सबको जिताना है, सीएम हुड्डा की प्रतिष्ठा दांव पर
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हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की प्रतिष्ठा इस लोकसभा चुनाव में दांव पर लगी है। नए घोड़ो को मैदान में उतारने के बाद हुड्डा को यह साबित करके दिखाना है कि उनका चयन सही था।
चार सीटों पर उन्होंने हाईकमान को जीत का दावा कर टिकट दिलवाए हैं, वहीं मौजूदा छह सांसदों को जिताकर पार्टी की नैया पार लगाने की जिम्मेदारी भी उन पर है। रोहतक में दीपेंद्र की सीट निकालने के लिए उन्होंने एड़ी चोटी का जोर लगा दिया है।
छह वर्तमान सांसदों को दिलाए हैं टिकट
कांग्रेस हाईकमान ने छह वर्तमान सांसदों- करनाल से अरविंद शर्मा, कुरुक्षेत्र से नवीन जिंदल, फरीदाबाद से अवतार भड़ाना, रोहतक से दीपेंद्र हुड्डा, सिरसा से अशोक तंवर और भिवानी से श्रुति चौधरी को टिकट दिए हैं।
सैलजा के किनारा करने के बाद अंबाला से राजकुमार वाल्मीकि, सोनीपत से जितेंद्र मलिक के इनकार करने के बाद जगबीर मलिक और गुड़गांव से राव इंद्रजीत के पार्टी छोड़ने के बाद राव धर्मपाल और हिसार से संपत सिंह को हुड्डा ने हाईकमान से टिकट यह कहकर दिलवाया है कि यह सीटें जीत कर दूंगा। लेकिन सीटों पर जीत इतनी आसान नहीं है।
अभी तक सभी प्रत्याशियां के नामांकन में पहुंच कर हुड्डा ने यह संदेश तो दिया है कि वे सभी को साथ लेकर चल रहे हैं, लेकिन चहेतों को अधिक समय देने के आरोप भी उन पर लग रहे हैं।
रोहतक का कर रहे सबसे ज्यादा दौरा
हरियाणा में कांग्रेस बहुत बढ़िया स्थिति में
अशोक तंवर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हरियाणा