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यादें 2015: पुराना ढर्रा छोड़ अपनी नीतियों पर चली BJP सरकार

Thu, 31 Dec 2015 01:56 PM IST
हर्ष कुमार सलारिया/अमर उजाला, चंडीगढ़
हर्ष कुमार सलारिया/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 31 Dec 2015 01:56 PM IST
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chief minister manohar lal khattar government year ender 2015

केंद्र में भाजपा सरकार के गठन के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली से साफ हो गया था कि भाजपा पूर्व सरकारों के ढर्रे पर नहीं चलेगी। देश के विकास के वादे के साथ नीतिगत फैसलों में बदलाव दिखाई देने लगा है। केंद्र सरकार का अनुसरण हरियाणा में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की सरकार कर रही है।

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प्रदेश सरकार ने इस साल निवेशकों को आकर्षित करने के लिए जोरदार प्रयास जारी रखने के साथ-साथ उद्योग, शिक्षा, खेल और परिवहन की नई नीतियां घोषित करते हुए सामाजिक ढांचे के लिए भी अपनी नीतियों को कार्यान्वित किया है। हालांकि, भाजपा सरकार के इन कदमों के कारण उस पर देश-प्रदेश के भगवाकरण और हिंदुत्व के प्रसार के आरोप भी लगे हैं, लेकिन नीतिगत फैसलों के मामले में सरकार पसोपेश में कम ही दिखी।
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वर्ष 2015 के अंत तक आते-आते खट्टर सरकार ने विपक्ष के विरोध को दरकिनार कर पंचायतों के बाद स्थानीय निकायों में चुनाव लड़ने के लिए शिक्षा को जरूरी कर दिया है, वहीं भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टोलरेंस की नीति पर चलते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा को कठघरे में लाने की तैयारी कर ली है।
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2015 में ये रहीं प्रदेश सरकार की नई नीतियां

chief minister manohar lal khattar government year ender 2015

नई खेल नीति
इस साल विवेकानंद की जयंती पर राज्य सरकार ने अपनी नई खेल नीति का एलान किया। इसके तहत खेल और खिलाड़ियों के विकास के लिए कई नए प्रावधान किए गए हैं। इस नीति की विशेषता यह भी है कि पूर्व सरकारों की विचारधारा के विपरीत सरकार ने खेलों के साथ-साथ योग पर भी विशेष ध्यान देने का फैसला लिया है। प्रदेश के लिए अंतरराष्टीय और राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को दी जाने वाली नगद पुरस्कार राशि में इजाफा किया गया है।

नई परिवहन नीति
हरियाणा परिवहन के साल-दर-साल बढ़ रहे घाटे को कम करने के लिए भाजपा सरकार ने इस साल नई परिवहन नीति का एलान किया, जिसके तहत सरकार बसों की कमी को दूर करने के लिए निजी आपरेटरों से बसें किराए पर लेकर चलाएगी। हालांकि, सरकार की इस नीति का परिवहन कर्मचारी कड़ा विरोध कर रहे हैं, लेकिन सरकार की दलील है कि लगातार बढ़ते घाटे से परिवहन विभाग को उबारने के लिए निजी बस हायरिंग करना जरूरी हो गया है।

नई उद्योग नीति
खट्टर सरकार ने अपने पांच साल के कार्यकाल के दौरान प्रदेश में एक लाख करोड़ का निवेश लाने का लक्ष्य तय करते हुए इस साल नई उद्योग नीति की घोषणा भी की। सरकार का दावा है कि नई नीति प्रदेश में चार लाख युवाओं को रोजगार के अवसर मुहैया कराएगी। इस नीति के तहत सरकार ने इंटरप्राइजेज प्रमोशन बोर्ड का गठन भी कर दिया है और निवेशकों के लिए जमीन से लेकर कई करों में रियायत की पेशकश भी की है।

नई नीति लाने से पहले शिक्षा नीति में बदलाव
प्रदेश सरकार इस साल नई शिक्षा नीति तो घोषित नहीं कर सकी, लेकिन शिक्षा व्यवस्था में बदलाव के संकेत दे दिए हैं। एक अप्रैल 2015 को सरकार के इस एलान से काफी हो-हल्ला मचा कि स्कूली पाठ्यक्रम में गीता के श्लोक शामिल किए जाएंगे।

सरकार इस फैसले को मौजूदा शैक्षणिक सत्र में तो लागू नहीं कर सकी, लेकिन इसे 2016 में शुरू होने वाले नई शैक्षिक सत्र से लागू करने की घोषणा की जा चुकी है।

इसके अलावा यूपीए के समय बनी आरटीई नीति के तहत आठवीं तक बच्चों को फेल नहीं करने की नीति को रद्द करने की मांग भी प्रदेश सरकार केंद्र से कर चुकी है। यदि यह मांग पूरी हुई तो नए साल से प्रदेश में पांचवीं और आठवीं कक्षा के लिए बोर्ड परिक्षा अनिवार्य हो सकती है।

2015 में सरकार ने ये कुछ नीतिगत फैसले लिए

chief minister manohar lal khattar government year ender 2015

गौ संरक्षण एवं गौ संवर्धन कानून
लावारिस गायों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए प्रदेश में 19 नवंबर को यह कानून लागू किया गया, जिसकी अधिसूचना गोपाष्टमी पर मुख्यमंत्री खट्टर ने जारी की। सरकार ने इसके तहत प्रदेश में गो हत्या पर पूर्ण रोक लगाते हुए गो मांस बेचने पर तीन से पांच साल कैद और गो हत्या पर 3-10 साल कैद का प्रावधान किया गया है। सरकार के इस फैसले को हिंदुत्व से जोड़कर भी देखा गया।

पंचायत और निकाय चुनाव संशोधन
आम लोगों का नेतृत्व करने के लिए पढ़े-लिखे लोग ही चुनावों में हिस्सा लें, सरकार ने इस नीतिगत फैसले के तहत पंचायती राज एक्ट को बदलकर पांच नई शर्तें जोड़ दीं। अब पंचायत चुनाव लड़ने वाले हर सामान्य नागरिक के लिए दसवीं पास होना अनिवार्य है, वहीं महिलाओं के लिए आठवीं पास की शर्त लगाई गई है। इस बदलाव के साथ ही विशेष बात यह भी है कि सरकार ने गांवों में दशकों से बिजली बिल और सहकारी कर्जों की माफी के पूर्व सरकार के ढर्रे में भी बदलाव किया है।

पीएम मोदी के स्वच्छता अभियान को भी घर में शौचालय की शर्त के साथ लागू किया गया है, वहीं पंचायतों से आपराधिक तत्वों को भी दूर करने के लिए कदम उठाए गए हैं। सरकार ने इस नीति को स्थानीय निकाय चुनाव के लिए लागू कर दिया है।

आपकी बेटी हमारी बेटी योजना और महिला थाने
प्रदेश में लिंगानुपात सुधारने के लिए खट्टर सरकार ने बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करने की इस योजना के तहत एससी और गरीबी रेखा से नीचे परिवारों में बेटी के जन्म पर 21 हजार रुपये देने का एलान किया है। वहीं, महिलाओं की सुरक्षा और उन्हें अपने अधिकारों के लिए खुलकर आगे आने का अवसर देने की योजना के तहत इस साल प्रदेश में 21 जिलों में महिला थाने खोले गए हैं। इन थानों में दारोगा से लेकर सिपाही तक सभी महिलाएं ही तैनात की गई हैं।

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