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Hindi News ›   Chandigarh ›   Clash between Delhi and Haryana governments regarding EWS certificates.

Chandigarh News: ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्रों को लेकर दिल्ली और हरियाणा सरकार में ठनी

Wed, 29 May 2024 04:46 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 29 May 2024 04:46 AM IST
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Clash between Delhi and Haryana governments regarding EWS certificates.
1 जनवरी से 31 मार्च, 2021 के बीच आय और संपत्ति प्रमाण पत्रों को वैध मानने की अपील
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चंडीगढ़़। दिल्ली अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड द्वारा चयनित हरियाणा के कुछ अभ्यर्थियों से ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र आधार पर नियुक्ति पत्र वापस लेने पर हरियाणा सरकार ने आपत्ति जताई है। हरियाणा के मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद ने इस संबंध में दिल्ली के मुख्य सचिव, दिल्ली के शिक्षा विभाग के सचिव, डीएसएसएसबी के सचिव और दिल्ली शिक्षा निदेशालय को एक पत्र लिखा है। साथ ही अपील की है कि अंतिम तिथि से पहले या बाद में 1 जनवरी से 31 मार्च, 2021 के बीच की अवधि के दौरान सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी ईडब्ल्यूएस आय और संपत्ति प्रमाण पत्रों को वैध माना जाए और संबंधित उम्मीदवारों को अपना कार्यभार जारी रखने की अनुमति दी जाए। हरियाणा ने दिल्ली के शिक्षा अधिकारियों के साथ बैठक करने के लिए अपने मानव संसाधन विभाग के महानिदेशक को भेजने का भी प्रस्ताव रखा है।
मुख्य सचिव ने कहा कि सरकार के ध्यान में आया है 1 जनवरी से 31 मार्च, 2021 के बीच जारी किए गए ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्रों के आधार पर दिल्ली बोर्ड ने हरियाणा के कुछ अभ्यर्थियों की नियुक्ति रद्द कर दी है। इसके अलावा, कुछ ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र तहसीलदारों के बजाय उस क्षेत्र के नायब तहसीलदारों द्वारा जारी किए गए थे और इसी तरह, कुछ ऐसे मामले सामने आए जहां आवेदन की समय सीमा के बाद प्रमाणपत्र जमा किए गए।
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ये हैं हरियाणा के तर्क
टीवीएसएन प्रसाद ने स्पष्ट किया है कि उनके ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र पूरे वित्त वर्ष के आय डेटा पर आधारित होते हैं, भले ही प्रमाण पत्र उस अवधि के भीतर कभी भी जारी किया गया हो। इसलिए, वित्त वर्ष 2020-21 के पूरा होने से पहले अर्थात 1 जनवरी से 31 मार्च 2021 के बीच जारी किए गए ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र वर्ष 2021-22 के लिए वैध माने जाने चाहिए। मुख्य सचिव ने कहा कि इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल (https://saralharyana.gov.in) लांच किया है। इस पोर्टल के माध्यम से जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) प्रमाण पत्र प्राप्त किए जा सकते हैं। वर्ष 2021-22 की अवधि के दौरान शुरू की गई इस पहल का मकसद प्रकि्रया को सरल बनाना और फर्जीवाड़ा रोकना है है। जब कोई उम्मीदवार पोर्टल के माध्यम से ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करता है, तो सिस्टम स्वचालित रूप से इस डेटाबेस से आय और जाति डेटा प्राप्त कर लेता है।
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तहसीलदार और नायब की शक्तियां समान
मुख्य सचिव ने तर्क दिया कि राज्य सरकार ने सेवा का अधिकार अधिनियम, 2014 की अनुसूची में हरियाणा में रहने वाले व्यक्तियों को ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र जारी करने के लिए तहसीलदार और नायब-तहसीलदार, दोनों को अधिकृत किया है। द्वारा 7 दिसंबर, 2023 को जारी एक पत्र के माध्यम से नायब-तहसीलदार द्वारा जारी किए गए ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्रों को सत्य और वास्तविक मानने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा, नायब-तहसीलदार द्वारा जारी किए गए ऐसे ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र यूपीएससी और डीओपीटी द्वारा भी स्वीकार किए गए हैं। सरकार ने 2017 के सीडब्ल्यूपी 8502 (ओ एंड एम) में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने यह माना है कि तहसीलदार और नायब तहसीलदार की शक्तियां और कर्तव्य समान प्रकृति के हैं। इसलिए इन दोनों के द्वारा प्रदान किए किए ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र को वैध माना जाना चाहिए।
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