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विश्व हृदय दिवस: बदलती जीवनशैली दिल पर पड़ रही भारी, हरियाणा में सात माह में सात हजार की मौत

Fri, 29 Sep 2023 08:55 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 29 Sep 2023 08:55 AM IST
सार

अल्केमिस्ट हास्पिटल के सीनियर कार्डियोलाजिस्ट डॉ. रोहित पर्थी ने बताया कि हरियाणा में हृदय रोग की सबसे बड़ी तीन वजहें है। डायबिटीज, उक्त रक्तचाप और सिगरेट पीने की आदत। पिछले दस सालों में हरियाणा में शहरीकरण बढ़ा है। गांव में रहने के दौरान लोग मेहनत करते थे और उसी के मुताबिक वह खाते-पीते थे। शहर में रहने के दौरान वह उतनी मेहनत तो नहीं करते मगर उनका खान पान वही है।

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Changing lifestyle of people of Haryana is weighing heavily on their hearts
heart attack

विस्तार

हरियाणा के लोगों की बदलती जीवन शैली उनके दिल पर भारी पड़ रही है। कम उम्र में राज्य के लोगों को हार्ट अटैक आ रहा है या अन्य बीमारियों की वजह से उनका हार्ट फेल हो रहा है।
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हरियाणा सरकार की एक रिपोर्ट के मुताबिक एक जनवरी से 31 जुलाई तक प्रदेश में हार्ट अटैक और हार्ट फेलियर से 7026 लोगों को जान गंवानी पड़ी है। यह खुलासा हरियाणा के विभिन्न अस्पतालों की मेडिकल सर्टिफिकेशन ऑफ कॉज डेथ (एमसीसीडी) की रिपोर्ट में हुआ है।
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तीन सबसे बड़े कारण
अल्केमिस्ट हास्पिटल के सीनियर कार्डियोलाजिस्ट डॉ. रोहित पर्थी ने बताया कि हरियाणा में हृदय रोग की सबसे बड़ी तीन वजहें है। डायबिटीज, उक्त रक्तचाप और सिगरेट पीने की आदत। पिछले दस सालों में हरियाणा में शहरीकरण बढ़ा है। लोग गांव से शहरों में रहने लगे हैं। गांव में रहने के दौरान लोग मेहनत करते थे और उसी के मुताबिक वह खाते-पीते थे। शहर में रहने के दौरान वह उतनी मेहनत तो नहीं करते मगर उनका खान पान वही है। इससे लोग डायबिटीज के ज्यादा शिकार बढ़े हैं। डायबिटीज की वजह से दूसरी बीमारियां बढ़ती हैं, जो हृदय रोग का खतरा बढ़ाती हैं। वहीं, 40 साल की कम उम्र में हार्ट अटैक की सबसे बड़ी वजह सिगरेट पीने की आदत पाई गई है। कुछ लोगों में अचानक से हार्ट अटैक आते हैं। उनकी कई वजहें होती हैं।


12.5 फीसदी लोग डायबिटीज के मरीज
आईसीएमआर की एक रिपोर्ट के मुताबिक हरियाणा में 12.5 फीसदी लोग डायबिटीज के मरीज हैं। वहीं, 18.2 फीसदी लोग प्री डायबिटीज से पीड़ित हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि प्री डायबिटीज के शिकार लोगों ने यदि अपनी बीमारी को काबू नहीं किया तो अगले पांच सालों में यह भी डायबिटीज के दायरे में आ जाएंगे।

35 की उम्र में चेकअप जरूर करवाएं
विशेषज्ञ कहते हैं कि जो अचानक से हार्ट अटैक आते हैं, उन्हें तो नहीं रोका जा सकता, मगर डायबिटीज, ब्ल्ड प्रेशर या हाइपरटेंशन की वजह से होने वाले हार्ट अटैक को रोक सकते हैं। इसके लिए हर व्यक्ति को 35 साल की उम्र में अपना रूटीन चेकअप जरूर करवाना चाहिए। क्योंकि इन बीमारियों के लक्षण नहीं दिखते। जब व्यक्ति अपना चेकअप करवाता है तभी अचानक से उसे पता चलता है कि वह डायबिटीज या हाइपरटेंशन से पीड़ित है। मगर तब तक काफी देर हो चुकी होती है। जो डायबिटीज के मरीज हैं, वह हर साल हेल्थ चेकअप करवाएं और जो फिट हैं, वह दो साल में हेल्थ चेकअप करवाते रहे।
 
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