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ऐतिहासिक फैसलाः 300 बेड का होगा मोहाली का सरकारी अस्पताल, मुख्यमंत्री ने दी मंजूरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 29 Jun 2018 09:48 AM IST
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मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह
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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन् अमरिंदर सिंह ने वीरवार को भारतीय मेडिकल काउंसिल के मानदंडों के अनुसार मोहाली में नया मेडिकल कॉलेज खोलने से पूर्व मौजूदा सरकारी अस्पताल को 200 से 300 बेड में अपग्रेड करने को मंजूरी दे दी।
मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च डिपार्टमेंट के कामकाज की समीक्षा के लिए बुलाई उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए कैप्टन अमरिंदर ने कहा कि मोहाली में नया मेडिकल कॉलेज जल्द से जल्द कार्यान्वित किया जाएगा। चिकित्सा शिक्षा के मानक में अधिक दक्षता लाने के लिए, मुख्यमंत्री ने बाबा फरीद विश्वविद्यालय स्वास्थ्य विज्ञान के गुरु से कहा कि गैर-पेशेवर विश्वविद्यालयों और संस्थानों को हतोस्ताहित किया जाए क्योंकि यह निर्दोष छात्रों को धोखा देकर चिकित्सा पाठ्यक्रम चला रहे हैं। उन्होंने कुलगुरु से कहा कि वे ऐसे विश्वविद्यालयों और संस्थानों को बंद करने के अलावा इनके द्वारा चलाए जा रहे कोर्सों की सीटें घटाएं।
मुख्यमंत्री ने एसीएस हेल्थ को फिऱोज़पुर में पीजीआई का सैटेलाइट सेंटर खोले जाने का मुद्दा तुरंत भारत सरकार के समक्ष उठाने को कहा, जिसके लिए 25 एकड़ ज़मीन की पहले ही शिनाखत कर ली गई है। इसे केंद्र की तरफ से स्वीकृति मिलने के बाद ट्रांसफर किया जाना है। बठिंडा में एम्स के प्रोजेक्ट की प्रगति का जायज़ा लेते हुए मुख्यमंत्री ने विभाग से कहा कि वह बठिंडा में एम्स के निर्माण में तेज़ी लाने के लिए केंद्र के पास मुद्दा उठाए ताकि यह प्रोजेक्ट निर्धारित समय में मुकम्मल हो सके।
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मुख्यमंत्री ने 66 केवी सब-स्टेशन, हाई ट्रांसमिशन लाइनें बदलने और पानी के रास्तों के निर्माण, नई पहुँच सड़कों के निर्माण, नो आब्जेक्शन सर्टिफिकेट और बिल्डिंग फीस के भुगतान के लिए 20.58 करोड़ रुपये तुरंत जारी करने के लिए भी वित्त विभाग को निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने दो अन्य मेडिकल कॉलेजों के लिए भी रूपरेखा तैयार करने के लिए विभाग से कहा, जिनमें से एक संगरूर और एक गुरदासपुर या पठानकोट में होगा। उन्होंने कहा कि राज्य में डाक्टरी शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मज़बूती प्रदान करने के लिए यह ज़रूरी हैं।
इसके अलावा यह कांग्रेस के चुनाव घोषण-पत्र का हिस्सा भी हैं जिसमें राज्य में 5 मैडीकल कालेज स्थापित करने की बात कही थी । बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा, वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री तेजवीर सिंह, वित्त सचिव अनिरुद्ध तिवारी, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य सतीश चंद्रा, उप-कुलपति बाबा फऱीद यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंस डा. राज बहादुर, डायरेक्टर मेडिकल शिक्षा और अनुसंधान डा. अविनाश कुमार, ओएसडी (मेडिकल सर्विसेज) / मुख्यमंत्री डा. गिरीश साहनी और प्रिंसिपल सरकारी मेडिकल कॉलेज पटियाला डा. बीएस सिद्धू उपस्थित थे ।
पटियाला मेडिकल कालेज को 65.95 करोड़ रुपये जारी करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग को निर्देश दिए कि वह मेडिकल कालेज पटियाला को नये कामों की शुरुआत के लिए तुरंत 65.95 करोड़ रुपये जारी करे, जिनमें से 13 करोड़ रुपये पार्किंग, 21 करोड़ रुपये टीबी अस्पताल पटियाला की मरम्मत और 1 करोड़ रुपये एंबुलेंस की खरीद के लिए होंगे। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और सीवरेज की मरम्मत के लिए पहले ही 8 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
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मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च डिपार्टमेंट के कामकाज की समीक्षा के लिए बुलाई उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए कैप्टन अमरिंदर ने कहा कि मोहाली में नया मेडिकल कॉलेज जल्द से जल्द कार्यान्वित किया जाएगा। चिकित्सा शिक्षा के मानक में अधिक दक्षता लाने के लिए, मुख्यमंत्री ने बाबा फरीद विश्वविद्यालय स्वास्थ्य विज्ञान के गुरु से कहा कि गैर-पेशेवर विश्वविद्यालयों और संस्थानों को हतोस्ताहित किया जाए क्योंकि यह निर्दोष छात्रों को धोखा देकर चिकित्सा पाठ्यक्रम चला रहे हैं। उन्होंने कुलगुरु से कहा कि वे ऐसे विश्वविद्यालयों और संस्थानों को बंद करने के अलावा इनके द्वारा चलाए जा रहे कोर्सों की सीटें घटाएं।
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मुख्यमंत्री ने एसीएस हेल्थ को फिऱोज़पुर में पीजीआई का सैटेलाइट सेंटर खोले जाने का मुद्दा तुरंत भारत सरकार के समक्ष उठाने को कहा, जिसके लिए 25 एकड़ ज़मीन की पहले ही शिनाखत कर ली गई है। इसे केंद्र की तरफ से स्वीकृति मिलने के बाद ट्रांसफर किया जाना है। बठिंडा में एम्स के प्रोजेक्ट की प्रगति का जायज़ा लेते हुए मुख्यमंत्री ने विभाग से कहा कि वह बठिंडा में एम्स के निर्माण में तेज़ी लाने के लिए केंद्र के पास मुद्दा उठाए ताकि यह प्रोजेक्ट निर्धारित समय में मुकम्मल हो सके।
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मुख्यमंत्री ने 66 केवी सब-स्टेशन, हाई ट्रांसमिशन लाइनें बदलने और पानी के रास्तों के निर्माण, नई पहुँच सड़कों के निर्माण, नो आब्जेक्शन सर्टिफिकेट और बिल्डिंग फीस के भुगतान के लिए 20.58 करोड़ रुपये तुरंत जारी करने के लिए भी वित्त विभाग को निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने दो अन्य मेडिकल कॉलेजों के लिए भी रूपरेखा तैयार करने के लिए विभाग से कहा, जिनमें से एक संगरूर और एक गुरदासपुर या पठानकोट में होगा। उन्होंने कहा कि राज्य में डाक्टरी शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मज़बूती प्रदान करने के लिए यह ज़रूरी हैं।
इसके अलावा यह कांग्रेस के चुनाव घोषण-पत्र का हिस्सा भी हैं जिसमें राज्य में 5 मैडीकल कालेज स्थापित करने की बात कही थी । बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा, वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री तेजवीर सिंह, वित्त सचिव अनिरुद्ध तिवारी, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य सतीश चंद्रा, उप-कुलपति बाबा फऱीद यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंस डा. राज बहादुर, डायरेक्टर मेडिकल शिक्षा और अनुसंधान डा. अविनाश कुमार, ओएसडी (मेडिकल सर्विसेज) / मुख्यमंत्री डा. गिरीश साहनी और प्रिंसिपल सरकारी मेडिकल कॉलेज पटियाला डा. बीएस सिद्धू उपस्थित थे ।
पटियाला मेडिकल कालेज को 65.95 करोड़ रुपये जारी करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग को निर्देश दिए कि वह मेडिकल कालेज पटियाला को नये कामों की शुरुआत के लिए तुरंत 65.95 करोड़ रुपये जारी करे, जिनमें से 13 करोड़ रुपये पार्किंग, 21 करोड़ रुपये टीबी अस्पताल पटियाला की मरम्मत और 1 करोड़ रुपये एंबुलेंस की खरीद के लिए होंगे। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और सीवरेज की मरम्मत के लिए पहले ही 8 करोड़ रुपये रखे गए हैं।