ऑपरेशन फतेहवीरः खोदी गई सुरंग का गलत बोर में हुआ मिलान, एनडीआरएफ पर सवाल
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150 फुट गहरे बोर में गिरे दो साल के मासूम फतेहवीर सिंह को निकालने के लिए चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन सोमवार को 98 घंटे बाद भी अपने अंजाम तक नहीं पहुंच सका। आज अपने जन्मदिन पर फतेह खुली हवा में सांस नहीं ले पाया, जिसका मलाल मौके पर मौजूद सभी लोगों के चेहरे पर था।
जानकारी के अनुसार, रविवार आधी रात को होरिजेंटल सुरंग को सवा सौ फुट तक खोद दिया गया था लेकिन वर्टिकल सुरंग को पहले के बोर (जिसमें फतेहवीर फंसा हुआ है) से मिलाने की दिशा गलत होने के कारण फिर से नई दिशा में सुरंग खोदी गई।
सोमवार सुबह सुरंग को पहले वाले बोर से मिलाने का काम शुरू किया गया लेकिन पास में ही पहले से पडे़ एक बोर से उसका संपर्क हो गया। इसके बाद एनडीआरएफ की कार्यशैली पर सवाल उठाए गए क्योंकि इसी टीम ने नाप लिया था।
इसके बाद नए सिरे से दोबारा काम शुरू हुआ लेकिन फिर पता चला कि नई सुरंग की गहराई (120 फुट) पुराने बोर (108 फुट पर जहां फतेहवीर फंसा है) के मुकाबले ज्यादा हो गई है।
इसके बाद टनल में लोहे का फ्रेम डालकर ऊपर फिक्स किया गया और फिर से खुदाई शुरू की गई। शाम पांच बजे पुराने बोर का निचला भाग मिलने का दावा किया गया लेकिन फतेहवीर को निकालने की जद्दोजहद जारी रही। शाम 6 बजे भी ऐसे ही हालात दिखाई दिए।
इस दौरान दोनों बोर के आपस में संपर्क होने की स्थिति जानने के लिए टीम के सदस्य पुराने बोर के ऊपरी हिस्से पर कान लगाकर आवाज सुनने की कोशिश करते रहे।
डीसी घनश्याम थौरी ने कहा कि इस जमीन में पहले से कई पुराने बोर हैं और इसी वजह से जिस बोर में फतेहवीर सिंह फंसा है उसे डिटेक्ट करने में दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन के दौरान कई रुकावटें आने के चलते देरी हुई है।
मैन्युअली ऑपरेशन पर उन्होंने कहा कि आर्मी, असॉल्ट इंजीनियरिंग रेजीमेंट और एनडीआरएफ से मशविरा करके फैसला किया गया था। प्रशासन, डाक्टर्स की टीम और एंबुलेंस को पिछले तीन दिन से तैयार रखे हुए हैं लेकिन ये तमाम प्रबंध तब तक बेकार हैं, जब तक बच्चे को नहीं निकाला जाता।
हादसे के चार दिन बाद सीएम का ट्वीट
हादसे के चार दिन बाद मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ट्वीट कर कहा कि सभी दल पूरी गंभीरता से ऑपरेशन में जुटे हैं और सब अच्छा होने की प्रार्थना करते हैं। हालांकि इस पर लोगों ने मुख्यमंत्री पर सवाल उठाने वाले कमेंट लिखे हैं।
गुस्साए लोगों ने किया चक्का जाम
गुरुवार को 150 फुट गहरे बोर में गिरे दो साल के फतेहवीर सिंह को निकालने में हो रही देरी को लेकर सोमवार को लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लोग इस कदर आक्रोशित हो उठे कि घटनास्थल से सीधे बठिंडा मानसा रोड पर आकर चक्का जाम कर दिया। प्रदर्शन में महिलाएं भी मौजूद थीं।
गुस्साए लोग कई घंटों तक कड़ी धूप में सड़क पर ही बैठे रहे और सरकार से मांग की कि फतेहवीर सिंह को तुरंत बाहर निकाला जाए। लोगों ने आरोप लगाया कि सरकार ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया है।
इसी कारण बचाव कार्य में देरी हो रही है। इस देरी ने सरकार की मामले के प्रति संवेदनहीनता को बेनकाब किया है। तकनीकी तौर पर उक्त ऑपरेशन बुरी तरह से फेल रहा है।