{"_id":"5bd929d7bdec226939028631","slug":"clash-in-nagar-nigam-meeting-revolt-in-chandigarh-bjp","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"चंडीगढ़ः नगर निगम सदन में भाजपा पार्षदों ने ही घेर लिया मेयर को, जमकर हुआ हंगामा, लगे आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंडीगढ़ः नगर निगम सदन में भाजपा पार्षदों ने ही घेर लिया मेयर को, जमकर हुआ हंगामा, लगे आरोप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 31 Oct 2018 09:38 AM IST
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नगर निगम की बैठक
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नगर निगम सदन की बैठक में चंडीगढ़ भाजपा की गुटबाजी खुलकर सामने आ गई। संजय टंडन और सांसद किरण खेर गुट के पार्षदों के बीच जमकर कहासुनी हुई। इस दौरान भाजपा के पार्षदों ने अपनी ही पार्टी के मेयर देवेश मोदगिल का घेराव करते हुए जमकर हंगामा किया। टंडन गुट के पार्षदों ने मेयर पर अपने वार्ड के विकास प्रस्ताव रोकने का आरोप लगाया। भाजपा पार्षद डेढ़ घंटे तक अपनी सीटें छोड़कर मेयर के सामने खड़े रोष प्रकट करते हुए लगातार बहस करते रहे जबकि भाजपा पार्टी खुद को अनुशासित पार्टी कहती है।
इस दौरान सांसद किरण खेर गुट के पार्षदों ने मेयर का बचाव करते हुए टंडन गुट के पार्षदों से जमकर बहस की। अंत में मामला शांत करवाने के लिए मनोनीत पार्षद अजय दत्ता सामने आए और दोनों गुटों के पार्षदों को अपनी-अपनी सीट पर भेजा। वहीं, कांग्रेस पार्टी के पार्षद भाजपा की गुटबाजी को देखकर मुस्कुराते रहे। टंडन गुट के पार्षदों ने कहा कि पिछले माह होने वाली सदन की बैठक में डोर टु डोर गारबेज इकट्ठा करने और व्यवस्था में सुधार करने के लिए जो ट्रालियां खरीदने का फैसला हुआ था वह सैद्धांतिक तौर पर हुआ था जबकि इस पर डिटेल एजेंडा अधिकारियों को लाना था लेकिन अधिकारी अपने आप ही ट्रालियां खरीदने की तैयारी में लग गए।
इस पर खेर गुट के पार्षदों ने कहा कि अधिकारियों को व्यवस्था में सुधार करने के लिए कदम उठाने को कह दिया गया था। ऐसे में अंत में यह निर्णय हुआ कि 250 ट्रालियां खरीदने का प्रस्ताव अब अगले सदन की बैठक में आएगा। ऐसे में जो नगर निगम की ट्रालियां लगाकर शहर से डोर टु डोर सूखा और गीला कचरा अलग-अलग इकट्ठा करने की योजना थी अब वह आगे टल गई है जबकि डोर टु डोर गारबेज कलेक्शन सोसाइटी भी शुरू से यही चाहती है ताकि कचरे का सिस्टम उनके हाथ में रहे। मालूम हो कि पिछले माह जब नगर निगम ने अस्थायी तौर पर ट्रालियां लगाई थी तो कलेक्टरों ने 22 दिन तक शहर में हड़ताल रखी थी।
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इस दौरान सांसद किरण खेर गुट के पार्षदों ने मेयर का बचाव करते हुए टंडन गुट के पार्षदों से जमकर बहस की। अंत में मामला शांत करवाने के लिए मनोनीत पार्षद अजय दत्ता सामने आए और दोनों गुटों के पार्षदों को अपनी-अपनी सीट पर भेजा। वहीं, कांग्रेस पार्टी के पार्षद भाजपा की गुटबाजी को देखकर मुस्कुराते रहे। टंडन गुट के पार्षदों ने कहा कि पिछले माह होने वाली सदन की बैठक में डोर टु डोर गारबेज इकट्ठा करने और व्यवस्था में सुधार करने के लिए जो ट्रालियां खरीदने का फैसला हुआ था वह सैद्धांतिक तौर पर हुआ था जबकि इस पर डिटेल एजेंडा अधिकारियों को लाना था लेकिन अधिकारी अपने आप ही ट्रालियां खरीदने की तैयारी में लग गए।
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इस पर खेर गुट के पार्षदों ने कहा कि अधिकारियों को व्यवस्था में सुधार करने के लिए कदम उठाने को कह दिया गया था। ऐसे में अंत में यह निर्णय हुआ कि 250 ट्रालियां खरीदने का प्रस्ताव अब अगले सदन की बैठक में आएगा। ऐसे में जो नगर निगम की ट्रालियां लगाकर शहर से डोर टु डोर सूखा और गीला कचरा अलग-अलग इकट्ठा करने की योजना थी अब वह आगे टल गई है जबकि डोर टु डोर गारबेज कलेक्शन सोसाइटी भी शुरू से यही चाहती है ताकि कचरे का सिस्टम उनके हाथ में रहे। मालूम हो कि पिछले माह जब नगर निगम ने अस्थायी तौर पर ट्रालियां लगाई थी तो कलेक्टरों ने 22 दिन तक शहर में हड़ताल रखी थी।
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वार्ड में आ रहे गंदे पानी को सदन में गिराया
भाजपा पार्षद चंद्रवती शुक्ला अपने एरिया सेक्टर-52 में आ रहे गंदे पानी की सप्लाई की बोतलें भर कर लाई थीं। शुक्ला ने गंदे पानी की सप्लाई पर जमकर हंगामा किया। जब पार्षदों ने मेयर को घेर रखा था तब चंद्रवती शुक्ला ने दो बार बोतल से गंदे पानी को सदन में गिराया। इससे कारपेट पर निशान भी पड़ गए हैं। शुक्ला की इस हरकत पर कमिश्नर केके यादव ने एतराज जताते हुए कहा कि इस सदन का निर्माण लोगों के पैसे से हुआ है।
ऐसे में जो सदन की प्रापर्टी को नुकसान पहुंचा जा रहा है, उस पर सदन को सोचना चाहिए। कमिश्नर ने कहा कि ऐसा करने से सदन की मर्यादा और गरिमा पर सवाल उठता है। इस पर पूर्व मेयर अरुण सूद ने कहा कि पिछली बैठक में उस समय क्यों नहीं कोई बोला जब पूर्व मेयर राज बाला मलिक ने उनके (सूद) लिए ‘भोंकता’ शब्द का प्रयोग किया था। क्या उस समय सदन की गरिमा तार-तार नहीं हुई थी।
चंद्रवती शुक्ला डेढ़ घंटे तक गंदे पानी की सप्लाई का मामला उठाती रहीं। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल से एरिया में गंदे पानी की सप्लाई आ रही है। अंत में यह निर्णय हुआ कि जो एरिया में अवैध मोटरें सीधा पाइपलाइन के साथ अटैच की गई हैं, उन्हें हटाया जाएगा। सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर संजय अरोड़ा ने कहा कि यहां पर पाइपलाइन के साथ मोटरें जोड़ी हुई हैं। जब पानी की सप्लाई नहीं भी होती है तब भी मोटर चलती हैं। इससे सीवरेज की पाइप से पानी मिक्स हो जाता है।
ऐसे में जो सदन की प्रापर्टी को नुकसान पहुंचा जा रहा है, उस पर सदन को सोचना चाहिए। कमिश्नर ने कहा कि ऐसा करने से सदन की मर्यादा और गरिमा पर सवाल उठता है। इस पर पूर्व मेयर अरुण सूद ने कहा कि पिछली बैठक में उस समय क्यों नहीं कोई बोला जब पूर्व मेयर राज बाला मलिक ने उनके (सूद) लिए ‘भोंकता’ शब्द का प्रयोग किया था। क्या उस समय सदन की गरिमा तार-तार नहीं हुई थी।
चंद्रवती शुक्ला डेढ़ घंटे तक गंदे पानी की सप्लाई का मामला उठाती रहीं। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल से एरिया में गंदे पानी की सप्लाई आ रही है। अंत में यह निर्णय हुआ कि जो एरिया में अवैध मोटरें सीधा पाइपलाइन के साथ अटैच की गई हैं, उन्हें हटाया जाएगा। सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर संजय अरोड़ा ने कहा कि यहां पर पाइपलाइन के साथ मोटरें जोड़ी हुई हैं। जब पानी की सप्लाई नहीं भी होती है तब भी मोटर चलती हैं। इससे सीवरेज की पाइप से पानी मिक्स हो जाता है।
मनोनीत पार्षद से उलझे रवि शर्मा
सदन में जब दो घंटे तक लगातार भाजपा पार्षदों का आपस में हंगामा होता रहा तो मनोनीत पार्षद ज्योत्सना विग ने कहा कि समय को बर्बाद न करके सिविलाइज्ड तरीके से पार्षदों को मामला उठाना चाहिए। ज्योत्सना विग द्वारा एक शब्द के प्रयोग करने पर भाजपा पार्षद रवि शर्मा ने आपत्ति जताते हुए रोष व्यक्त किया।
मेयर ने नहीं, मैंने रोके एजेंडे : कमिश्नर
पूर्व मेयर अरुण सूद ने मेयर पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके वार्ड के तीन एजेंडे रोके गए जो कि सदन में आने चाहिए थे। इस पर कमिश्नर ने सारी बात अपने ऊपर ले ली। कमिश्नर ने कहा कि उन्होंने खुद 12 प्रस्ताव रोके हैं जिन पर अभी और अध्ययन की जरूरत है। उन्होंने कहा कि उनके लिए पूरा शहर एक जैसा है किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जा रहा है।
डार्क स्पॉट के लिए आए 15 करोड़
सदन में कमिश्नर केके यादव ने बताया कि जो कि शहर में डार्क स्पॉट हैं, जहां पर लाइट न होने से अंधेरा छाया रहता है। वहां पर एलईडी लाइट्स लगाने के लिए प्रशासन ने नगर निगम को 15 करोड़ की राशि दी है।
मेयर ने नहीं, मैंने रोके एजेंडे : कमिश्नर
पूर्व मेयर अरुण सूद ने मेयर पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके वार्ड के तीन एजेंडे रोके गए जो कि सदन में आने चाहिए थे। इस पर कमिश्नर ने सारी बात अपने ऊपर ले ली। कमिश्नर ने कहा कि उन्होंने खुद 12 प्रस्ताव रोके हैं जिन पर अभी और अध्ययन की जरूरत है। उन्होंने कहा कि उनके लिए पूरा शहर एक जैसा है किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जा रहा है।
डार्क स्पॉट के लिए आए 15 करोड़
सदन में कमिश्नर केके यादव ने बताया कि जो कि शहर में डार्क स्पॉट हैं, जहां पर लाइट न होने से अंधेरा छाया रहता है। वहां पर एलईडी लाइट्स लगाने के लिए प्रशासन ने नगर निगम को 15 करोड़ की राशि दी है।