{"_id":"58ada2094f1c1b701cb23000","slug":"congress-leader-ashok-tanwar-statement-on-inld-protest-for-syl","type":"story","status":"publish","title_hn":"SYL को लेकर इनेलो के आंदोलन को तंवर ने बताया महज राजनीति, बड़ा बयान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
SYL को लेकर इनेलो के आंदोलन को तंवर ने बताया महज राजनीति, बड़ा बयान
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 22 Feb 2017 08:07 PM IST
विज्ञापन
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर ।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अशोक तंवर ने सतलुज यमुना लिंक(एसवाईएल) नहर की खुदाई को लेकर इनेलो के आंदोलन पर प्रतिक्रिया व्यक्त की। तंवर ने आंदोलन को राजनीति से प्रेरित बताया तो दूसरी तरफ पिछले साल हुए जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान दर्ज झूठे मामले वापस लिए जाने की मांग को भी उचित ठहराया। तंवर ने कहा कि एसवाईएल का मुद्दा दोनों प्रदेशों से जुड़ा है लेकिन हरियाणा को उसका हक जरूर मिलना चाहिए।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर बुधवार को एनएसयूआई की ओर से सदस्यता अभियान की श्ुारुआत को लेकर संवादाताओं को संबेाधित कर रहे थे।
तंवर ने कहा कि एसवाईएल का मुद्दा काफी पुराना है और पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी ने इस दिशा में पहल की थी। इसके बाद राजीव-लोंगोवाल समझौता भी हुआ। उन्होंने कहा कि दोनेां प्रदेशों से जुडे़ इस मुद्दे को संविधान के दायरे में रहकर सुलझाया जाना चाहिए। हरियाणा को उसका हक मिलना चाहिए, लेकिन इसके लिए खुदाई महज राजनीति है।
उन्होंने कहा कि प्रदेशों में हुए विधानसभा चुनावों के आने वाले परिणामों की बौखलाहट अब दिखने लगी है।
जाट आरक्षण के बारे में तंवर ने कहा कि आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक तौर पर पिछड़ी जातियों के लिए आरक्षण का प्रावधान किया जा सकता है। इसके लिए प्रक्रिया चल रही है। लेकिन मौजूदा भाजपा सरकार पर तंवर ने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार के कार्यकाल में किसान, युवा, कर्मचारी सहित तमाम वर्ग परेशान हैं।
विज्ञापन
साढ़े चार महीने दिल्ली पुलिस ने दर्ज किया मामला
पिछले साल दिल्ली में हुड्डा और तंवर समर्थकों के बीच हुई मारपीट के मामले में साढ़े चार महीने के बाद एफआईआर दर्ज किए जाने पर दिल्ली पुलिस पर तंवर ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह मामला भी अनुसूचित जाति आयोग की सिफारिशों के बाद दर्ज किया गया। उन्होंने हुड्डा के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि साक्ष्यों के आधार पर कोई भी कार्रवाई होती है और इसमें व्यक्ति विशेष का कोई मतलब नहीं है। तंवर ने कहा कि अभी भी उनके चेहरे पर मारपीट के बाद के निशान हैं।
विज्ञापन
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर बुधवार को एनएसयूआई की ओर से सदस्यता अभियान की श्ुारुआत को लेकर संवादाताओं को संबेाधित कर रहे थे।
तंवर ने कहा कि एसवाईएल का मुद्दा काफी पुराना है और पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी ने इस दिशा में पहल की थी। इसके बाद राजीव-लोंगोवाल समझौता भी हुआ। उन्होंने कहा कि दोनेां प्रदेशों से जुडे़ इस मुद्दे को संविधान के दायरे में रहकर सुलझाया जाना चाहिए। हरियाणा को उसका हक मिलना चाहिए, लेकिन इसके लिए खुदाई महज राजनीति है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि प्रदेशों में हुए विधानसभा चुनावों के आने वाले परिणामों की बौखलाहट अब दिखने लगी है।
जाट आरक्षण के बारे में तंवर ने कहा कि आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक तौर पर पिछड़ी जातियों के लिए आरक्षण का प्रावधान किया जा सकता है। इसके लिए प्रक्रिया चल रही है। लेकिन मौजूदा भाजपा सरकार पर तंवर ने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार के कार्यकाल में किसान, युवा, कर्मचारी सहित तमाम वर्ग परेशान हैं।
विज्ञापन
साढ़े चार महीने दिल्ली पुलिस ने दर्ज किया मामला
पिछले साल दिल्ली में हुड्डा और तंवर समर्थकों के बीच हुई मारपीट के मामले में साढ़े चार महीने के बाद एफआईआर दर्ज किए जाने पर दिल्ली पुलिस पर तंवर ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह मामला भी अनुसूचित जाति आयोग की सिफारिशों के बाद दर्ज किया गया। उन्होंने हुड्डा के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि साक्ष्यों के आधार पर कोई भी कार्रवाई होती है और इसमें व्यक्ति विशेष का कोई मतलब नहीं है। तंवर ने कहा कि अभी भी उनके चेहरे पर मारपीट के बाद के निशान हैं।