हरियाणाः सीएम मनोहर लाल से पांचों मेयर ने की मुलाकात, आगामी जीत के लिए दिए टिप्स
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हरियाणा के पांचों नगर निगमों में भगवा फहराने के बाद नव निर्वाचित मेयर को चंडीगढ़ में सीएम मनोहर लाल का आशीर्वाद तो मिल गया, साथ में विनम्रता का पाठ भी पढ़ना पड़ा। सीएम मनोहर लाल और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला ने अभिनंदन समारोह में मेयर को पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया। इसके बाद मनोहर और बराला की पाठशाला में मेयर को आने वाली चुनौतियों से निपटने के टिप्स देने के साथ ही कामकाज का तरीका समझाया गया।
पांचों मेयर की सीएम और प्रदेशाध्यक्ष के साथ सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर को लेकर भी मंत्रणा हुई है। इसमें सर्व सम्मति से चयन करने का निर्णय लिया है। निगमों से संबंधित जिलों के प्रभारी मंत्री सभी पार्षदों के साथ मेयर की मौजूदगी में इसे लेकर चर्चा करेंगे। जिन नामों को ज्यादा पार्षदों का समर्थन होगा, उन्हें सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के पद से नवाजा जाएगा।
अनेक पार्षद जीत दर्ज करने के बाद गुरुवार को यह पद झटकने की लॉबिंग करने के लिए ही अपने-अपने आकाओं के साथ चंडीगढ़ में देखे गए। पार्षदों के समर्थन के अलावा पार्टी नेतृत्व की पसंद भी काफी मायने रखेगी। सभी मेयर को सीएम व बराला ने साफ समझा दिया है कि यह प्रदर्शन आगामी चुनावों में भी बरकरार रहना चाहिए। इस मौके पर परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार, प्रदेश संगठन महामंत्री सुरेश भट्ट, असंध के विधायक बख्शीश सिंह विर्क, पानीपत (शहरी) से विधायक रोहिता रेवड़ी, पानीपत (ग्रामीण) के विधायक महिपाल ढांडा, घरौंडा के विधायक हरविंदर कल्याण, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार राजीव जैन मौजूद रहे।
जीत की गति लगातार बनी रहे : सीएम
सीएम मनोहर लाल ने मेयर और पार्षदों से कहा कि इस जीत को विनम्रतापूर्वक स्वीकार कीजिए। कई बार जीत के बाद शोरगुल ज्यादा होता है। बीजेपी की हमेशा से काम करने की शैली रही है इसलिए विनम्रता बरकरार रहनी चाहिए। हमारा काम जनता की सेवा करना है। आने वाले समय में जींद विधानसभा का उपचुनाव, लोकसभा और विधानसभा के चुनाव होंगे, उनमें भी जीत की गति लगातार बनी रहनी चाहिए।
इसके लिए विकास कार्यों को बिना किसी भेदभाव के समयबद्ध तरीके से करवाएं। नवनिर्वाचित मेयर और पार्षद बड़ी जीत के लिए बधाई के पात्र हैं। उन्हें पूरी जिम्मेदारी के साथ सरकार की सबका साथ, सबका विकास की नीति को आगे बढ़ाते हुए जनता की सेवा करनी है।
भाजपा के खिलाफ माहौल बनाने की हुई कोशिश
सीएम ने कहा कि चुनाव के समय भाजपा के खिलाफ कुछ माहौल बनाने की कोशिश की गई। ऐसा कहा गया कि दूसरे राज्यों में हाल ही में हुए चुनाव के परिणाम का असर इन चुनावों में देखने को मिलेगा। मगर, राजस्थान में कांग्रेस और भाजपा के वोट प्रतिशत का अंतर मात्र 0.5 था। मध्य प्रदेश में तो वोट का प्रतिशत भाजपा का अधिक था, लेकिन फिर भी एक ऐसा वातावरण बनाया गया कि यह निगम के चुनाव विधानसभा का सेमीफाइनल है।