फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Condition of Advanced Pediatric Center of Chandigarh PGI is very critical

Chandigarh: पीजीआई के एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर की इमरजेंसी का हाल बेहाल, एक बेड पर भर्ती चार-चार बच्चे

Tue, 20 Sep 2022 03:10 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 20 Sep 2022 03:10 PM IST
सार

डॉक्टरों का कहना है कि वे चाहकर भी बच्चों को भर्ती करने से इन्कार नहीं कर सकते इसलिए ऐसी स्थिति उत्पन्न हो रही है। वहीं परिजनों को अपने बच्चों की सेहत की चिंता सता रही है।

विज्ञापन
Condition of Advanced Pediatric Center of Chandigarh PGI is very critical
पीजीआई में एक बेड पर भर्ती बच्चे। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चंडीगढ़ पीजीआई के एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर की स्थिति बेहद गंभीर है। यहां जिंदगी और मौत से जंग लड़ रहे बच्चों को इलाज के साथ बीमारी भी बांटी जा रही है। सेंटर की इमरजेंसी और नियोनेटल केयर यूनिट में एक-एक बेड पर तीन से चार बच्चों को भर्ती किया गया है। इससे उनमें क्रॉस इन्फेक्शन का खतरा है। यहां एक बच्चा दूसरे बच्चे को लात मार रहा है तो कोई किसी की ड्रिप खींच दे रहा है। हैरानी की बात है कि मानकों की अनदेखी कर बच्चों को गंभीर स्थिति में धकेलने का काम किया जा रहा है। वहीं यहां पर तैनात डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ चाहकर भी कुछ नहीं कर सकता।

विज्ञापन


गौरतलब है कि सेंटर में प्रतिदिन सैकड़ों बच्चों को इलाज दिया जा रहा है। इमरजेंसी से ओपीडी तक स्थिति ओवरफ्लो है। 20 बेड की इमरजेंसी में 70 से 80 बच्चों को भर्ती किया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि वे चाहकर भी बच्चों को भर्ती करने से इन्कार नहीं कर सकते इसलिए ऐसी स्थिति उत्पन्न हो रही है। वहीं परिजनों को अपने बच्चों की सेहत की चिंता सता रही है। हालांकि पीजीआई प्रशासन भी इस समस्या के समाधान के प्रयास में जुटा है लेकिन फिलहाल परिवर्तन होने में कुछ वक्त और लगेगा। 

विज्ञापन

क्रॉस इन्फेक्शन आप भी जान लें 

अस्पताल में इलाज के दौरान एक मरीज से दूसरे या उसके संपर्क में आने वाले लोगों को होने वाला संक्रमण क्रॉस इन्फेक्शन कहा जाता है। इस दौरान कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले व्यक्ति में संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

इनसे हो सकता है क्रॉस इन्फेक्शन

-चिकित्सा उपकरण
-खांसना और छींकना
-मानव संपर्क
-दूषित वस्तुओं को छूना
-गंदा बिस्तर
-लंबे समय तक कैथेटर 

क्रॉस इन्फेक्शन दे सकता है यह मर्ज 

दस्त, सेप्सिस, निमोनिया, डीहाइड्रेशन, मल्टीसिस्टम ऑर्गन फेल्योर के साथ कई मामलों में संक्रमण के कारण मौत भी होने का खतरा रहता है। 

मानक पर जरा गौर फरमाएं

मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया और डब्ल्यूएचओ की गाइडलाइन के अनुसार अस्पताल के वार्ड में भर्ती मरीजों के बेड कम से कम छह फीट की दूरी पर होने चाहिएं ताकि उनके खांसने, छींकने से वहां मौजूद दूसरे मरीज को संक्रमण का खतरा न हो। वहीं, एचआईवी पॉजिटिव, हैपेटाइटिस या सेप्टिसीमिया के मामलों में मरीज से वार्ड के दूसरे मरीजों, परिजनों या स्टाफ को संक्रमण न हो सके। 



पीजीआई में निर्माणाधीन मदर चाइल्ड यूनिट के साथ यूटी प्रशासन के अंतर्गत भी दो अस्पतालों में 600 बेड का अलग यूनिट बनाया जाना है। इससे बच्चों के इलाज में आ रही ऐसी समस्याओं को कम करने में काफी हद तक मदद मिलेगी। पीजीआई का संगरूर सेटेलाइट सेंटर शीघ्र ही पूरी तरह काम करने लगेगा। इससे भी लाभ मिलेगा। इस समस्या के समाधान में आसपास के राज्यों को भी मददगार की भूमिका में आना होगा। रेफर मामलों पर जब तक मानक नहीं तय किए जाते तब तक पीजीआई में मरीजों का दबाव कम नहीं होगा।  -कुमार गौरव, डीडीए व प्रवक्ता पीजीआई 

ऐसी स्थिति में एक बेड पर भर्ती सभी बच्चों को क्रॉस इन्फेक्शन हो सकता है। इमरजेंसी, एसएनसीयू जैसी यूनिटों में इसका पालन गंभीरता से होना बेहद जरूरी है क्योंकि संक्रमण के इलाज के लिए भर्ती गंभीर बच्चा अन्य संक्रमण की चपेट में आसानी से आ सकता है।  -डॉ. आरएस बेदी, बाल रोग विशेषज्ञ व वर्ल्ड मेडिकल एसोसिएशन के सलाहकार
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed