सीआईटी करेगी झज्जर सड़क हादसे की जांच, वाहन टकराने से गई 8 लोगों की जान
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उपायुक्त सोनल गोयल ने सोमवार को झज्जर में बादली बाईपास पर हुए सड़क हादसे की जांच के लिए प्रशासनिक स्तर पर क्रैश इंवेस्टिगेशन टीम (सीआईटी) का गठन किया है। एसडीएम झज्जर की अध्यक्षता में गठित सीआईटी सड़क हादसे के कारणों का पता लगाएगी और अपनी रिपोर्ट उपायुक्त के समक्ष प्रस्तुत करेगी।
इसके अतिरिक्त सड़कों पर सुरक्षा इंतजामों से जुड़ी आवश्यकताओं की पूर्ति को लेकर संबंधित विभागों को निर्देश जारी किए हैं। झज्जर में बादली मार्ग पर स्थित बाईपास पर हुए हादसे की सूचना मिलने के तुरंत बाद जिला प्रशासन की ओर से एसडीएम झज्जर विजय सिंह, सीटीएम अश्वनी कुमार व तहसीलदार मुखत्यार सिंह मौके पर पहुंचे थे। इस हादसे में एक ही परिवार के आठ सदस्यों की मौत हो गई है।
दोषी विभाग के खिलाफ होगी एमवी एक्ट के तहत कार्रवाई
सोनल गोयल ने बताया कि क्रैश इंवेस्टिगेशन टीम की अध्यक्षता एसडीएम झज्जर विजय सिंह करेंगे तथा उनके साथ डीएसपी मुख्यालय हंसराज, प्रोजेक्ट डायरेक्टर एनएचएआई, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी झज्जर, सहायक सचिव क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण, यातायात निरीक्षक व रोड सेफ्टी एसोसिएट होंगे। यह टीम घटनास्थल पर जाकर हादसे की वजह की जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। उन्होंने कहा कि सीआईटी की जांच में जो भी एजेंसी या व्यक्ति दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
स्कूल बसों में होगी सुरक्षा मानकों की जांच
उपायुक्त ने सड़क सुरक्षा को लेकर जारी निर्देशों में स्कूलों बसों में सुरक्षा इंतजाम, सड़कों पर सफेद पट्टी-संकेत चिह्न, स्पीड ब्रेकर्स-ट्रक ले बाईबस स्टार पर मार्किंग करने, आपातकालीन सेवाओं के लिए एंबुलेंस-रिकवरी वैन आदि, सड़कों पर बलिंकर्स लगाने-ट्रैफिक लाइट लगाने, सड़क पर दृश्यता बाधित करने वाली पेड़ों की टहनियां व अन्य वनस्पतियों को हटाने, सड़कों पर पीक ऑवर्स के दौरान बस व अन्य भारी वाहनों का शहरी क्षेत्रों में ओवर स्पीड व ओवरलोडिंग के चालान करना आदि से संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई करने की बात कही गई है। साथ ही सड़कों पर पुलिस कर्मियों की सुरक्षा के लिए हाई रिफ्लेक्टिव जैकेट्स पहनने तथा बैरिकेड्स पर फ्लैश लाइट लगाई जाए।
इन विभागों को जारी किए निर्देश
उपायुक्त ने सड़क सुरक्षा से संबंधित विभागों में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, लोक निर्माण (भवन एवं मार्ग) विभाग, क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण, यातायात पुलिस, स्थानीय निकाय विभाग, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण व हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड आदि के अधिकारियों को सभी सड़कों पर उचित मार्किंग करने, तीव्र मोड़ से पहले संकेत चिह्न लगाने, स्पीड ब्रेकर्स की मार्किंग करने, ट्रैफिक लाइट्स व बलिंकर्स लगाने के निर्देश दिए हैं।
स्कूल बसों में सुरक्षा इंतजामों जिनमें रिफ्लेक्टर्स, हेडलाइट्स व फॉग लैंप की जांच की जाए। साथ ही जिला की सीमा से गुजरने वाले सभी राष्ट्रीय राजमार्ग पर बने टोल बूथों पर आपातकालीन सेवाओं के लिए एंबुलेंस व रिकवरी वैन की तैनाती की जाए। सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स 111 की धारा 102 व 111 के तहत वाहनों पर फोग-हेड-पार्किंग लाइट्स लगाई जाए।