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कॉमनवेल्थ पदक विजेताओं और सरकार में ठनी, खिलाड़ी बोले- सम्मान समारोह का बहिष्कार करेंगे
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 26 Apr 2018 10:37 AM IST
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Haryana Health Minister Anil Vij
- फोटो : File Photo
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कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों और हरियाणा सरकार में ठन गई है। प्लेयर्स ने सम्मान समारोह का बहिष्कार करने की धमकी है। इसके चलते सम्मान समारोह रद्द कर दिया गया है। मामला खिलाड़ियों को दी जाने वाली पुरस्कार राशि है। हरियाणा के 22 पदक विजेता खिलाड़ियों में से 11 ने हरियाणा सरकार के पुरस्कार राशि वितरण संबंधी फैसले पर कड़ी आपत्ति जताते हुए होने वाले राज्यस्तरीय खिलाड़ी सम्मान समारोह का बहिष्कार करने की धमकी दी थी।
धमकी के बाद सरकार पहले तो इन खिलाड़ियों को मनाने का प्रयास करती रही, लेकिन खिलाड़ियों के अड़ियल रवैये को देखते हुए इस समारोह को ही रद्द करने का फैसला लिया है। यह सम्मान समारोह भविष्य में होगा या नहीं, इस बात भी पूरी संशय बना हुआ है। यह पुरस्कार वितरण समारोह 26 अप्रैल को पंचकूला में होने वाला था, जिसमें गवर्नर प्रोफेसर कप्तान सिंह सोलंकी और मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कॉमनवेल्थ व अन्य अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में पदक विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार राशि वितरित करनी थी।
इस बात पर बिफरे पदक विजेता खिलाड़ी
हरियाणा सरकार अपनी खेल नीति के तहत उन पदक विजेता खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार देती है, जो मूल रूप से हरियाणा के निवासी हो और संबंधित खेल प्रतिस्पर्धाओं में उन्होंने हरियाणा का प्रतिनिधित्व किया हो। पिछले दिनों आस्ट्रेलिया केगोल्ड कोस्ट में आयोजित कॉमनवेल्थ खेलों में हरियाणा से ताल्लुक रखने वाले 22 खिलाड़ियों ने विभिन्न प्रतिस्पर्धाओं में मेडल जीते थे। इनमें से 13 खिलाड़ी ऐसे थे, जो हरियाणा के बजाए दूसरी एजेंसियों से खेले थे।
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मगर इसके बावजूद खेल नीति में विशेष प्रावधान कर यह शर्त लगाकर ऐसे खिलाड़ियों को भी पुरस्कार राशि देने को तैयार थी कि उन्हें हरियाणा की ओर से दी जाने वाली पुरस्कार राशि में से उतनी राशि काट ली जाएगी, जितनी राशि संबंधित एजेंसी से उन्हें सम्मान एवं पुरस्कार स्वरूप मिलेगी। मगर विभिन्न एजेंसियों से खेलने वाले 13 में से 11 खिलाड़ियों को सरकार की राशि काटने वाले निर्णय पर कड़ी आपत्ति है। इस निर्णय पर बॉक्सर मनोज कुमार, पहलवान साक्षी मलिक, बॉक्सर अमित पंघल, गौरव सोलंकी, पहलवान किरण बिश्नोई, नीरज चोपड़ा, विनेश फौगाट और बजरंग पुनिया समेत चार अन्य ने आपत्ति जताई है। ऐसे में सरकार को आशंका थी कि इन खिलाड़ियों के विरोध से कहीं समारोह में किसी प्रकार का विघ्न न पड़ जाए, इसलिए फिलहाल इस समारोह को ही रद्द कर दिया गया है।
आधे घंटे की मीटिंग में हुआ ये निर्णय
खेल मंत्री अनिल विज ने विभिन्न एजेंसियों से खेले इन खिलाड़ियों को विशेष प्रावधान कर पुरस्कार राशि देने की तैयारी कर ली थी। सरकार भी इस समारोह को लेकर खासी उत्साहित थी। लेकिन जब खिलाड़ियों के इस रवैया का खेल मंत्री को आभास हुआ तो बुधवार दोपहर को तुरंत सीएम मनोहर लाल से आपात बैठक की। जिसके बाद इस समारोह को ही रद्द करने का निर्णय लिया गया।
काम नहीं आया खेमका के प्रयास
हरियाणा के खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग के प्रधान सचिव अशोक खेमका ने भी खेल मंत्री अनिल विज के निर्देशों पर नाराजगी जता रहे सभी खिलाड़ियों से बातचीत कर उन्हें मनाने का प्रयास किया। लेकिन उनके प्रयास भी सफल नहीं हो पाए। खिलाड़ी अपनी जिद पर अड़े रहे। जिस पर खेमका ने खिलाड़ियों के रवैये की रिपोर्ट मंत्री अनिल विज को सौंप दी।
खेल पॉलिसी पर होगा पुनर्विचार, लटक सकती है राशि
सूत्रों के अनुसार खिलाड़ियों के इस रवैये से खासी नाराज है। जिसके चलते हरियाणा सरकार अब अपनी खेल पॉलिसी पर फिर से पुनर्विचार करने का मन बना रही है। इसके तहत हरियाणा से नहीं खेलने वाले खिलाड़ियों की पुरस्कार राशि नहीं देने का फैसला भी हो सकता है। दूसरा, इन खिलाड़ियों को अपनी राशि के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। क्योंकि सरकार विरोध करने वाले खिलाड़ियों के सामने कतई भी झुकने को तैयार नहीं है।
यह बहुत ही दुखद निर्णय है, लेकिन इस तरह से व्यवस्था खराब नहीं की जा सकती। हरियाणा के खिलाड़ियों में यह हीन भावना रहती थी कि उनकी पुरस्कार राशि विभिन्न एजेंसियों से खेलने वाले अन्य खिलाड़ियों से कम होती है। क्योंकि वे खिलाड़ी हरियाणा से भी नगद इनाम पा जाते थे और अपनी एजेंसी से भी। इसी हीन भावना को खत्म करने केलिए सरकार ने राशि काटकर सभी को बराबर राशि देने का फैसला लिया था। लेकिन खिलाड़ियों की मंशा को देखते हुए इस समारोह को रद करने का फैसला लेना पड़ा है। ये कब होगा, इस बारे में अभी कुछ नहीं कह सकता।
- अनिल विज, खेल एवं युवा मामले मंत्री, हरियाणा
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धमकी के बाद सरकार पहले तो इन खिलाड़ियों को मनाने का प्रयास करती रही, लेकिन खिलाड़ियों के अड़ियल रवैये को देखते हुए इस समारोह को ही रद्द करने का फैसला लिया है। यह सम्मान समारोह भविष्य में होगा या नहीं, इस बात भी पूरी संशय बना हुआ है। यह पुरस्कार वितरण समारोह 26 अप्रैल को पंचकूला में होने वाला था, जिसमें गवर्नर प्रोफेसर कप्तान सिंह सोलंकी और मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कॉमनवेल्थ व अन्य अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में पदक विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार राशि वितरित करनी थी।
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इस बात पर बिफरे पदक विजेता खिलाड़ी
हरियाणा सरकार अपनी खेल नीति के तहत उन पदक विजेता खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार देती है, जो मूल रूप से हरियाणा के निवासी हो और संबंधित खेल प्रतिस्पर्धाओं में उन्होंने हरियाणा का प्रतिनिधित्व किया हो। पिछले दिनों आस्ट्रेलिया केगोल्ड कोस्ट में आयोजित कॉमनवेल्थ खेलों में हरियाणा से ताल्लुक रखने वाले 22 खिलाड़ियों ने विभिन्न प्रतिस्पर्धाओं में मेडल जीते थे। इनमें से 13 खिलाड़ी ऐसे थे, जो हरियाणा के बजाए दूसरी एजेंसियों से खेले थे।
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मगर इसके बावजूद खेल नीति में विशेष प्रावधान कर यह शर्त लगाकर ऐसे खिलाड़ियों को भी पुरस्कार राशि देने को तैयार थी कि उन्हें हरियाणा की ओर से दी जाने वाली पुरस्कार राशि में से उतनी राशि काट ली जाएगी, जितनी राशि संबंधित एजेंसी से उन्हें सम्मान एवं पुरस्कार स्वरूप मिलेगी। मगर विभिन्न एजेंसियों से खेलने वाले 13 में से 11 खिलाड़ियों को सरकार की राशि काटने वाले निर्णय पर कड़ी आपत्ति है। इस निर्णय पर बॉक्सर मनोज कुमार, पहलवान साक्षी मलिक, बॉक्सर अमित पंघल, गौरव सोलंकी, पहलवान किरण बिश्नोई, नीरज चोपड़ा, विनेश फौगाट और बजरंग पुनिया समेत चार अन्य ने आपत्ति जताई है। ऐसे में सरकार को आशंका थी कि इन खिलाड़ियों के विरोध से कहीं समारोह में किसी प्रकार का विघ्न न पड़ जाए, इसलिए फिलहाल इस समारोह को ही रद्द कर दिया गया है।
आधे घंटे की मीटिंग में हुआ ये निर्णय
खेल मंत्री अनिल विज ने विभिन्न एजेंसियों से खेले इन खिलाड़ियों को विशेष प्रावधान कर पुरस्कार राशि देने की तैयारी कर ली थी। सरकार भी इस समारोह को लेकर खासी उत्साहित थी। लेकिन जब खिलाड़ियों के इस रवैया का खेल मंत्री को आभास हुआ तो बुधवार दोपहर को तुरंत सीएम मनोहर लाल से आपात बैठक की। जिसके बाद इस समारोह को ही रद्द करने का निर्णय लिया गया।
काम नहीं आया खेमका के प्रयास
हरियाणा के खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग के प्रधान सचिव अशोक खेमका ने भी खेल मंत्री अनिल विज के निर्देशों पर नाराजगी जता रहे सभी खिलाड़ियों से बातचीत कर उन्हें मनाने का प्रयास किया। लेकिन उनके प्रयास भी सफल नहीं हो पाए। खिलाड़ी अपनी जिद पर अड़े रहे। जिस पर खेमका ने खिलाड़ियों के रवैये की रिपोर्ट मंत्री अनिल विज को सौंप दी।
खेल पॉलिसी पर होगा पुनर्विचार, लटक सकती है राशि
सूत्रों के अनुसार खिलाड़ियों के इस रवैये से खासी नाराज है। जिसके चलते हरियाणा सरकार अब अपनी खेल पॉलिसी पर फिर से पुनर्विचार करने का मन बना रही है। इसके तहत हरियाणा से नहीं खेलने वाले खिलाड़ियों की पुरस्कार राशि नहीं देने का फैसला भी हो सकता है। दूसरा, इन खिलाड़ियों को अपनी राशि के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। क्योंकि सरकार विरोध करने वाले खिलाड़ियों के सामने कतई भी झुकने को तैयार नहीं है।
यह बहुत ही दुखद निर्णय है, लेकिन इस तरह से व्यवस्था खराब नहीं की जा सकती। हरियाणा के खिलाड़ियों में यह हीन भावना रहती थी कि उनकी पुरस्कार राशि विभिन्न एजेंसियों से खेलने वाले अन्य खिलाड़ियों से कम होती है। क्योंकि वे खिलाड़ी हरियाणा से भी नगद इनाम पा जाते थे और अपनी एजेंसी से भी। इसी हीन भावना को खत्म करने केलिए सरकार ने राशि काटकर सभी को बराबर राशि देने का फैसला लिया था। लेकिन खिलाड़ियों की मंशा को देखते हुए इस समारोह को रद करने का फैसला लेना पड़ा है। ये कब होगा, इस बारे में अभी कुछ नहीं कह सकता।
- अनिल विज, खेल एवं युवा मामले मंत्री, हरियाणा