Punjab Budget Session: सीएम मान बोले- बिना NOC नियमित होंगी अवैध कालोनियां, मगर भविष्य में और नहीं बनने देंगे
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि हम सीबीआई और ईडी से डरने वाले नहीं हैं। निर्भय होकर लोगों की सेवा करते रहेंगे। लोकतंत्र की आवाज दबाने में केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग को सफल नहीं होने देंगे।
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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक बार फिर एलान किया है कि राज्य में सभी अवैध कालोनियों को नियमित किया जाएगा। इसके लिए लोगों को किसी प्रकार की एनओसी की जरूरत नहीं होगी। विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में पंजाब में कोई अवैध कालोनी बनने नहीं दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी को एक ही बार मौका देते हुए यह राहत दी जाएगी। इसके बाद कोई अवैध कॉलोनी नहीं बनने दी जाएगी। इस फैसले को लेकर अगले 10-15 दिनों में विधिवत घोषणा कर दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने गांवों में रहने वाली आबादी को भी बड़ी राहत दी है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार पहले ही राज्य के 5000 गांवों को संपत्ति की रजिस्ट्रेशन के लिए एनओसी से छूट दे चुकी है और अब जल्द ही इतने ही अन्य गांवों को भी छूट दी जाएगी।
लोगों की सुविधा के लिए अवैध कालोनियों को नियमित करने की प्रक्रिया को शुरू कर दिया गया है। भगवंत ने कहा कि हम महसूस कर सकते हैं कि किसी भी व्यक्ति के लिए अपना मकान बनाना कितना मुश्किल होता है। लोगों को धोखा देकर उन्हें अवैध प्लाट दे दिए जाते हैं। 'सरकार आपके द्वार' कार्यक्रम से लोगों को 40 नागरिक सेवाएं उनके घर द्वार पर दी जाएंगी। लोग एक फोन कॉल पर ये सुविधा ले सकेंगे।
कानून-व्यवस्था पर कांग्रेस-भाजपा को दिखाया आईना
कानून-व्यवस्था मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा नेताओं पर मुख्यमंत्री मान ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और भाजपा शासित कई राज्यों की तुलना में पंजाब की स्थिति कहीं बेहतर है। सरकार राज्य में कानून-व्यवस्था को बरकरार रखेगी और किसी को भी इसके साथ छेड़छाड़ की इजाजत नहीं दी जाएगी। आने वाले छह माह में पंजाब हर क्षेत्र में अपनी अलग पहचान स्थापित करेगा। रिवायती दलों को आड़े हाथ लेते हुए उन्होंने कहा कि इन पार्टियों ने टोल व रेत माफिया को बड़े स्तर पर बढ़ावा देकर राज्य के लोगों की पीठ में छुरा घोंपा है। हमने समय सीमा पूरी कर चुके टोल प्लाजा बंद कर किए। 50 सार्वजनिक रेत खदानें शुरू की हैं।
केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग को सफल नहीं होने देंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सीबीआई और ईडी से डरने वाले नहीं हैं। निर्भय होकर लोगों की सेवा करते रहेंगे। लोकतंत्र की आवाज दबाने में केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग को सफल नहीं होने देंगे। जिन्होंने आजादी से पहले अंग्रेजों के साथ मिलीभगत कर राज्य के बेकसूर लोगों को को गोलियों से मारा, अब आजादी के बाद नौजवानों को नशे की गोलियों से बर्बाद कर रहे हैं। ऐसे लोगों को सवाल करने का नैतिक हक नहीं है।
रिवायती पार्टियां मुझसे ईर्ष्या करती हैं
मुख्यमंत्री ने कहा कि रिवायती सियासी पार्टियां मुझसे ईर्ष्या करती हैं, क्योंकि उन्हें यह हजम नहीं हो रहा कि एक आम घर का बेटा राज्य को प्रभावशाली ढंग के साथ चला रहा है। इन पार्टियों के नेता गद्दार हैं, जो कभी भी पंजाब और इसके लोगों के वफादार नहीं रहे। जिन लोगों ने एसवाईएल समझौते पर दस्तखत किए, उनके हरियाणा में बड़े रिसॉर्ट हैं, जबकि चांदी की कस्सी के साथ काम करने वाले आज खुद को पानी का रक्षक कहते हैं।
भ्रष्ट नेताओं पर जारी रहेगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार के साथ कोई लिहाज न बरतने की नीति अपनाई है। राज्य के साथ धोखा करने वाले नेताओं के विरुद्ध कार्रवाई जारी रहेगी। भ्रष्ट नेताओं के विरुद्ध सख्त कार्रवाई से हमें कोई नहीं रोक सकता।
मेरे खून की हर बूंद राज्य के लिए समर्पितः मान
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सदन में कहा कि मेरे खून की हर बूंद राज्य की तरक्की, खुशहाली और शान्ति के लिए समर्पित है। राज्य की पुरानी शान बहाली के लिए मेरी सरकार दृढ़ रूप से वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि 75 साल में पहली बार राज्य की सत्ता जन-नेताओं को सौंपी गई है, जो लोगों की भलाई के लिए वचनबद्ध हैं। उन्होंने अफसोस प्रकट किया कि पहले यह बागडोर ऐसे लोगों के हाथों में थी, जो राज्य को लूटने में अंग्रेजों से भी आगे निकल गए। मान ने कहा कि हमारी सरकार हर पंजाबी और राज्य के सभी नागरिकों की सरकार है और राज्य की भलाई के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेगी।
सदन की कार्यवाही देखने विधानसभा पहुंची सीएम की पत्नी
मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर मंगलवार को पंजाब विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही देखने पहुंचीं। सदन के सदस्यों ने उनका स्वागत किया। गवर्नर लांज में बैठकर उन्होंने करीब डेढ़ घंटे तक सदन की कार्यवाही देखी, इस दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने करीब सवा घंटे के अपने संबोधन में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर सदन में जारी बहस को समाप्त किया।