Chandigarh: GMCH में भी प्रोपोफाल से बिगड़ी थी दो मरीजों की हालत, सरकारी बैच की दवाओं पर घूमी जांच
जीएमसीएच-32 के कार्यवाहक चिकित्सा अधीक्षक प्रो. जीपी थामी ने बताया कि 29 अगस्त को सूचना मिली थी कि सर्जरी के बाद दो मरीजों की स्थिति बिगड़ गई है। जांच में पाया गया कि दवा दो अलग-अलग जगहों से आपूर्ति की गई थी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
चंडीगढ़ पीजीआई में जिस बेहोशी की दवा से मरीजों की जान जाने के मामले सामने आए हैं, उसी बैच की प्रोपोफाल दवा के इस्तेमाल से जीएमसीएच-32 में भी दो मरीजों की हालत बिगड़ी थी। दोनों ही जगहों पर एक ही कंपनी से बेहोशी की दवा की आपूर्ति होने की बात सामने आ रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि जीएमसीएच-32 में इसकी आपूर्ति सरकारी स्तर पर की गई थी जबकि पीजीआई में उसे निजी दवा की दुकान से खरीदा गया था।
हालांकि मरीजों पर दुष्प्रभाव आने की सूचना पर अस्पताल प्रशासन ने अपने स्तर पर कंपनी को उसके स्टॉक वापस कर दिए हैं। पीजीआई और मेडिकल कॉलेज में दवा के दुष्प्रभाव का पता चलने पर स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया है, लेकिन क्लीनिक व निजी अस्पतालों में इसके दुष्प्रभाव की जांच को लेकर कोई सोचने वाला नहीं है। इसे लेकर निजी अस्पताल संचालक चिंतित हैं।
जीएमसीएच-32 के कार्यवाहक चिकित्सा अधीक्षक प्रो. जीपी थामी ने बताया कि 29 अगस्त को सूचना मिली थी कि सर्जरी के बाद दो मरीजों की स्थिति बिगड़ गई है। जांच में पाया गया कि दवा दो अलग-अलग जगहों से आपूर्ति की गई थी। इनमें से कुछ की शीशियों पर लिपिड की बूंदें मिली थीं। दोनों ही स्टॉक में से दो तिहाई शीशियों का इस्तेमाल किया जा चुका था लेकिन दो मरीजों पर इसका दुष्प्रभाव नजर आया। ऐसा होने पर संबंधित दवा कंपनी को सूचना दी गई और उसने सारे स्टॉक वापस ले लिए लेकिन इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को नहीं दी गई। हालांकि, उन दोनों मरीजों की किडनी और लीवर पर पड़े दुष्प्रभाव को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया और उनकी अब छुट्टी भी हो चुकी है।
पीजीआई दुकान संचालक को जारी कर चुका है नोटिस
पीजीआई में प्रोपोफाल दवा के इस्तेमाल से पांच मरीजों की जान जाने के मामले पर जांच शुरू कर दी गई है। पीजीआई प्रशासन की ओर से नामित विशेषज्ञों की टीम घटना की क्लीनिक जांच में जुटी हुई है जबकि पीजीआई प्रशासन ने इमरजेंसी स्थित दवा की दुकान को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। क्योंकि जिस बेहोशी की दवा प्रोफोपाल के प्रयोग से मौत की आशंका जताई जा रही है वह उसी दुकान से बेची गई थी। वहीं उस दवा के बैच का नमूना लेकर कोलकाता स्थित लैब में जांच के लिए भेजा गया है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग ने उस बैच की दवाओं की बिक्री पर रोक लगाकर बचे हुए स्टॉक जब्त कर लिए हैं।
प्रोपोफाल दवा के इस्तेमाल से मौत का मामला पहले भी सामने आ चुका है इसलिए ऐसी घटनाओं पर रोक के लिए आईएमए ने सरकार को लिखा है, ताकि दवाओं की आपूर्ति की प्रक्रिया पर बारीकी से जांच की जाए। -डॉ. विवेक मल्होत्रा, सचिव आईएमए चंडीगढ़