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सीएम के निर्देश पर पंजाब पुलिस की बड़ी पहल, नशे की तस्करी की सूचना दो और ईनाम पाओ
Mon, 10 Jun 2019 01:25 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 10 Jun 2019 01:25 PM IST
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फाइल फोटो
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सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के निर्देश पर पंजाब पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत सरकारी मुलाजिमों और सूचना देने वालों के लिए पुरस्कार नीति तैयार की है। इसका मकसद नशे के खिलाफ मुहिम को और मजबूत बनाना है। सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह इस स्कीम के लिए गठित किए गए सलाहकार ग्रुप के प्रमुख हैं।
उन्होंने हाल ही में मीटिंग के दौरान विभाग को पुरस्कार नीति तैयार करने को कहा था, ताकि नशों के खात्मे में शामिल सभी लोगों को एनडीपीएस एक्ट के तहत नकद पुरस्कार देने की व्यवस्था की जा सके। नई नीति के तहत जिन लोगों की सूचना पर नशीले पदार्थ पकड़े जाएंगे या गैर कानूनी जायदादें जब्त होंगी, उन्हें नकद इनाम दिया जाएगा।
केंद्र व राज्य सरकार के अधिकारी व कर्मचारी, जोकि गैर कानूनी जायदादें जब्त करवाने में सफलता हासिल करेंगे या सफल मुकदमा चलाना यकीनी बनाएंगे, उन्हें भी पुरस्कार दिया जाएगा।
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उन्होंने हाल ही में मीटिंग के दौरान विभाग को पुरस्कार नीति तैयार करने को कहा था, ताकि नशों के खात्मे में शामिल सभी लोगों को एनडीपीएस एक्ट के तहत नकद पुरस्कार देने की व्यवस्था की जा सके। नई नीति के तहत जिन लोगों की सूचना पर नशीले पदार्थ पकड़े जाएंगे या गैर कानूनी जायदादें जब्त होंगी, उन्हें नकद इनाम दिया जाएगा।
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केंद्र व राज्य सरकार के अधिकारी व कर्मचारी, जोकि गैर कानूनी जायदादें जब्त करवाने में सफलता हासिल करेंगे या सफल मुकदमा चलाना यकीनी बनाएंगे, उन्हें भी पुरस्कार दिया जाएगा।
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कार्यालय प्रमुख की अगुवाई में हर जिले, यूनिट, विभाग की तीन सदस्यीय कमेटी निर्धारित दिशा-निर्देश के आधार पर मामलों का जायजा लेगी। फिर पुरस्कार देने के लिए एडीजीपी-एसटीएफ को अपनी सिफारिश भेजेगी। इन सिफारिशों की जांच एसटीएफ हेडक्वार्टर के अधिकारियों की एक कमेटी करेगी और फिर एडीजीपी-एसटीएफ को भेजेगी।
एडीजीपी सिर्फ साठ हजार रुपये तक के पुरस्कार की पुष्टि करेंगे। हालांकि सारी राशि के लिए डीजीपी ही अंतिम अथॉरिटी होंगे। नीति के तहत सरकारी अधिकारी व कर्मचारी पुरस्कार के 50 प्रतिशत तक के योग्य होंगे। इससे ज्यादा के पुरस्कार के लिए सिर्फ उन मामलों में विचार किया जाएगा, जिनमें खुद को निजी तौर पर भारी जोखिम में डाला गया हो या फिर बेमिसाल हौसला दिखाया गया हो।
एडीजीपी सिर्फ साठ हजार रुपये तक के पुरस्कार की पुष्टि करेंगे। हालांकि सारी राशि के लिए डीजीपी ही अंतिम अथॉरिटी होंगे। नीति के तहत सरकारी अधिकारी व कर्मचारी पुरस्कार के 50 प्रतिशत तक के योग्य होंगे। इससे ज्यादा के पुरस्कार के लिए सिर्फ उन मामलों में विचार किया जाएगा, जिनमें खुद को निजी तौर पर भारी जोखिम में डाला गया हो या फिर बेमिसाल हौसला दिखाया गया हो।