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खट्टर का खुलासा, क्यों छोड़ी वकालत की पढ़ाई?

ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार Updated Thu, 02 Apr 2015 11:55 PM IST
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cm khattar disclose his past experince

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बार एसोसिएशन में पहुंचे सीएम मनोहर लाल खट्टर ने खुलासा किया कि उन्हें क्यों वकालत की पढ़ाई छोड़नी पड़ी।
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बार रूम में वकीलों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वे खुद भी वकालत करना चाहते थे। मगर एक पेपर में फेल हो जाने से उन्हें पढ़ाई छोड़नी पड़ी। उन्होंने कहा कि वे 19 पेपर तो पास कर गए थे...मगर ज्यूरी प्रोडेंट का पेपर उनसे पास नहीं हो पाया। सीएम खट्टर ने कहा कि यह ऐतिहासिक कोर्ट है जहां लाला लाजपत राय जैसी महान विभूति ने वकालत की है। यह तो साफ है कि यहां के वकील और वकालत सबसे आगे हैं।
मैं तो मुनीम हूं, खजाने के मालिक तो सीएम साहब : वित्त मंत्री

बार एसोसिएशन के प्रधान सुरेंद्र ढुल ने जब बार को लेकर मांग पत्र सौंपा तो वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने भाषण के दौरान इशारे में कहा, भाई मैं तो मुनीम हूं, खजाने के मालिक को सीएम साहब हैं। सीएम साहब के जैसे आदेश होंगे, मैं वैसे ही कर दूंगा। जब सीएम खट्टर की भाषण की बारी आई तो उन्होंने भी मुनीम और सेठ पर कहानी कह डाली। हालांकि उन्होंने उनकी सभी मांगों पर विचार कर पूरा करने का आश्वासन दिया।


बार में ई-लाइब्रेरी के लिए 51 लाख रुपये अनुदान की घोषणा भी की, मगर कहानी के जरिए यह कहा कि मुनीम और सेठ का खाता तो साझा है। खट्टर ने कहा कि उनकी पूरी सरकार एकजुट है, जिसमें हर मंत्री और विधायक एक साथ चल रहे हैं।

हिसार को तोहफा, वित्तमंत्री जल्द संभालेंगे कानून मंत्री का कार्यभार

बार रूम में संबोधन के दौरान सीएम ने कहा कि आपके वित्तमंत्री अब जल्द ही कानून मंत्री का कार्यभार भी संभालेंगे। उन्होंने कहा कि हमारे यहां व्यवस्थाओं की धज्जियां उड़ रही हैं। पिक एंड चूज की नीति चल रही थी। प्रदेश में इन सभी में सुधार लाने के लिए ई-गवर्नेंस जरूरी है। ई-गवर्नेंस से गुड गवर्नेंस लाने में सहायता मिलेगी।

बार एसोसिएशन ने मांत्र पत्र में रखीं ये मांगें

-13 सौ वकीलों के लिए चेंबर के लिए कंस्ट्रक्शन लैंड दी जाए
- चेंबर के पास कार पार्किंग बनाई जाए
- साउथ बाईपास बनने पर आउटर बाईपास से एंट्री गेट बने
- बार रूम को बड़ा करने के लिए पीछे पड़ी जमीन में निर्माण करने की।
- ई-लाइब्रेरी के लिए 51 लाख रुपये की अनुदान की।

ये रहे उपस्थित
इस मौके पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कमलकांत, जिला बार एसोसिएशन के प्रधान सुरेंद्र ढुल, सचिव अमित सैनी, एडवोकेट योगेश सिहाग, विनोद गोयत, संयुक्त नवीन धमीजा, निखिल गर्ग, जगबीर ढुल, नीरज चौधरी, कुलबीर जांगू, मोहित अरोड़ा, सचिन चुघ, धीरज मक्कड़, मोहित धमीजा, सुशील ज्याणी और वकील मौजूद थे।

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