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Highcourt: ढाई साल में 38 तारीखों के बाद भी आरोप तय नहीं, हैरान हाईकोर्ट ने मानसा के जिला जज से मांगी रिपोर्ट
Wed, 15 Nov 2023 12:41 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 15 Nov 2023 12:41 PM IST
सार
पंचकूला निवासी वरिष्ठ नागरिक मोहिंदर सिंह मान ने एडवोकेट सलिल देव सिंह बाली के माध्यम से याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट की शरण ली थी। 25 फरवरी, 2021 में इस मामले में पुलिस ने जिला अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। इसके बाद अदालत में 38 तारीख पड़ीं और आरोपियों ने जवाब भी दाखिल कर दिया लेकिन आरोप तय नहीं किए गए।
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Punjab And Haryana Highcourt Chandigarh
- फोटो : File Photo
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विस्तार
भूमि विवाद से जुड़े एक मामले में 25 फरवरी, 2021 को चालान पेश होने के बाद करीब ढाई साल में अदालत की ओर से 38 तारीख लगाने के बावजूद आरोप तय नहीं हुए। हाईकोर्ट ने इस पर हैरानी जताते हुए मानसा के जिला जज से रिपोर्ट तलब कर ली है।
पंचकूला निवासी वरिष्ठ नागरिक मोहिंदर सिंह मान ने एडवोकेट सलिल देव सिंह बाली के माध्यम से याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट की शरण ली थी। याची ने बताया कि वह पहले मानसा में रहते थे और उनकी भूमि पर आने वाले पानी का मार्ग बदल कर आरोपियों ने अपने खेत की ओर कर लिया था। इस मामले में याची ने दर्शन सिंह व अन्य के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी गई थी।
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2020 में दर्ज हुई थी एफआईआर
जांच के आधार पर मानसा पुलिस ने जुलाई 2020 को एफआईआर दर्ज कर ली थी। 25 फरवरी, 2021 में इस मामले में पुलिस ने जिला अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। इसके बाद अदालत में 38 तारीख पड़ीं और आरोपियों ने जवाब भी दाखिल कर दिया लेकिन आरोप तय नहीं किए गए। याची ने हाईकोर्ट से अपील की कि इस मामले में जिला अदालत को आरोप तय करने का आदेश जारी किया जाए। हाईकोर्ट ने केस के तथ्यों पर हैरानी जताते हुए अब मानसा के जिला जज को इस बारे में केस की सुनवाई कर रहे जज के बारे में रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है।
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पंचकूला निवासी वरिष्ठ नागरिक मोहिंदर सिंह मान ने एडवोकेट सलिल देव सिंह बाली के माध्यम से याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट की शरण ली थी। याची ने बताया कि वह पहले मानसा में रहते थे और उनकी भूमि पर आने वाले पानी का मार्ग बदल कर आरोपियों ने अपने खेत की ओर कर लिया था। इस मामले में याची ने दर्शन सिंह व अन्य के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी गई थी।
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2020 में दर्ज हुई थी एफआईआर
जांच के आधार पर मानसा पुलिस ने जुलाई 2020 को एफआईआर दर्ज कर ली थी। 25 फरवरी, 2021 में इस मामले में पुलिस ने जिला अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। इसके बाद अदालत में 38 तारीख पड़ीं और आरोपियों ने जवाब भी दाखिल कर दिया लेकिन आरोप तय नहीं किए गए। याची ने हाईकोर्ट से अपील की कि इस मामले में जिला अदालत को आरोप तय करने का आदेश जारी किया जाए। हाईकोर्ट ने केस के तथ्यों पर हैरानी जताते हुए अब मानसा के जिला जज को इस बारे में केस की सुनवाई कर रहे जज के बारे में रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है।