फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Children's height improved in Chandigarh, but the number of underweight children increased.

Chandigarh News: चंडीगढ़ में बच्चों की हाइट तो सुधरी, लेकिन कम वजन वाले बच्चों की संख्या बढ़ी

Thu, 06 Aug 2026 02:20 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 06 Aug 2026 02:20 AM IST
विज्ञापन
Children's height improved in Chandigarh, but the number of underweight children increased.
चंडीगढ़। चंडीगढ़ में पांच साल से कम उम्र के बच्चों की लंबाई में सुधार हुआ है, लेकिन वजन से जुड़े आंकड़ों ने चिंता बढ़ा दी है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण की रिपोर्ट के अनुसार शहर में स्टंटिंग यानी उम्र के अनुसार कम लंबाई वाले बच्चों का प्रतिशत घटा है, जबकि वेस्टिंग यानी लंबाई के अनुसार कम वजन और अंडरवेट यानी उम्र के अनुसार कम वजन वाले बच्चों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से राज्यसभा में पेश आंकड़ों से संकेत मिलता है कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के बावजूद बच्चों को पर्याप्त और संतुलित पोषण उपलब्ध कराना अब भी चुनौती बना हुआ है।
विज्ञापन

रिपोर्ट के मुताबिक चंडीगढ़ में स्टंटिंग की दर एनएफएचएस-5 में 25.3 प्रतिशत थी, जो एनएफएचएस-6 में घटकर 19 प्रतिशत रह गई। यह राष्ट्रीय औसत 29.3 प्रतिशत से काफी कम है। पड़ोसी राज्यों में पंजाब में यह दर 20.4 प्रतिशत, हरियाणा में 25.9 प्रतिशत और दिल्ली में 26.4 प्रतिशत है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, टीकाकरण और पोषण जागरूकता को इस सुधार की प्रमुख वजह माना जा रहा है।
विज्ञापन

हालांकि वजन से जुड़े आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं। वेस्टिंग की दर 8.4 प्रतिशत से बढ़कर 19.5 प्रतिशत हो गई है, जो राष्ट्रीय औसत 19 प्रतिशत से भी अधिक है। वहीं अंडरवेट बच्चों का प्रतिशत 20.6 से बढ़कर 31.6 प्रतिशत पहुंच गया है। राष्ट्रीय औसत 31.8 प्रतिशत है। खास बात यह है कि अंडरवेट बच्चों के मामले में चंडीगढ़ अब पंजाब, हरियाणा और दिल्ली से पीछे है। पंजाब में यह आंकड़ा 23.7 प्रतिशत, हरियाणा में 28.9 प्रतिशत और दिल्ली में 27.4 प्रतिशत है।
विज्ञापन
विज्ञापन

चंडीगढ़ में छह से 23 माह के केवल 13.9 प्रतिशत बच्चों को पर्याप्त पूरक आहार मिल पाया, जबकि राष्ट्रीय औसत 15.3 प्रतिशत है। छह माह तक केवल मां का दूध पीने वाले शिशुओं का चंडीगढ़ का आंकड़ा पर्याप्त नमूना नहीं मिलने के कारण उपलब्ध नहीं हो सका।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार शहरी जीवनशैली, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों का बढ़ता इस्तेमाल, माता-पिता की व्यस्त दिनचर्या और पूरक आहार को लेकर सीमित जागरूकता बच्चों के पोषण को प्रभावित कर सकती है। आंगनवाड़ी सेवाओं को मजबूत करने, माताओं को पोषण परामर्श देने और बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच पर जोर देने की जरूरत है।
बॉक्स-देश के मुकाबले चंडीगढ़ के आंकड़ें चौंकाने वाले
-स्टंटिंग (उम्र के अनुसार कम लंबाई)-19% | देश में-29.3%
-वेस्टिंग (लंबाई के अनुसार कम वजन)-19.5% | देश में-19%
-अंडरवेट (उम्र के अनुसार कम वजन)-31.6% | देश में-31.8%
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed