SYL Issue: कांग्रेस ने की सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग, सुखबीर बोले- हरियाणा के जाल में फंस गए मान
आप का कहना है कि सतलुज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर के मुद्दे पर शुक्रवार को पंजाब और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों की बैठक में सीएम भगवंत मान ने सूबे के नदी जल के पक्ष में खड़े रहकर पंजाब का पुत्र होने का फर्ज निभाया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कांग्रेस के पंजाब प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर एसवाईएल मुद्दे पर अपने अधिकार प्रधानमंत्री को सौंपने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि वह इस मुद्दे पर जल्द से जल्द एक सर्वदलीय बैठक बुलाएं। दरअसल, मुख्यमंत्री मान ने इस मामले में प्रधानमंत्री से संपर्क करने की सलाह दी है। अब इस पर राजा वड़िंग ने कहा कि यह किसी दूसरे को अपना अधिकार सौंपने के समान है और यही वजह है कि हमने सीएम से सभी को भरोसे में लेने की अपील की थी।
मान का रुख सीधा और स्पष्ट होना चाहिए था कि पंजाब के पास किसी और को देने के लिए अतिरिक्त पानी नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि वह किस उद्देश्य से प्रधानमंत्री से संपर्क करना चाहते हैं? राजा वड़िंग ने यह भी सवाल किया कि ‘मान लीजिए अगर प्रधानमंत्री आप से हरियाणा के साथ पानी बांटने को कहें तो क्या आप करेंगे?’
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की और कहा कि राज्य के नदी जल पर भगवंत मान सरकार का रुख न केवल कमजोर है, बल्कि उसमें स्पष्टता और दृढ़ संकल्प का भी अभाव है। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों को बताया जाना चाहिए कि इस मुद्दे पर क्या हुआ है? बाजवा ने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मुलाकात के बाद अपनी पहली प्रेस वार्ता में भगवंत मान का बयान पूरी तरह निरर्थक प्रतीत होता है। जैसे उन्हें पंजाब के नदी जल के ऐतिहासिक संदर्भ की उचित जानकारी और समझ ही न हो।
हरियाणा के जाल में फंस गए मान: सुखबीर बादल
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने कहा है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान को हरियाणा के मुख्यमंत्री के साथ एसवाईएल नहर पर बातचीत शुरू करने से पहले यह बताना चाहिए था कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत रिपेरियन सिद्धांत के अनुसार नदी जल पर पंजाब का विशेषाधिकार है।
अकाली दल अध्यक्ष ने कहा कि यह बेहद निंदनीय है कि भगवंत मान पानी की उपलब्धता की जांच के लिए बातचीत शुरू करके हरियाणा द्वारा बिछाए जाल में फंस गए हैं। हरियाणा गैर-रिपेरियन राज्य है, इसलिए उसका पंजाब के पानी पर कोई अधिकार नहीं है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी ध्यान नहीं दिया कि अगर पंजाब और हरियाणा में उपलब्धता कम है तो इससे सभी के हिस्से में आनुपातिक कटौती होगी लेकिन हरियाणा में पानी का बहाव नहीं रुकेगा।
भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब के हित पूरी तरह सुरक्षित: धालीवाल
सतलुज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर के मुद्दे पर शुक्रवार को पंजाब और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों की बैठक में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सूबे के नदी जल के पक्ष में खड़े रहकर पंजाब का पुत्र होने का फर्ज निभाया है। पंजाब के हित भगवंत मान के नेतृत्व में पूरी तरह सुरक्षित हैं। यह बात सूबे के कृषि एवं पंचायत मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने कही।
धालीवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री ने तथ्यों के साथ पंजाब के पानी की रक्षा के लिए जो स्टैंड लिया है, उससे विरोधियों के मुंह बंद हो गए हैं। आज वे पार्टियां हमारी सरकार को सलाह दे रही हैं, जिन्होंने इस नहर का आधार बांधकर कांटे बीज दिए हैं। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार का स्टैंड स्पष्ट कर दिया है कि वह पंजाब के पानी की रक्षा के लिए हर लड़ाई लड़ेगी।