फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   City Beautiful People cashless willing but poor administration

सिटी ब्यूटीफुल में लोग कैशलेस को तैयार लेकिन प्रशासन लाचार

Tue, 20 Dec 2016 01:39 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 20 Dec 2016 01:39 AM IST
विज्ञापन
City Beautiful People cashless willing but poor administration
cashless

सिटी ब्यूटीफुल में लोग कैशलेस मोड अपनाने को तैयार हैं। लेकिन सभी जगह सुविधा उपलब्ध न होने की प्रशासन की लाचारी साफ नजर आ रही है। कई जगह लोग ऐच्छिक तौर पर कैशलेस भुगतान का विकल्प पूछ रहे हैं लेकिन ऐसा न होने पर मजबूरन कैश में ही भुगतान करना पड़ रहा है।

विज्ञापन


रॉक गार्डन और सुखना लेक पर रोजाना हजारों पर्यटक देश और विदेश से पहुंचते हैं। कैश किल्लत होने के कारण पर्यटक विभिन्न चीजों का भुगतान करने के लिए कैशलेस मोड से पेमेंट करने का विकल्प पूछते हैं।
विज्ञापन


लेकिन अभी इन मुख्य पर्यटन स्थलों पर यह सुविधा शुरू नहीं हो पाई है। रॉक गार्डन पर ही रोजाना 3 हजार से अधिक पर्यटक पहुंचते हैं। बार-बार एटीएम की कतार में न लगना पड़े इसलिए वह डेबिट-क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करना पसंद करते हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इसी तरह सुखना लेक में बोटिंग और झूलों की टिकट के साथ खान-पान की दुकानों पर भी कैश से ही भुगतान का विकल्प मौजूद है। और तो और सिटको के लेक व्यू रेस्टोरेंट पर भी स्वाइप मशीन नहीं लग पाई है। 

स्कूलों में भी कैश की मांग

City Beautiful People cashless willing but poor administration
कैशलैस

रॉक गार्डन के बाहर मिले एक पर्यटक रोहित आहुजा ने बताया कि वह विंटर वेकेशंस में परिवार सहित चंडीगढ़ आए हैं। कैश जेब में ही रहे इसलिए वह सब जगह कैशलेस पेमेंट करने की कोशिश करते हैं। 

लेकिन अभी कई जगह डेबिट-क्रेडिट कार्ड से भुगतान शुरू नहीं हुआ है। रॉक गार्डन की टिकट के लिए भी उन्हें कैश में ही पैसे देने पड़े। इसके अलावा सुखना लेक पर बोटिंग के लिए भी कैश में ही टिकटें मिल रही हैं।

 ऐसे में वह तो कैशलेस चाहते हैं लेकिन सिस्टम इसमें बाधा बन रहा है। यूटी सेक्रेटेरियट स्थित सिटको की कैंटीन में भी अभी कैशलेस पेमेंट का विकल्प उपलब्ध नहीं है। रोजाना कई कर्मचारी कैशलेस पेमेंट के बारे में पूछते हैं लेकिन मजबूरन कैश ही देना पड़ता है।

स्कूलों में भी कैश की मांग
स्कूलों में वार्षिक समारोह में ड्रेस चार्ज को कैश में ही लिया जा रहा है। चेक और डेबिट-क्रेडिट कार्ड से भी इसे स्वीकार नहीं किया जा रहा है। सीए केशव गर्ग ने डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन को इसकी लिखित शिकायत दी है। 

केशव गर्ग ने शिकायत में बताया कि स्कूल इन दिनों बच्चों से वार्षिक समारोह के लिए फीस मांग रहे हैं। समारोह की ड्रेस के नाम पर खर्च मांगा जा रहा है। पेरेंट्स यह खर्च चेक या कार्ड के जरिये देना चाहते हैं। लेकिन स्कूल फीस कैश में ही लेने को तैयार हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed