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मेनका के दरबार में पहुंचेगी स्ट्रे डॉग्स के आतंक की गूंज

Sat, 28 Mar 2015 08:06 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 28 Mar 2015 08:06 PM IST
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committee formed on terror of street dogs

मेयर पूनम शर्मा ने स्ट्रे डॉग के आतंक पर डिटेल्स रिपोर्ट तैयार करने के लिए एक कमेटी गठित की। इस कमेटी में पार्षदों के अलावा अधिकारियों को भी शामिल किया गया है। यह कमेटी तीन दिन में रिपोर्ट सौंपेगी।

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केंद्रीय परिवार एवं बाल कल्याण मंत्री मेनका गांधी से टेलीफोन और ईमेल पर हुई बातचीत के बाद मेयर ने यह कमेटी बनाई है। कमेटी की रिपोर्ट को एक अप्रैल 2015 को नई दिल्ली में होने वाली बैठक में रखा जाएगा।
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100 स्ट्रे डॉग को लगाए एंटी रैबिज टीके
शुक्रवार को ही मनीमाजरा के शांति नगर, माड़ीवाला टाउन, पिपलीवाला टाउन व आसपास के इलाकों में कैंप लगाकर 100 स्ट्रे डॉग को एंटी रैबिज टीके लगाए गए।

मेयर पूनम शर्मा ने बताया कि महाराष्ट्र के यूडगीर की एसपीसीए के साथ नगर निगम ने एक एमओयू साइन किया है। यह संस्था एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) प्रोग्राम चलाएगी।
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छह अप्रैल 2015 से एसपीसीए यूडगीर सेक्टर-38 के अस्पताल में ऑपरेशन की शुरुआत करेगी और हर रोज 16 से 20 ऑपरेशन होंगे। मेयर पूनम शर्मा ने सभी एनजीओ से अपील की है कि स्ट्रे डॉग के आतंक को खत्म करने के लिए आगे आकर मदद करें। ।

गृह सचिव, निगम कमिश्नर और मेयर को नोटिस

committee formed on terror of street dogs

शहर में स्ट्रे डॉग्स के आतंक के मामले में एक मानवाधिकार संस्था के चेयरमैन और एडवोकेट अरविंद ठाकुर ने जिला अदालत में जनहित याचिका दायर की है। इस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने मेयर, गृह सचिव कम स्वास्थ्य सचिव यूटी और नगर निगम कमिश्नर को नोटिस जारी किया है। उनसे चार मई तक इस मामले में जवाब दायर करने को कहा गया है।

याचिका में अपील की गई है कि अदालत प्रतिवादी पक्ष को आदेश जारी करे कि कुत्तों का स्ट्रलाइजेशन प्रोग्राम शुरू किया जाए। इसके अलावा स्ट्रे डॉग्स को पकड़ कर उन्हें डॉग पॉन्ड में रखा जाए ताकि आम जनता कुत्तों के आतंक से बच सके।

साथ ही याचिका में प्रतिवादी पक्ष पर आरोप लगाया गया है कि स्ट्रे डॉग्स की रोकथाम के लिए शहर में कोई व्यवस्था नहीं है। प्रशासन के अधीन अस्पतालों में रैबिज की नवीनतम वैक्सीनेशन ही नहीं है। इससे पीड़ित लोगों को निजी अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ता है। वैक्सीनेशन के लिए छह से आठ हजार रुपये तक लगते हैं।

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