अमर उजाला संवाद 2023: मल्लिका दुआ ने दिया खुश रहने का मंत्र, बोलीं- फोन रखकर बाहर निकलो, बातें करो
मल्लिका ने कहा कि उनके पिता विनोद दुआ ने उनके करियर में सीधे भले न मदद की हो लेकिन अप्रत्यक्ष रूप से बहुत मदद की है। कोई कहे कि वह सेल्फ मेड है तो वो शायद पूरा सच नहीं होता। कॉमेडी भले खुद सीखी है लेकिन उसे करने का कॉन्फिडेंस माता-पिता से ही मिला है।
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सोशल मीडिया स्टार, अभिनेत्री और कॉमेडियन मल्लिका दुआ ने अमर उजाला संवाद 2023 में खुश रहने का मंत्र दिया। एक विशेष सत्र में उन्होंने सोशल मीडिया, कॉमेडी, अपने पिता एवं वरिष्ठ पत्रकार विनोद दुआ और तमाम मुद्दों पर खुलकर बात की। मल्लिका ने कहा कि वो खुद को सेल्फ मेड नहीं कह सकतीं, क्योंकि उनमें जो कॉन्फिडेंस हैं वो पिता से मिला है। उनका बहुत सहयोग रहा है। दुआ ने कहा कि खुश रहने के लिए लोगों को फोन से थोड़ी दूरी बनानी चाहिए। बाहर निकलना चाहिए। दोस्तों से मिले, बात करें।
मल्लिका ने कहा कि उनके पिता विनोद दुआ ने उनके करियर में सीधे भले न मदद की हो लेकिन अप्रत्यक्ष रूप से बहुत मदद की है। कोई कहे कि वह सेल्फ मेड है तो वो शायद पूरा सच नहीं होता। कॉमेडी भले खुद सीखी है लेकिन उसे करने का कॉन्फिडेंस माता-पिता से ही मिला है। मल्लिका ने कहा कि परिवार का उन्हें पूरा सहयोग मिला, तभी अपने सपने को पूरा कर पाई।
मल्लिका ने कहा कि डिजिटल कंटेंट क्रिएशन की दुनिया में रोज कुछ न कुछ वायरल होता है, लोग प्रसिद्ध होते हैं। ऐसे में एक मुकाम हासिल कर सफर को उसी जोश के साथ बरकरार रखना एक चुनौती है। इसलिए अपने करियर को स्प्रिंटर नहीं, मैराथन की दौड़ की तरह देखें। रोज अपनी क्षमताओं को बढ़ाने पर काम करना जरूरी है।
कहा कि वो चाहती हैं कि भले ही करोड़ों लोग न जाने-पहचाने लेकिन जो भी याद करे तो चेहरे पर हंसी आ जाए। अपने पिता को लेकर कहा कि वो काम में बहुत गंभीर थे लेकिन वैसे बहुत मजाकिया थे। पिता के साथ का वीडियो टिडी टॉक्स काफी पसंद किया गया। वो बहुत वरिष्ठ पत्रकार थे लेकिन उन्होंने कभी मजाकिया वीडियो बनाने में शर्म नहीं की।
ऐसे शुरू हुआ मल्लिका का मनोरंजन का सफर
अपने कंटेंट क्रिएशन के सफर के बारे में मल्लिका ने कहा कि बचपन से ही कीड़ा था। पढ़ाई में ज्यादा नंबर नहीं आते थे। साइंस में तो हाथ बहुत टाइट था। मॉ डॉक्टर हैं लेकिन उनकी इंटेलीजेंस नहीं मिली। ये सुनते ही हॉल में मौजूद लोगों ने खूब ठहाके लगाए। मल्लिका ने कहा कि वह क्लासरूम से स्टेज, स्टेज से टीवी और फिर मोबाइल पर देखी जाने लगीं।
गणित, विज्ञान में कभी अच्छे अंक नहीं आते थे तो अध्यापकों की डांट सुननी पड़ती थी। उसी डांट की उदासी को दूर करने के लिए दोस्तों के सामने अध्यापकों की नकल किया करती थी। बस यहीं से लोगों का मनोरंजन करना शुरू हुआ। मल्लिका ने कहा कि किसी भी वीडियो बनाने से पहले वह ज्यादा स्क्रिप्टिंग के चक्कर में नहीं पड़ती हैं, जो अचानक होता है, वो सोशल मीडिया पर ज्यादा चलता है।
इंटरनेट ऐसा माध्यम है, जहां लोग अनफिल्टर देखना पसंद करते हैं जैसे वो खुद हैं। कहा कि वह काम का ज्यादा लोड नहीं लेतीं। वो जितना काम करती हैं, उससे दोगुना आराम करती हैं। जब काम करने का मन नहीं होता तो नहीं करती हैं। उसके बजाय खाना बना लिया। घर सजा लिया। परिवार के साथ समय बिताती हैं। ज्यादा गंभीर रहने का कोई फायदा नहीं।
एआई जिस तरह से आगे बढ़ रहा, मुझे डर है संभालेंगे कैसेः दुआ
मल्लिका ने सोशल मीडिया की चुनौतियों पर भी बातचीत की। कहा कि ऑनलाइन जो हो रहा है, उसे देखकर काफी डर लग रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से क्या-क्या हो रहा है, ये खतरनाक है। शक्लें बदल रही हैं। पता नहीं इसे कौन संभालेगा। ये ऐसा जैसे, बंदर के हाथ में उस्तरा दे दिया है। इससे बचने का कोई तरीका भी नहीं है।
मल्लिका ने कहा कि मिस इंफॉर्मेशन सदियों से हो रहा है। हमें थोड़ा समय इंटरनेट से दूर भी बिताना चाहिए। मैं फोन से थोड़ा दूर रहने की कभी-कभी कोशिश करती हूं, क्योंकि दिनभर स्क्रॉल करते रहने की आदत बहुत खराब है। कहा कि लोगों को एक्सरसाइज करनी चाहिए। नींद बहुत जरूरी है। कॉमेडी बहुत जरूरी है। पंजाब ने कई स्टार दिए हैं। खुद का ख्याल रखें, फोन से थोड़ा दूर रहें।