फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Collector Rates will Low in Industrial Area

इंडस्ट्रियल एरिया में ही कम होंगे कलेक्टर रेट

Wed, 24 Sep 2014 04:29 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 24 Sep 2014 04:29 PM IST
विज्ञापन
Collector Rates will Low in Industrial Area

चंडीगढ़ में सिर्फ इंडस्ट्रियल एरिया में ही कलेक्टर रेट कम होंगे। यूटी प्रशासन ने शहर के व्यापारियों की मांग को दरकिनार करते हुए ये फैसला लिया है। यूटी के व्यापारी कई दिनों से प्रशासन से शहर के बाजारों में बने शोरूम के कलेक्टर रेट कम करने की मांग कर रहे थे। व्यापारियों और उद्योगपतियों के साथ हुई बैठक के बाद अब सिर्फ इंडस्ट्रियल एरिया के कलेक्टर रेट 15 फीसदी तक कमी किए जाने की उम्मीद है। जल्द ही इस संबंध में अधिसूचना भी जारी कर दी जाएगी। इससे उद्योगपतियों को तो राहत मिल जाएगी, लेकिन व्यापारियों की मांग अधूरी ही रह जाएगी। अभी इंडस्ट्रियल एरिया फेज-एक और दो में कलेक्टर रेट 82,368 रुपये प्रति वर्ग गज हैं। यूटी में कलेक्टर रेट के संबंध में हाल ही में चंडीगढ़ के उपायुक्त मोहम्मद शाइन ने शहर के उद्योगपतियों और व्यापारियों के साथ बैठक की थी।

विज्ञापन


इसमें उद्योगपतियों और व्यापारियों ने इस साल कलेक्टर रेट न बढ़ाने की मांग दोहराई थी। उद्योगपतियों का कहना है कि इंडस्ट्रियल एरिया में कन्वर्टेड प्लॉट्स के कलेक्टर रेट मार्केट रेट से दोगुना हैं। पिछले दो सालों में कलेक्टर रेट बढ़ने से प्रशासन को भी घाटा हुआ है। व्यापारियों और उद्योगपतियों की मांग पर वित्त सचिव सर्वजीत सिंह ने उपायुक्त से कलेक्टर रेट कम करने पर विचार करने के लिए कहा था।
विज्ञापन


यूटी के उपायुक्त मोहम्मद शाइन ने कहा कि फिलहाल सिर्फ इंडस्ट्रियल एरिया में ही कलेक्टर रेट कम करने पर विचार हो रहा है। प्रॉपर्टी फेडरेशन एसोसिएशन के अध्यक्ष कमलजीत सिंह पंछी ने कहा कि शहर की कॉमर्शियल और रिहायशी प्रॉपर्टी का कलेक्टर रेट प्रॉपर्टी के मौजूदा रेट से दोगुना है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सिर्फ इंडस्ट्रियल एरिया में ही रेट कम नहीं करने चाहिए। शहर की रिहायशी और कॉमर्शियल प्रॉपर्टी के रेट कम होने से प्रशासन का राजस्व भी बढ़ेगा। ध्यान रहे कि यूटी प्रशासन ने पिछले साल कलेक्टर रेट 50 फीसदी तक बढ़ाए थे। इससे शहर में प्रॉपर्टी का कारोबार ठप हो गया और राजस्व भी कम मिला।


वर्ष 2012 में भी कलेक्टर रेट 10 फीसदी तक बढ़ाए गए थे। ऐसे में चंडीगढ़ में पिछले दो सालों में कलेक्टर रेट 60 फीसदी तक बढ़ा दिए गए हैं। अब व्यापारी और उद्योगपति चाहते हैं कि कलेक्टर रेट में 40 से 50 फीसदी तक कमी की जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed