताप सिंह ने पंजाब में पराली जलाने का मुद्दा उठाया और कहा कि राज्य में 10 मिलियन टन धान की पराली के प्रबंधन के लिए 10,000 बेलर की आवश्यकता है। सुल्तानपुर लोधी के विधायक ने कहा कि वर्तमान में राज्य में 2,500 बेलर हैं। पराली जलाने से रोकने के लिए प्रत्येक गांव में एक बेलर सुनिश्चित किया जाए। अन्य 10 मिलियन टन पराली का प्रबंधन इन सीटू विधि से किया जा रहा है।

बिश्नोई ने किस जेल से इंटरव्यू दिया: सुक्खी

अकाली विधायक सुखविंदर कुमार सुक्खी ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के एक टीवी इंटरव्यू का मुद्दा उठाते हुए कहा कि आठ महीने बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि इंटरव्यू कहां हुआ था। इसी साल मार्च में एक निजी न्यूज चैनल ने लॉरेंस के दो इंटरव्यू चलाए थे। पंजाब पुलिस ने इंटरव्यू की जांच के लिए एक विशेष जांच दल का गठन भी किया था लेकिन इस दल ने आज तक रिपोर्ट नहीं दी।

एसवाईएल पर लंबी चर्चा कराने की मांग

कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने सतलुज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर का मुद्दा उठाते हुए विधानसभा में इस पर लंबी चर्चा कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री इस चर्चा को लुधियाना तक ले गए। उन्होंने मांग की है कि इस संबंध में सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए, जिसमें विशेषज्ञों को भी शामिल किया जाए। 1982 के बाद पानी पर कोई श्वेत पत्र नहीं आया, इसलिए इस संबंध में नया श्वेत पत्र लाया जाना चाहिए।

शून्यकाल में स्पीकर ने भी पूछा सवाल

सदन में शून्यकाल के दौरान स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने भी सभी सदस्यों से एक सवाल पूछा और सही जवाब देने वाले को अपनी बात रखने के लिए तीन मिनट अतिरिक्त देने का इनाम भी घोषित कर दिया। उन्होंने सवाल किया कि सरदार नरिंदर सिंह कपानी कौन हैं? इस पर विधायक अमृतपाल सिंह सुखानंद ने जवाब दिया कि वे उनके हलके मोगा के हैं और उन्होंने ऑप्टिकल फाइबर पर काम किया है। स्पीकर ने इसके बाद सुखानंद को सदन में अपनी बात रखने के लिए तीन मिनट का अतिरिक्त समय दिया।

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