{"_id":"57b3683c4f1c1bd26e6eb9d4","slug":"congress-counciler-chawla-and-bassi-resignd-from-road-committee","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कांग्रेस पार्षद चावला और बस्सी ने दिया निगम की रोड कमेटी से इस्तीफा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कांग्रेस पार्षद चावला और बस्सी ने दिया निगम की रोड कमेटी से इस्तीफा
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Updated Wed, 17 Aug 2016 09:26 AM IST
विज्ञापन
नगर निगम की हंगामेदार बैठक
- फोटो : Amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगर निगम की रोड कमेटी की हंगामेदार हुई बैठक का बहिष्कार करते हुए कांग्रेस पार्षद सुभाष चावला और मुकेश बस्सी ने कमेटी से इस्तीफा भी दे दिया।
कांग्रेस पार्षद सुभाष चावला ने अपने वार्ड के 15 एजेंडे बैठक में चर्चा के लिए न आने पर इस्तीफा दिया है। जबकि मुकेश बस्सी का कहना है कि चेयरमैन सुरेंद्र बग्गा का रवैया सुभाष चावला के प्रति ठीक नहीं था, जिस कारण उन्होंने रोड कमेटी के सदस्यता से इस्तीफा दिया है। बग्गा ने चावला और बस्सी के इस्तीफे आगे मेयर को भेज दिए हैं।
विज्ञापन
कांग्रेस पार्षद सुभाष चावला ने अपने वार्ड के 15 एजेंडे बैठक में चर्चा के लिए न आने पर इस्तीफा दिया है। जबकि मुकेश बस्सी का कहना है कि चेयरमैन सुरेंद्र बग्गा का रवैया सुभाष चावला के प्रति ठीक नहीं था, जिस कारण उन्होंने रोड कमेटी के सदस्यता से इस्तीफा दिया है। बग्गा ने चावला और बस्सी के इस्तीफे आगे मेयर को भेज दिए हैं।
हंगामें के साथ शुरू हुई बैठक
कांग्रेस पार्षद सुभाष चावला(फाईल फोटो)
- फोटो : Amar ujala
रोड कमेटी की बैठक शुरू होते ही कांग्रेस पार्षद सुभाष चावला ने आरोप लगाया कि वह पिछली तीन बैठकों में अपने वार्ड के प्रस्ताव न आने की जानकारी दे चुके हैं। इसके बावजूद मंगलवार की बैठक में सिर्फ एक एजेंडा पास होने के लिए आया है।
चावला ने पूछा कि क्या उनका वार्ड शहर का अंग नहीं है? इस पर चावला और बग्गा के बीच बहस शुरू हो गई। बग्गा ने मौके पर रुके हुए एजेंडों की सूची भी मंगवाई। उन्होंने कहा कि कई एजेंडे ऐसे हैं, जो पहले ही पास हो चुके हैं। कांग्रेस पार्षद मुकेश बस्सी का कहना है कि बग्गा ने चावला को कहा कि वह हंगामा अखबारों की सुखिर्यां बनने के लिए कर रहे हैं । बस्सी ने हा कि बग्गा का चावला के प्रति व्यवहार ठीक नहीं था।
बैठक में सीनियर डिप्टी मेयर देवेश मोदगिल, सतिंदर सिंह और डा. अमृत तिवारी भी मौजूद रहीं। बैठक के बाद बग्गा ने चावला को इस्तीफे का जवाब देते हुए पत्र भेजा है, जिसमें उन्होंने कहा कि एजेंडे मीटिंग में लाने की जिम्मेवारी उनकी नहीं है।
चावला ने पूछा कि क्या उनका वार्ड शहर का अंग नहीं है? इस पर चावला और बग्गा के बीच बहस शुरू हो गई। बग्गा ने मौके पर रुके हुए एजेंडों की सूची भी मंगवाई। उन्होंने कहा कि कई एजेंडे ऐसे हैं, जो पहले ही पास हो चुके हैं। कांग्रेस पार्षद मुकेश बस्सी का कहना है कि बग्गा ने चावला को कहा कि वह हंगामा अखबारों की सुखिर्यां बनने के लिए कर रहे हैं । बस्सी ने हा कि बग्गा का चावला के प्रति व्यवहार ठीक नहीं था।
बैठक में सीनियर डिप्टी मेयर देवेश मोदगिल, सतिंदर सिंह और डा. अमृत तिवारी भी मौजूद रहीं। बैठक के बाद बग्गा ने चावला को इस्तीफे का जवाब देते हुए पत्र भेजा है, जिसमें उन्होंने कहा कि एजेंडे मीटिंग में लाने की जिम्मेवारी उनकी नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पिछले साल हाउस टैक्स कमेटी का चेयरमैन पद छोड़ा था
कांग्रेस पार्षद सुभाष चावला(फाईल फोटो)
- फोटो : Amar ujala
पूर्व मेयर सुभाष चावला ने पिछले साल हाउस टैक्स कमेटी के चेयरमैन से उस समय इस्तीफा दे दिया था जब प्रशासन ने शहरवासियों पर हाउस टैक्स लगाया था।
मैं अपने वार्ड के विकास के प्रस्ताव न आने की शिकायत चेयरमैन से लगातार कर रहा था। पिछली कमेटी की बैठक में भी मैं विरोधस्वरूप शामिल नहीं हुआ था। संभवत: चेयरमैन सुरेंद्र बग्गा उनसे खुश नहीं हैं, इसलिए मेरे एजेंडे रोके जा रहे हैं - सुभाष चावला, कांग्रेस पार्षद
बैठक में एजेंडा लाने की जिम्मेवारी उनकी नहीं है। न ही सुभाष चावला के वार्ड का ख्याल रखना उनकी ड्यूटी है। चावला के रोके गए एजेंडे पर वह प्वाइंट वाइज चर्चा करने के लिए तैयार थे। लेकिन चावला पहले से ही इस्तीफा तैयार करके लाए थे। चावला किसी भी चर्चा के लिए तैयार नहीं हुए। चावला ने ही मुकेश बस्सी को भी इस्तीफा देने के लिए प्रोत्साहित किया। जबकि उनके वार्ड के विकास के सभी प्रस्ताव पास हुए हैं। बस्सी और चावला का इस्तीफा मंजूर करना उनका अधिकार में नहीं है ऐसे में दोनो पार्षदों का इस्तीफा उन्होंने मेयर को भेज दिया है। पूर्व मेयर सुभाष चावला को भी उनके इस्तीफे के बाद लिखित में इसका जबाव भेज दिया गया है - सुरेंद्र बग्गा, चेयरमैन, रोड कमेटी
मैं अपने वार्ड के विकास के प्रस्ताव न आने की शिकायत चेयरमैन से लगातार कर रहा था। पिछली कमेटी की बैठक में भी मैं विरोधस्वरूप शामिल नहीं हुआ था। संभवत: चेयरमैन सुरेंद्र बग्गा उनसे खुश नहीं हैं, इसलिए मेरे एजेंडे रोके जा रहे हैं - सुभाष चावला, कांग्रेस पार्षद
बैठक में एजेंडा लाने की जिम्मेवारी उनकी नहीं है। न ही सुभाष चावला के वार्ड का ख्याल रखना उनकी ड्यूटी है। चावला के रोके गए एजेंडे पर वह प्वाइंट वाइज चर्चा करने के लिए तैयार थे। लेकिन चावला पहले से ही इस्तीफा तैयार करके लाए थे। चावला किसी भी चर्चा के लिए तैयार नहीं हुए। चावला ने ही मुकेश बस्सी को भी इस्तीफा देने के लिए प्रोत्साहित किया। जबकि उनके वार्ड के विकास के सभी प्रस्ताव पास हुए हैं। बस्सी और चावला का इस्तीफा मंजूर करना उनका अधिकार में नहीं है ऐसे में दोनो पार्षदों का इस्तीफा उन्होंने मेयर को भेज दिया है। पूर्व मेयर सुभाष चावला को भी उनके इस्तीफे के बाद लिखित में इसका जबाव भेज दिया गया है - सुरेंद्र बग्गा, चेयरमैन, रोड कमेटी