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Chandigarh Vigilance Department: भ्रष्टाचार की शिकायतों पर गंभीर नहीं विजिलेंस, फाइलों में दबे रह जाते हैं मामले

Thu, 14 Jul 2022 03:54 PM IST
निवेदिता वर्मा संदीप खत्री, संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संदीप खत्री, संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 14 Jul 2022 03:54 PM IST
सार

चंडीगढ़ में  529 मोबाइल के टावर लगाए जाने को लेकर समाजसेवी आरके गर्ग ने विजिलेंस जांच की मांग की थी। इस पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।

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Chandigarh Vigilance Department did not take any major action in last several years
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

चंडीगढ़ में सीबीआई आए दिन ट्रैप लगाकर भ्रष्टाचारियों को दबोच रही है लेकिन चंडीगढ़ के विजिलेंस विभाग ने पिछले कई वर्षों में एक भी बड़ी कार्रवाई नहीं की। ऐसा नहीं है कि लोग शिकायत नहीं कर रहे हैं। लोगों की तरफ से विजिलेंस को लगातार विभागों में भ्रष्टाचार की शिकायत दी जा रही है लेकिन ये फाइलों में ही दबी रह जाती हैं।

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समाजसेवी आरके गर्ग ने विजिलेंस को वर्ष 2019 में स्पिक (द सोसाइटी फॉर प्रमोशन ऑफ आईटी इन चंडीगढ़), नगर निगम में प्रॉपर्टी टैक्स, रेहड़ी फड़ी के सर्वे के दौरान बाहरी एजेंसी के माध्यम से सार्वजनिक धन का दुरुपयोग करने और चंडीगढ़ में लगाए गए 529 मोबाइल टॉवर की जांच के लिए शिकायत दी थी। करीब साढ़े तीन साल बाद भी इन शिकायतों पर विजिलेंस ने कोई कार्रवाई नहीं की। 
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गर्ग ने विजिलेंस से जब पूछा कि उनकी शिकायतों पर अब तक क्या कार्रवाई की गई तो विजिलेंस ने स्पिक के मामले में आईटी विभाग, प्रॉपर्टी टैक्स और रेहड़ी फड़ी के मामले में नगर निगम और मोबाइल टावर के मामले में एस्टेट ऑफिस को 6 जुलाई 2022 को रिमाइंडर भेज दिया। रिमाइंडर भेजने के बाद आरके गर्ग को उनके जवाब में रिमाइंडर की कॉपी भेज दी गई। इससे जाहिर होता है कि विजिलेंस शहर में लोगों की शिकायतों पर किस तरह से काम कर रहा है। आरके गर्ग ने कहा कि उन्हें साढ़े तीन साल बाद भी विजिलेंस ने वही स्टेट्स रिपोर्ट दी है जो 2019 में दी थी। इससे जाहिर होता है कि साढ़े तीन साल में विजिलेंस ने इन मामलों में कोई काम नहीं किया है। उन्हें कभी बयान दर्ज करने के लिए भी नहीं बुलाया गया।

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ठंडे बस्ते में प्रॉपर्टी टैक्स के दस्तावेज गुम होने की विजिलेंस जांच

नगर निगम में लंबे समय से प्रॉपर्टी टैक्स के दस्तावेज गुम होने के मामले में विजिलेंस अभी तक जांच पूरी नहीं कर सकी है। गर्ग ने शिकायत दी थी कि नगर निगम से यह रिकॉर्ड कैसे और कहां गुम हुआ। प्रॉपर्टी टैक्स के दस्तावेज गुम होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। टैक्स जमा होने के बाद भी लोगों को नगर निगम ने बीते वित्तीय वर्षों के प्रॉपर्टी टैक्स की बकाया रकम की नोटिस भेज दिए जिससे काफी लोग परेशान हुए। लोगों ने कई बार निगम के दफ्तर में जाकर इसकी जानकारी दी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इस मामले में पूर्व सलाहकार मनोज परिदा ने विजिलेंस जांच के निर्देश दिए थे। जांच लंबित रहने पर आरके गर्ग ने शिकायत दी थी।

सोसाइटी को लाभ पहुंचाने का आरोप, विजिलेंस जांच लटकी

गर्ग ने आईटी विभाग से स्पिक (द सोसाइटी फॉर प्रमोशन ऑफ आईटी इन चंडीगढ़) को ठेका देने संबंधित विजिलेंस विभाग को शिकायत दी थी। आरके गर्ग ने कहा कि एक तरफ तो डिजिटल इंडिया बनाने की बात कही जा रही है। दूसरी तरफ आईटी विभाग की तरफ से सारे काम का ठेका स्पिक को दे दिया गया जो कि एक सोसाइटी है और सोसाइटी एक्ट के तहत पंजीकृत है। ऐसे में आम जनता का पैसा सोसाइटी को जाने लगा। गर्ग ने बताया कि लोकल ऑडिट विभाग ने ऑडिट किया था तो उसमें भी खामियां पाई गई थीं। आईटी के पास पूरा स्टाफ होने के बावजूद स्पिक को ठेका देकर लाभ पहुंचाया जा रहा है। इसकी विजिलेंस जांच भी लटकी हुई है।

529 मोबाइल टावर और रेहड़ी-फड़ी सर्वे की जांच भी लंबित

शहर में 529 मोबाइल के टावर लगाए जाने को लेकर आरके गर्ग ने विजिलेंस जांच की मांग की थी। इस पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके अलावा गर्ग ने एक अन्य शिकायत में आरोप लगाया था कि नगर निगम ने रेहड़ी फड़ी के सर्वे के दौरान बाहरी एजेंसी के माध्यम से बड़े पैमाने पर सार्वजनिक धन का दुरुपयोग किया है। इसमें कहा कि सर्वे के दौरान अचानक कई गुना रेहड़ी फड़ी वाले बढ़ गए थे। इस मामले की भी विजिलेंस ने कोई जांच नहीं की।



साल         शिकायत      निपटारा     लंबित
2017             31              28              3
2018             21              20              1
2019             21              16              5
2020             13               6               7
2021             15               3              12
2022              4                -                4
 

विजिलेंस पब्लिक डीलिंग की शिकायतों को भी गंभीरता से नहीं ले रही है। ऐसे में आम जनता को विजिलेंस विभाग का क्या फायदा होगा। शिकायतों पर कार्रवाई न होने से भ्रष्टाचार भी फैलता है। सरकार और लोगों को नुकसान भी होता है। - आरके गर्ग, समाजसेवी

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