Chandigarh Mayor Election: कांग्रेस पार्षदों ने कसौली में डाला डेरा, आसान होती दिख रही भाजपा की राह
कांग्रेस के मैदान छोड़ने के बाद अब भाजपा और आप एक-दूसरे के खेमे में सेंधमारी करने का प्रयास करेंगे। भाजपा अपनी जीत का अंतर बढ़ाने का प्रयास करेगी, वहीं आप एक वोट तोड़कर जीत की दहलीज पार करने का प्रयास करेगी। दोनों ही पार्टियों की ओर से हो रहे दावों को देखते हुए कांग्रेस ने अपने पार्षदों को शहर से बाहर भेजना बेहतर समझा।
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मेयर चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एचएस लक्की अपने सभी छह पार्षदों को लेकर कसौली (हिमाचल प्रदेश) चले गए हैं। बताया जा रहा है कि कांग्रेस पार्षद अब मेयर चुनाव के बाद ही शहर लौटेंगे। हालांकि लक्की का कहना है कि चुनाव के दिन (17 जनवरी) पार्टी फैसला करेगी कि मतदान करना है या नहीं। उधर, कांग्रेस के इस फैसले से भाजपा खेमे में खुशी का माहौल है क्योंकि इससे मेयर चुनाव में उनकी राह आसान होती दिख रही है।
यह लगातार दूसरा साल है जब कांग्रेस पार्षद नगर निगम के चुनाव से ठीक पहले शहर से बाहर चले गए हैं। पार्षदों के टूटने के डर से हाईकमान ने सभी को हिमाचल भेज दिया है। कांग्रेस अब तक चुनाव में गेम चेंजर की भूमिका में थी लेकिन पिछले साल जैसा माहौल बनने से अब सबकी निगाहें शिअद के एकमात्र पार्षद हरदीप सिंह पर टिक गईं हैं क्योंकि भाजपा के पास सांसद का वोट मिलाकर कुल 15 वोट हैं जबकि आम आदमी पार्टी के पास कुल 14 वोट हैं। अब शिअद पार्षद हरदीप सिंह का एकमात्र वोट भाजपा का खेल बिगाड़ सकता है लेकिन इसकी संभावना न के बराबर है क्योंकि पंजाब में शिरोमणि अकाली दल (शिअद) आम आदमी पार्टी की विरोधी पार्टी है। ऐसे में अब चुनाव मैदान में भाजपा और आम आदमी पार्टी ही आमने-सामने हैं। पार्षदों की गुटबाजी नहीं हुई तो भाजपा की जीत पक्की है।
अब अपने-अपने पार्षदों को बचाना चुनौती
कांग्रेस के मैदान छोड़ने के बाद अब भाजपा और आप एक-दूसरे के खेमे में सेंधमारी करने का प्रयास करेंगे। भाजपा अपनी जीत का अंतर बढ़ाने का प्रयास करेगी, वहीं आप एक वोट तोड़कर जीत की दहलीज पार करने का प्रयास करेगी। दोनों ही पार्टियों की ओर से हो रहे दावों को देखते हुए कांग्रेस ने अपने पार्षदों को शहर से बाहर भेजना बेहतर समझा।
बहुमत का आंकड़ा 19 लेकिन जीत एकमात्र लक्ष्य
नगर निगम में इस समय कुल 35 पार्षद हैं। एक वोट सांसद का है। अनुपात के अनुसार बहुमत का आंकड़ा 19 है लेकिन इस समय भाजपा और आप के लिये सिर्फ एक मात्र लक्ष्य है कि कैसे वोटों की संख्या एक-दूसरे से ज्यादा की जाए। आने वाले तीन दिन दोनों ही पार्टियों के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे।
हम तो पहले से ही कह रहे थे कि लगातार आठवीं बार मेयर समेत तीनों पदों पर भाजपा के उम्मीदवार काबिज होंगे। विकास के लिए हमें कोई वोट डालना चाहे तो हम स्वागत करते हैं। हमारे पास जीत के पूरे आंकड़े हैं। - अरुण सूद, प्रदेश प्रभारी, भाजपा।
भाजपा को समर्थन करने का यह नया तरीका है। न शहर में रहेंगे और न वोट डालेंगे। लोगों के साथ कांग्रेस छलावा कर रही है। चुनाव में आकर नोटा को चुने लेकिन जिसने जिताया उसकी उम्मीदों पर तो खरा उतरे। - प्रेम गर्ग, प्रदेश संयोजक, आप।
हम केंद्रीय समिति के फैसले के अनुसार ही चलेंगे। वोट डालने के लिए हाईकमान जो निर्णय लेगा, उसी के मुताबिक हम अपनी रणनीति तैयार करेंगे। -एचएस लक्की, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष, चंडीगढ़।