सीएम मनोहर लाल के पहुंचने से पहले कैथल में चली लाठियां, कई के सिर फूटे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीएम के पहुंचने से पहले कैथल में भगवान परशुराम चौक पर पंडाल में वर्चस्व को लेकर पूर्व विधायक लीला राम गुर्जर व कैथल में नए आए नेता नरेंद्र गुर्जर समर्थकों में जमकर लाठियां चलीं। जिसमें नरेंद्र गुर्जर समर्थकों को लाठियों से खदेड़ दिया और पंडाल में एक बार तो भगदड़ मच गई। बाद में स्थिति को पुलिस ने किसी तरह संभाला। दरअसल यहां पूर्व विधायक लीला राम गुर्जर, अरुण सर्राफ, विक्की शर्मा, प्रवीण सरदाना सहित कई भाजपा नेताओं द्वारा सीएम के स्वागत के लिए भाजपा द्वारा दिए गए प्वाइंट्स अनुसार पंडाल लगाया गया था।
कई घंटों से पंडाल में सभी नेताओं के समर्थक जमा थे और सरकार व पार्टी नेताओं का गुणगान चल रहा था। सीएम के पहुंचने से करीब आधे घंटे पहले नए आए कैथल में नेता नरेंद्र गुर्जर के समर्थक हाथों में गुर्जर की फोटोयुक्त तख्तियां लेकर पंडाल के दूसरी ओर पहुंच गए और जिस ओर से सीएम को आना था, उस साइड पंडाल से पहले जाकर नरेंद्र गुर्जर के समर्थन में नारेबाजी करनी शुरू कर दी।
उधर, पंडाल से भी नारेबाजी से जवाब दिया गया। इसी बीच सुशीला शर्मा ने एलान किया कि ये समर्थक सुरजेवाला समर्थक हैं। इसके बाद दोनों ओर से जमकर नारेबाजी शुरू हो गई। इसी बीच नरेंद्र गुर्जर समर्थक दो भागों में बंट गए। कुछ पंडाल से पहले और कुछ पंडाल के बाद। जो वर्कर पंडाल से पहले खड़े थे, उनमें पूर्व विधायक लीला राम सहित अन्य भाजपा के नेताओं के समर्थकों के साथ झड़प हो गई।
इसके बाद इन नेताओं के समर्थकों ने नरेंद्र गुर्जर समर्थकों को खदेड़ डाला और उनके झंडों को छीनकर उन्हीं पर जमकर लाठियां भांजी। नरेंद्र गुर्जर समर्थक गलियों में भागते नजर आए। कई समर्थकों के सिर से खून बहना शुरू हो गया। इसके करीब 10 मिनट बाद फिर से नरेंद्र गुर्जर समर्थक एकजुट हुए और सीएम के आने तक वहीं पंडाल के निकट डटे रहे।
इसके करीब आधे घंटे बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल का काफिला पहुंच। सीएम ने पूर्व विधायक लीला राम को आगे आने को कहा और नरेंद्र गुर्जर को भी नाम लेकर बुलाया। उन्होंने कहा कि टिकट एक नेता को मिलना है। जो चुनाव नहीं लड़ेगा, उसे भी काम दिया जाएगा। इसीलिए आपस में विवाद न करें। उन्होंने लीला राम व नरेंद्र गुर्जर को हाथ मिलाने को कहा। फिर गले मिलने को कहा। इसके बाद अपना संदेश दिया।
पूर्व विधायक लीला राम ने कहा कि ये रणदीप सुरजेवाला की साजिश थी। पूरे आयोजन को खराब करने के लिए उन्होंने चंडीगढ़ विश्वविद्यालय से लड़के बुलाए हुए थे। जो कैथल के हैं भी नहीं। पार्टी संगठन के सामने ऐसे नेताओं की पूरी जानकारी भी दी जाएगी, जो दूसरी पार्टी के नेताओं के इशारे पर कार्यक्रम को खराब करना चाहते थे। वहीं नरेंद्र गुर्जर ने कहा कि यह बौखलाहट का परिणाम था कि उनके समर्थकों पर हमला किया गया। पार्टी संगठन के सामने पूरी बात रखी जाएगी। संगठन का फैसला मान्य होगा।