विपक्ष पर बरसे मान: कहा- पंजाब के सरकारी अस्पतालों में मिलेगा विश्वस्तरीय मुफ्त इलाज, नॉलेज शेयरिंग समझौता ऐतिहासिक
भगवंत मान ने कहा कि दिल्ली में एक हजार सरकारी स्कूल हैं, जिनमें 18 लाख से ज्यादा बच्चे पढ़ते हैं। वहीं पंजाब के पास 19100 सरकारी स्कूल हैं, जिनमें 23 लाख बच्चे पढ़ते हैं।
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पंजाब के लोगों को सरकारी अस्पतालों में जल्द से जल्द विश्वस्तरीय मुफ्त इलाज मुहैया कराएंगे। यह एलान मंगलवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दिल्ली सरकार के साथ ज्ञान आदान-प्रदान समझौता के बाद किया। उन्होंने समझौते को पंजाब के लिए ऐतिहासिक करार दिया और कहा कि दिल्ली के पास जो जानकारियां हैं, उन्हें पंजाब में लागू करेंगे और जो पंजाब में खास है, उसे दिल्ली सरकार लागू कर लेगी।
एक वीडियो संदेश में मान ने कहा कि सबसे खास हैं, स्कूल और सरकारी अस्पताल। दिल्ली में सरकारी अस्पतालों में यह महसूस ही नहीं होता कि आप सरकारी अस्पताल में हैं। वहां के वार्ड आईसीयू वार्डों से बढ़िया हैं। सरकारी स्कूलों में एडवांस तकनीक से पढ़ाया जा रहा है। हम भी पंजाब के सरकारी स्कूलों को ऐसा बनाना चाहते हैं कि उनमें पढ़कर गरीबों के बच्चे बड़े अफसर बनें।
उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पताल, जिनमें हम आज जाने से डरते हैं, क्योंकि इन अस्पतालों में डॉक्टर और स्टाफ तो है लेकिन मशीनें नहीं हैं, लैब नहीं हैं। एमआरआई की मशीनों में कबूतरों ने घोंसले बना रखे हैं। इन सब को ठीक कर हम पंजाब के लोगों को जल्दी ही विश्वस्तरीय मुफ्त इलाज मुहैया कराएंगे।
ज्ञान के आदान-प्रदान से हम यह करके दिखाएंगे। दिल्ली सरकार ने यह काम करके दिखा दिया है। दिल्ली में एक हजार सरकारी स्कूल हैं, जिनमें 18 लाख से ज्यादा बच्चे पढ़ते हैं। वहीं पंजाब के पास 19100 सरकारी स्कूल हैं, जिनमें 23 लाख बच्चे पढ़ते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि विरोधी इस पर भी सवाल उठा रहे हैं कि दिल्ली क्यों चले गए? मान ने कहा कि पंजाब में जनता की चुनी हुई सरकार है। पंजाब में अगर कोई अच्छी चीज लाने के लिए हमें इटली भी जाना पड़ा तो चले जाएंगे।
विपक्ष पर जमकर बरसे मान
शिअद प्रधान सुखबीर बादल पर निशाना साधते हुए मान ने कहा कि जिस तरह के झूठे दस्तावेज जारी किए जा रहे हैं, वह शर्मनाक हैं। पंजाब की तरक्की होने दें। अगर आपने कुछ किया होता तो आपको आज यह दिन देखने न पड़ते। उन्होंने आगे कहा कि यह नॉलेज शेयरिंग डाक्यूमेंट हैं। इसे पढ़ने के लिए नॉलेज जरूरी है और थोड़ी जानकारी खतरनाक होती है।
विरोध के लिए विरोध न करें। आप भी पराली से बिजली बनाने के तकनीक लेने चीन गए थे, क्या तब पंजाब की सरकार चीन चला रहा था? इस्राइल गए थे, तब क्या इस्राइल पंजाब चला रहा था? मुख्यमंत्री बादल ने कनाडा में अंटारियो के साथ समझौता किया था, तब क्या पंजाब को अंटारियो चला रहा था? नेता प्रतिपक्ष प्रताप बाजवा के आरोप पर मान ने कहा कि बाजवा साहब आपके मुख्यमंत्री के घर साढ़े चार साल तक विदेशी मेहमान रहे, जो चीफ सेक्रेटरी लगाते रहे, एसएसपी और डीजीपी लगाते रहे और आप चिट्ठियां लिखते रह गए।
बाद में उनके साथ लंच-डिनर करते पाए गए, वह अलग बात है। कांग्रेस के पूर्व प्रधान नवजोत सिद्धू का आरोप कि अब तक आप सरकार ने बिजली समझौते रद्द क्यों नहीं किए, इसका जवाब देते हुए मान ने सिद्धू से सवाल किया- सिद्धू साहब, आपको बिजली मंत्री बनाया जा रहा था तब तो आप भाग गए। आप बिजली मंत्री बनकर समझौते रद्द कर देते। हम तो करेंगे और बहुत जल्दी करेंगे।