बदलता भारत मिशन 2030 : नदी पार कर स्कूल जाने को मजबूर 50 गांवों के छात्र
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देश के सबसे विकसित शहरों में शामिल ट्राई सिटी- चंडीगढ़, पंचकूला, मोहाली में जहां एक से बढ़कर एक निजी और सरकारी स्कूल हैं, वहीं, कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर स्थित मोरनी में बच्चों को स्कूल जाने के लिए जंग लड़नी पड़ती है।
बारिश के कारण घग्गर नदी में पानी बढ़ जाता है। ऐसे में रोजाना बच्चों को नदी पार करनी पड़ती है। ये फोटो भी बारिश के दिनों की है। बारिश के कारण घग्गर नदी में पानी बढ़ जाता है।
ऐसे में रोजाना बच्चों को नदी पार करनी पड़ती है। इस कारण से बरसात में बच्चे स्कूल जाना ही बंद कर देते हैं। यह कोई एक या दो गांवों की कहानी नहीं है, मोरनी खंड की दो पंचायतों- कोठी व राजीटिकरी के अंतर्गत आने वाले 50 गांवों के बच्चे बारिश के दिनों में ऐसे ही स्कूल जाते हैं।
कब बदलेगी तस्वीर?
पिछले कई वर्षों से बारिश के दिनों में उफनती नदियों से निकलने की परेशानी यहां बच्चों को झेलनी पड़ती है। मोहन सिंह पूर्व सरपंच कोठी पंचायत और राजीटिकरी पंचायत के पूर्व सरपंच विरेद्र सिंह कई बार जनप्रतिनिधियों से पुल बनाने की मांग कर चुके हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे दो बार पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और तीन बार सांसद कुमारी शैलजा से लिखित में पुल बनाने के लिए गुहार लगा चुके हैं, लेकिन पुल नहीं बना।
बारिश के दिनों में हादसों की आशंका को देखते हुए तीन महीने बच्चे स्कूल ही नहीं जाते हैं, जिससे इनकी पढ़ाई खराब होती है।