सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी से मिले नवजोत सिद्धू, बोले- पंजाब के ताजा हालात बताकर आया हूं
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मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से विवाद के बाद राजनीतिक वनवास काट रहे विधायक नवजोत सिंह सिद्धू ने मंगलवार को कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और महासचिव प्रियंका वाड्रा गांधी से मुलाकात की। गुरुवार सुबह उन्होंने एक ईमेल जारी कर इसकी जानकारी दी। ईमेल में नवजोत सिद्धू ने बताया कि उनकी सोनिया गांधी के साथ 25 फरवरी को दस जनपथ स्थित आवास पर 40 मिनट बातचीत हुई।
26 फरवरी को सोनिया गांधी व पार्टी महासचिव प्रियंका वाड्रा गांधी के साथ भी एक घंटे से अधिक समय तक बातचीत हुई। सिद्धू के अनुसार बैठक के दौरान दोनों नेताओं के साथ पंजाब के उत्थान और पंजाबियों को आत्मनिर्भर बनाने के एक रोड मैप के बारे में भी चर्चा की। इस रोडमैप के आधार पर पंजाब की खोई प्रतिष्ठता को फिर से बहाल किया जा सकता है।
सिद्धू ने दावा किया कि इस रोडमैप की चर्चा उन्होंने कैबिनेट की बैठक के दौरान भी की थी और यही रोडमैप उन्होंने अपने अब तक के सार्वजनिक जीवन के दौरान लोगों के सामने रखा है। बैठक में सिद्धू ने प्रदेश की वर्तमान राजनीतिक स्थिति और कैप्टन सरकार के अब तक के प्रदर्शन के बारे में भी चर्चा की। सिद्धू के अनुसार कांग्रेस आलाकमान ने उन्हें ‘तलब’ किया था। सियासी जानकारों के अनुसार सिद्धू ने तलब शब्द का प्रयोग कर कैप्टन और अपने राजनीतिक विरोधियों को इस बात के संकेत दिए हैं कि उनका सीधा संपर्क पार्टी आलाकमान के साथ है।
Congress leader Navjot Singh Sidhu: I was called to Delhi by party high command, I met Priyanka ji & Sonia ji on 25th & 26th February. I briefed them about the current situation in Punjab and the roadmap ahead. pic.twitter.com/0HkV7OCjYv— ANI (@ANI) February 27, 2020
लोकसभा चुनाव के बाद आई थी कैप्टन-सिद्धू में दूरी
लोकसभा चुनाव के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह और सिद्धू के बीच छिड़े विवाद के बाद कैप्टन ने उनसे स्थानीय निकाय विभाग छीन कर बिजली विभाग की जिम्मेदारी सौंप दी थी। सिद्धू ने विभाग का चार्ज लेने से इंकार कर कैप्टन मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था।
सिद्धू ने अपना इस्तीफा कैप्टन को न भेज कर तत्कालीन अध्यक्ष राहुल गांधी को भेजा था। जब विवाद बढ़ा तो उन्होंने अपना इस्तीफा कैप्टन को भेजा था। उसके बाद से ही सिद्धू चुप थे। कैप्टन से उनकी नाराजगी इस कदर बढ़ गई कि उन्होंने न तो कैप्टन द्वारा बुलाई गई विधायक दल के बैठक में हिस्सा लिया और न ही वे विधानसभा के वर्तमान बजट सेशन में दिखे।
दिल्ली विधानसभा चुनाव से बना रखी थी दूरी
बता दें कि पिछले कई महीनों से नवजोत सिंह सिद्धू खामोश थे। वहीं आलाकमान से मुलाकात के बाद उनकी सक्रियता पंजाब में बढ़ सकती है। पिछले साल 21 जुलाई को नवजोत सिंह सिद्धू ने आखिरी ट्वीट किया था। इसमें उन्होंने सरकारी आवास को खाली करने की जानकारी दी थी। इसके बाद पंजाब की चार विधानसभा सीटों और दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस हाईकमान ने नवजोत सिंह सिद्धू को स्टार प्रचारकों की लिस्ट में शामिल किया था। हालांकि उन्होंने दोनों ही जगह चुनाव प्रचार से दूरी बना रखी थी।