फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Clear the way for recovery from those who damage public property in Haryana

Haryana: हरियाणा में अब दंगाइयों से वसूली का रास्ता साफ, गृह विभाग ने अधिसूचित किए नियम

Wed, 14 Dec 2022 12:01 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Wed, 14 Dec 2022 12:01 AM IST
सार

दावे का आकलन करने वाले अभिकरण की भाषा अंग्रेजी में होगी, जबकि आवेदक हिंदी में अपने दस्तावेज दाखिल कर सकता है। अगर कोई व्यक्ति अभिकरण के समक्ष पेश होने में विफल रहता है तो उसे नोटिस प्रकाशित कर दोबारा बुलाया जाएगा। 

विज्ञापन
Clear the way for recovery from those who damage public property in Haryana
हरियाणा विधानसभा। - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)

विस्तार

हरियाणा में सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से क्षतिपूर्ति की वसूली का रास्ता साफ हो गया है। प्रदेश सरकार ने वसूली के लिए नियम अधिसूचित कर दिए हैं। हरियाणा लोक व्यवस्था में विघ्न के दौरान संपत्ति क्षति वसूली नियम, 2022 के तहत दंगाइयों, उपद्रवयिों से वसूली की जा सकेगी। हर्जाना राशि न देने पर कानून में संपत्ति कुर्क करने का प्रावधान भी किया गया है।

विज्ञापन


पूर्व राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य क्षति वसूली विधेयक को 2021 में मंजूरी दे चुके हैं। गृह विभाग ने अब जाकर बीते नौ दिसंबर को कानून के नियम अधिसूचित किए हैं। घटना के साठ दिन के भीतर पुलिस को जिला मजिस्ट्रेट को अपनी प्रथम सूचना रिपोर्ट सौंपनी होगी। रिपोर्ट के आधार मजिस्ट्रेट सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान के मुआवजे के लिए दावे मांगेंगे। 
विज्ञापन


साठ दिन के बाद रिपोर्ट मिलने पर मजिस्ट्रेट अगले 30 दिन में लोगों से दावे मांगने के लिए नोटिस जारी करेंगे। मुआवजे का दावा पीड़ित व्यक्ति स्वयं या कानूनी प्रतिनिधि के जरिये मजिस्ट्रेट के समक्ष कर सकता है। दावे पर स्वतंत्र मूल्यांकन अभिकरण सात दिन में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


दावा पेश करने में अगर कोई चूक जाता है तो जिला मजिस्ट्रेट पीड़ित के पर्याप्त कारण बताने पर एक बार 15 दिन के लिए देरी को माफ कर सकते हैं। आवेदक को मुआवजा दावे के आवेदन के साथ पांच सौ रुपये का शुल्क डिमांड ड्राफ्ट या पोस्टल ऑर्डर के जरिये होगा। जिला मजिस्ट्रेट 20 दिन में अपनी रिपोर्ट देंगे।


दावे का आकलन करने वाले अभिकरण की भाषा अंग्रेजी में होगी, जबकि आवेदक हिंदी में अपने दस्तावेज दाखिल कर सकता है। अगर कोई व्यक्ति अभिकरण के समक्ष पेश होने में विफल रहता है तो उसे नोटिस प्रकाशित कर दोबारा बुलाया जाएगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed