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चिकनगुनिया का बुखार ठीक हो गया, पर दर्द नहीं तो अपनाएं ये टिप्स
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 17 Oct 2016 09:17 AM IST
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चिकनगुनिया का बुखार ठीक हो गया है, लेकिन दर्द से आराम नहीं है तो लोग ये कदम उठाकर इससे निजात पा सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि चिकनगुनिया का बुखार तो ठीक हो जाता है, लेकिन उसके बाद जोड़ों में होने वाले दर्द से लोगों को अधिक तकलीफ सहनी पड़ती है। साथ ही हाथ-पैरों में अकड़न रहने से भी मुश्किले बढ़ जाती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ पीड़ितों में तो ये दर्द छह से सात हफ्ते में खत्म हो जाता है, जबकि कुछ में छह महीने से ज्यादा वक्त तक रह सकता है। जिनको दर्द की शिकायत खत्म होने का नाम नहीं ले रही है वे गठिया विशेषज्ञ को दिखा सकते हैं। इससे उन्हें काफी राहत मिल जाएगी। डेंगू और वायरल में भी दर्द की शिकायतें आ रही हैं।
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विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ पीड़ितों में तो ये दर्द छह से सात हफ्ते में खत्म हो जाता है, जबकि कुछ में छह महीने से ज्यादा वक्त तक रह सकता है। जिनको दर्द की शिकायत खत्म होने का नाम नहीं ले रही है वे गठिया विशेषज्ञ को दिखा सकते हैं। इससे उन्हें काफी राहत मिल जाएगी। डेंगू और वायरल में भी दर्द की शिकायतें आ रही हैं।
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बुखार खत्म होने पर ले सकते हैं पेन किलर
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चिकनगुनिया में इतना दर्द होता है कि मरीज चैन से रह नहीं पाता। लोग पेनकिलर की डिमांड करते हैं, लेकिन कई बार ये कदम मुश्किलें भी बढ़ा देता है।
पीजीआई के इंटरनल मेडिसिन के रुह्मेटालॉजी विंग के डॉ. अमन शर्मा ने बताया है कि जब तक बुखार और प्लेटलेट्स नार्मल नहीं होते तब तक पेनकिलर दवाएं नहीं खानी चाहिए।
पेनकिलर खाने से ब्लीडिंग की शिकायत आ सकती है। उससे मरीजों की हालत खराब हो जाती है। जब बुखार पूरी तरह से खत्म हो जाए तब पेनकिलर का इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि पेनकिलर का प्रयोग डॉक्टर से पूछकर ही करना चाहिए।
पीजीआई के इंटरनल मेडिसिन के रुह्मेटालॉजी विंग के डॉ. अमन शर्मा ने बताया है कि जब तक बुखार और प्लेटलेट्स नार्मल नहीं होते तब तक पेनकिलर दवाएं नहीं खानी चाहिए।
पेनकिलर खाने से ब्लीडिंग की शिकायत आ सकती है। उससे मरीजों की हालत खराब हो जाती है। जब बुखार पूरी तरह से खत्म हो जाए तब पेनकिलर का इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि पेनकिलर का प्रयोग डॉक्टर से पूछकर ही करना चाहिए।
कई मरीजों को गठिया विशेषज्ञ की जरुरत पड़ती है
किसान एकता के समन्वयक देवेंद्र शर्मा
- फोटो : Demo pic
चिकनगुनिया के 25-30 प्रतिशत मरीजों को गठिया विशेषज्ञ की जरुरत पड़ती है। डॉ. अमन शर्मा के मुताबिक यदि जोड़ों में दर्द रहता है तो एक्सरसाइज सोच-समझ करें। कई बार एक्सरसाइज करने से भी दर्द बढ़ जाता है, जो आगे चलकर परेशानी बढ़ा सकता है।
इस बारे में डॉक्टरी सलाह पर ही कोई कदम उठाएं। जीएमएसएच-16 के डॉक्टरों के मुताबिक दर्द से राहत नहीं मिल रही है तो थोड़ी बहुत सिकाई भी कर सकते हैं। दिन में दो से तीन बार ऐसा कर सकते हैं। यदि बहुत ज्यादा दर्द है तो आइस पैक से सिकाई करना अच्छा रहेगा।
पानी की कमी न होने दें
ऐसे मरीजों को पानी की कमी नहीं होनी चाहिए। यदि बुखार है तो उसे हर घंटे बाद गिलास भर लिक्विड लेना चाहिए। इसमें ओआरएस का घोल, नींबू शिकंजी, नारियल पानी व छाछ ले सकते हैं। खाने में फल, सब्जियां, दाल और सलाद खाएं। चाय और काफी से बचें।
इस बारे में डॉक्टरी सलाह पर ही कोई कदम उठाएं। जीएमएसएच-16 के डॉक्टरों के मुताबिक दर्द से राहत नहीं मिल रही है तो थोड़ी बहुत सिकाई भी कर सकते हैं। दिन में दो से तीन बार ऐसा कर सकते हैं। यदि बहुत ज्यादा दर्द है तो आइस पैक से सिकाई करना अच्छा रहेगा।
पानी की कमी न होने दें
ऐसे मरीजों को पानी की कमी नहीं होनी चाहिए। यदि बुखार है तो उसे हर घंटे बाद गिलास भर लिक्विड लेना चाहिए। इसमें ओआरएस का घोल, नींबू शिकंजी, नारियल पानी व छाछ ले सकते हैं। खाने में फल, सब्जियां, दाल और सलाद खाएं। चाय और काफी से बचें।