अमृतसर ट्रेन हादसे को लेकर आई जांच रिपोर्ट, दुर्घटना के लिए ट्रैक पर खड़े लोग जिम्मेदार
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दशहरे के दिन अमृतसर में हुए दर्दनाक रेल हादसे पर रेलवे के मुख्य संरक्षा आयुक्त (सीसीआरएस) ने अपनी जांच में ट्रैक पर खड़े लोगों की लापरवाही माना है। सीसीआरएस ने यह भी सिफारिश की है कि आयोजकों और जिला प्रशासन द्वारा मेला, रैली जैसे बड़े आयोजनों की सूचना पहले रेलवे को देना चाहिए। ताकि रेलवे सावधानी बरत सके। अमृतसर हादसे की जांच कर रहे रेलवे के मुख्य संरक्षा आयुक्त ने अपनी रिपोर्ट में हादसे की मुख्य वजहें भी निनाई हैं।
CCRS also recommended that prior intimation to railway administration should be given by the district administration/organizers to hold big events like mela/rally so that railway can take proper precautions in consultation with stakeholders: Sources #AmritsarTrainAccident https://t.co/brKwT56JK6
— ANI (@ANI) November 22, 2018विज्ञापन
बता दें कि दशहरे की शाम अमृतसर के जौड़ा फाटक के पास दर्दनाक रेल हादसा हुआ था। रावण दहन देख रहे लोगों पर तेज रफ्तार ट्रेन कुचलती हुई निकल गई थी। इस हादसे में 59 लोगों की जान गई थी और 70 से अधिक घायल हुए थे।
Chief Commissioner of Railway Safety (CCRS) has concluded in the inquiry that the reason for the accident is negligence of persons reportedly standing on and near the railway tracks witnessing Dusshera Mela at Dhobi Ghat: Sources on Amritsar train incident of October 19 pic.twitter.com/noWFaJZsaR
— ANI (@ANI) November 22, 2018
बता दें कि रेल हादसे को लेकर मजिस्ट्रेट जांच के बाद 300 पेज की रिपोर्ट अतिरिक्त गृह सचिव एनएस कलसी को सौंप दी गई है। सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कलसी को रिपोर्ट की पड़ताल के आदेश दिए हैं। सरकार ने 19 अक्तूबर को हुए हादसे में जालंधर डिवीजन के कमिश्नर बी पुरुषार्थ को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट नियुक्त किया था जिन्होंने यह रिपोर्ट सौंपी।
उन्होंने इस मामले में रेल अधिकारियों और दशहरा कार्यक्रम की मुख्य मेहमान पूर्व सीपीएस नवजोत कौर सिद्धू समेत कुल 150 लोगों के बयान दर्ज किए थे। वहीं कैबिनेट मंत्री नवजोत सिद्धू ने अपने बयान लिखित रूप में दिए थे। अकाली दल ने इस मामले में मजिस्ट्रेट जांच को खारिज करते हुए नवजोत कौर और आयोजकों पर केस दर्ज किए जाने की मांग की थी।