सीएम बोले- हर विधानसभा को मिलेंगे 80 करोड़, आबादी और क्षेत्रफल के अनुसार पंचायतों को मिलेगी राशि
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अब पंचायतों को विकास कार्यों के लिए सरकारी बजट का मुंह नहीं ताकना पड़ेगा। राज्य सरकार सभी विधानसभाओं को 80 करोड़ रुपये की राशि देगी। विधानसभा में स्थित पंचायतों की आबादी और क्षेत्रफल के अनुसार उन्हें राशि आवंटित कर दी जाएगी। इसके बाद छोटी सरकार यानी पंचायतें तय करेंगी कि कौन से विकास कार्य होने हैं। यह व्यवस्था एक अप्रैल से शुरू हो जाएगी। काछवा में एक सभा के दौरान मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इसकी घोषणा की।
सीएम मनोहर लाल ने कहा कि ‘अब पंचायतों और निकायों के लिए सालाना बजट को निश्चित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि ये अच्छा नहीं है कि जहां कोई नेता जाए, हर बार एक पर्चा उठाकर स्थानीय खड़े हो जाते हैं। हमारे गांव में ये काम करवाकर जाओ, वो काम करवाओ। आज भी काछवा सरपंच ने एक पर्चा दिया है, गलियां बनवा दो।
हरियाणा में अब ये नहीं होगा कि हर कोई हमसे काम के लिए कहता रहा। हम तो पैसा दे देंगे। काम खुद करवाने होंगे। पंचायत अपने पंचों के साथ बैठे। तय करे कि हमारे पास साल में इतने पैसे हैं, इससे गांव कि गली, नाली बनाना और क्या-क्या बनवाना है। गांव प्रदेश की सबसे छोटी सरकार है। हर विधानसभा में 80 करोड़ रुपये दिया जाएगा।
आबादी व क्षेत्र के हिसाब से हर गांव को बजट मिलेगा। सीएम ने कहा कि हमने भरोसा किया है। यदि काम नहीं होते और पंचायत पैसे नहीं लगाती तो उन्हें पकडे़गी जनता। यदि कोई पंचायत चाहे तो गांव में किसी योजना के तहत ग्रामीणों के सहयोग से बजट इकट्ठा कर सकती है। सीएम ने कहा कि पंचायत की तर्ज पर ही प्रत्येक जिले में जिला परिषद को 25 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इसी तर्ज पर नगर निगम, नगर परिषद, नगर पालिका को भी विकास के लिए अतिरिक्त बजट दिया गया है।
हर साल 50 हजार युवाओं को मिलेगी नौकरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 5 वर्षों में 80 हजार युवाओं को रोजगार दिया। अब हर साल 50 हजार युवाओं को नौकरी दी जाएगी। इनमें केंद्र व प्रदेश की योजनाओं को शामिल कर पूरा किया जाएगा। दो वर्षों में करीब 1 लाख युवाओं को रोजगार दिया जाएगा।
प्रदेश में 1000 वेलनेस सेंटर बनाए जाएंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि पांच वर्ष पहले 1000 व्यायाम शालाएं खोली गई थी। अब प्रदेश में 1000 वेलनेस सेंटर बनाए जाएंगे, जहां पर एक जिम्मेदार की ड्यूटी लगाई जाएगी। जो वहां पर आने वाले आम आदमी को खान-पान, रहन-सहन और आयुर्वेदिक दवाइयों को खाने के तरीके के बारे में जानकारी देगा, ताकि बीमारियों से बचाया जा सके।
सीएम बोले- जात-बिरादरी छोड़ा, गांव में एक श्मशान हो
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पिछले वर्षों में सरकार ने प्रत्येक गांव में एक श्मशान घाट को विकसित किया है, इस पर 750 करोड़ रुपये खर्च आया है। उन्होंने लोगों से अनुरोध किया कि श्मशान हर व्यक्ति का आखिरी रास्ता है। इसमें जाति-बिरादरी को शामिल नहीं करना चाहिए, बल्कि गांव में एक ही श्मशान घाट बनाएं।