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कॉलेजों को देना होगा उपभोग प्रमाण पत्र
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चंडीगढ़। इंटर कॉलेज, स्नातक कॉलेज और परास्नातक स्तर के सभी कॉलेजों को खर्चे के लिए सरकार से मिलने वाली रकम का पूरा हिसाब-किताब देना होगा। इसके साथ ही यह बहुत जरूरी कर दिया गया है कि खर्च की गई रकम के लिए उपभोग प्रमाण पत्र देना अनिवार्य होगा। अगर किसी तरह की गड़बड़ी हुई तो जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई भी होगी। अब कॉलेज अपनी ओर से खर्च की गई रकम का हिसाब लगाने में जुटे हुए हैं।
बता दें कि सीनियर सेकेंडरी सरकारी कॉलेजों के अलावा स्नातक और परास्नातक की पढ़ाई कराने वाले सरकारी कॉलेजों को केंद्र सरकार की ओर से रकम मिलती है। यह रकम कॉलेजों में विद्यार्थियों की सुविधाओं पर खर्च की जाती है। खर्च होने वाली रकम हर साल मार्च तक पूरी करनी होती है। इसके बाद केंद्र सरकार की ओर से कॉलेजों को फिर से नया बजट मिल जाता है। सूत्रों का कहना है कि इस बार कॉलेजों को खर्च रकम का हिसाब-किताब देने के साथ-साथ जिस काम के लिए रकम खर्च की गई है उसका उपभोग प्रमाण पत्र भी देना होगा। इसमें लिखना होगा कि पूरी रकम का सदुपयोग हुआ है, गड़बड़ी की कोई आशंका नहीं है। यह प्रमाण पत्र देने के बाद सरकार विशेष ऑडिट आदि करवा सकती है। इसमें गड़बड़ी मिलने पर जिम्मेदार के खिलाफ कार्रवाई करने का प्रावधान भी है।
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बता दें कि सीनियर सेकेंडरी सरकारी कॉलेजों के अलावा स्नातक और परास्नातक की पढ़ाई कराने वाले सरकारी कॉलेजों को केंद्र सरकार की ओर से रकम मिलती है। यह रकम कॉलेजों में विद्यार्थियों की सुविधाओं पर खर्च की जाती है। खर्च होने वाली रकम हर साल मार्च तक पूरी करनी होती है। इसके बाद केंद्र सरकार की ओर से कॉलेजों को फिर से नया बजट मिल जाता है। सूत्रों का कहना है कि इस बार कॉलेजों को खर्च रकम का हिसाब-किताब देने के साथ-साथ जिस काम के लिए रकम खर्च की गई है उसका उपभोग प्रमाण पत्र भी देना होगा। इसमें लिखना होगा कि पूरी रकम का सदुपयोग हुआ है, गड़बड़ी की कोई आशंका नहीं है। यह प्रमाण पत्र देने के बाद सरकार विशेष ऑडिट आदि करवा सकती है। इसमें गड़बड़ी मिलने पर जिम्मेदार के खिलाफ कार्रवाई करने का प्रावधान भी है।
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