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Chandigarh: मरम्मत के लिए कराह रहे स्मॉल फ्लैट्स, 11 साल में ही रेत की तरह झड़ने लगा सीमेंट, लोग परेशान

Wed, 24 Apr 2024 02:30 PM IST
निवेदिता वर्मा रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Wed, 24 Apr 2024 02:30 PM IST
सार

मलोया में 2019 में फ्लैट्स आवंटित हुए हैं लेकिन पांच साल में ही उन मकानों की भी हालत खराब होने लगी है। लोग पिछले कई सालों से सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन किसी के पास लोगों की समस्याओं का इलाज नहीं है।

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Condition of small flats built in different areas of Chandigarh become very bad
चंडीगढ़ के स्मॉल फ्लैट्स - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चंडीगढ़ के अलग-अलग इलाकों में कुल 17696 स्मॉल फ्लैट्स बनाए गए हैं। सबसे ज्यादा 8448 फ्लैट्स, सिर्फ धनास में हैं। 11 साल में ही इन मकानों की हालत बेहद खस्ता हो गई है। सीमेंट रेत की तरह झड़ रहा है। कुछ ब्लॉक्स में सरिया तक नजर आने लगे हैं। छत टपकने और सीलन की समस्या को बहुत पुरानी है। यहां हजारों लोग रहते हैं, जो पिछले कई वर्षों से इन फ्लैट्स के कॉमन एरिया की मरम्मत के लिए सरकारी व्यवस्था से जंग लड़ रहे हैं लेकिन चुनावी माहौल में नेताओं के जुबान से इनके मुद्दे गायब हैं।
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मलोया, धनास, विकास नगर पार्ट-2, सेक्टर-38वेस्ट, रामदरबार, सेक्टर-49सी में कुल 17696 बनाए गए हैं। सेक्टर-38वेस्ट समेत कई इलाकों में स्मॉल फ्लैट आवंटित किए करीब 14 साल हो चुके हैं। मकान मरम्मत के लिए कराह उठे हैं। धनास के स्मॉल फ्लैट्स वर्ष 2013 में विभिन्न कालोनियों को तोड़कर आवंटित किए गए थे। इन मकानों में हजारों लोग रहते हैं लेकिन 11 साल में ही हालत ये है कि खंभों से सीमेंट उखड़ कर गिर रहा है। सीढ़ियों की दशा सबसे ज्यादा खराब है। 
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कई ब्लॉक में पहले फ्लोर के कॉमन एरिया और सीढ़ियों के सरिये तक नजर आने लगे हैं। इनके गिरने का भी खतरा सताने लगा है। सबसे ऊपरी फ्लोर पर रहने वाले लोग पानी टपकने की समस्या से परेशान हैं। स्थिति इस कदर खराब है कि बारिश के दिनों में कुछ घरों के अंदर तिरपाल लगाने की जरूरत पड़ जाती है। सेक्टर-49, रामदरबार और विकास नगर-2 के फ्लैट्स की हालत भी कुछ ऐसी ही है। 
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धनास में गंदा पानी पीकर लोग हुए बीमार
धनास स्मॉल फ्लैट्स के कई ब्लॉक में पीने का पानी बहुत गंदा आता है। कुछ ब्लॉक की स्थिति इतनी खराब है कि सुबह और शाम को जब पानी आता है तो कमरे में बदबू फैल जाती है। पानी इतना गंदा होता है कि पीना तो दूर उससे कपड़े और बर्तन भी नहीं धोए जा सकते। गंदा पानी पीकर कई लोग अस्पताल में दाखिल हो चुके हैं। अमर उजाला ने मौके पर जाकर लोगों से बात की तो कुछ लोगों ने कहा कि वह पीने का पानी दूसरे इलाकों से लेकर आते हैं। शिकायत करने पर पानी के सैंपल ले लिए जाते हैं लेकिन गंदा पानी वैसे ही रोजाना आता रहता है। लोगों ने बताया कि सीवरेज की भी काफी समस्या है। कई ब्लॉक में ओवरफ्लो होता रहता है, जिससे भी बीमारियां हो रही हैं।

कुछ मिलाकर हमें पानी सप्लाई किया जा रहा
मेरी उम्र 82 साल है और चंडीगढ़ में कई दशकों से रह रही हूं लेकिन जितना गंदा पानी अब आता है, वैसा कभी नहीं देखा। पानी से बदबू आती है। कैसे पी सकते हैं। ऐसा लगता है कि कुछ मिलाकर हमें पानी सप्लाई किया जा रहा है। - हरप्यारी, मकान नंबर-750, धनास

कॉकरोच की समस्या भी बहुत ज्यादा
इलाके में बहुत समस्याएं हैं लेकिन सिर्फ नेताओं को ही नजर नहीं आती। गटर की सफाई नहीं होगी। बदबू आती रहती है। कॉकरोच की समस्या बहुत ज्यादा है। पीने के पानी की दिक्कत तो पूरे धनास में है। - गीता, मकान नंबर-729, धनास

कई घरों में सीलन की समस्या

मकानों की स्थिति खराब है। कई घरों में सीलन की समस्या है। पानी गंदा होने से बहुत लोग बीमार हो रहे हैं। शाम को जब पानी आता है तो कमरे में रहना मुश्किल हो जाता है। शिकायत के बाद सैंपल लेकर चले जाते हैं लेकिन पानी साफ नहीं होता। - छोटे लाल, मकान नंबर-749, धनास

नहीं लग रहा कि ये 20 साल भी टिक पाएंगे

धनास में चोरी, गंदे पानी, सीवर, मकानों की मरम्मत, चूहे की बहुत समस्या है। मकानों के हालात देखकर नहीं लग रहा कि ये 20 साल भी टिक पाएंगे। लोग किश्त भर रहे हैं। देरी पर जुर्माना भी दे रहे हैं लेकिन बदले में उन्हें कुछ नहीं मिल रहा है। - सिया राम, मकान नंबर-504सी, धनास


कई बार अधिकारियों से मिला, धरना भी दिया
11 साल में ही मकानों की हालत बहुत खराब है। मरम्मत के लिए मैं कई बार अधिकारियों से मिल चुका हूं। सदन की बैठक में विरोध जताने के लिए फ्लोर पर भी बैठा लेकिन अधिकारी इस मामले में गंभीरता नहीं दिखा रहे। कई मकानों में दरार आ गई है और सीमेंट उखड़ कर गिर रहा है। ऐसे ही चलता रहा तो यह मकान लोगों के रहने के लिए भी खतरा बन जाएंगे। - रामचंदर यादव, स्थानीय पार्षद


 
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