फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   chandigarh transport undertaking year ender 2015

यादें 2015: लोगों के लिए सुहाना नहीं हुआ CTU का सफर

Wed, 30 Dec 2015 04:05 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 30 Dec 2015 04:05 PM IST
विज्ञापन
chandigarh transport undertaking year ender 2015

सीटीयू की बसों से सफर करना शहर के लोगों के लिए आसान नहीं रह गया है। 2015-16 के बजट में 99 करोड़ रुपये का बजट सीटीयू को मिला, इसके बावजूद भी सीटीयू प्रबंधन की ओर से व्यवस्थाओं को दुरुस्त नहीं किया जा सका है।

विज्ञापन


लोगों को हर रूट पर सात मिनट में बस उपलब्ध कराने का प्रपोजल बनाया गया, जो कागजों तक ही सिमट कर रह गया। वहीं बजट होने के बाद भी कर्मचारियों की कमी को दूर नहीं किया जा सका है। ड्राइवर के 115 और कंडक्टर के 151 पद खाली हैं जो अब तक नहीं भरे गए हैं।
विज्ञापन


20 मिनट में नहीं मिलती बस
शहर में सीटीयू बस के 70 रूट हैं। इन पर 400 बसें चलती हैं। सीटीयू प्रशासन की ओर से यात्रियों को हर रूट पर 20 मिनट में बस उपलब्ध करवाने का दावा किया जाता है। लेकिन यात्रियों को 30 मिनट पर बस मिल पाती है। इस कारण यात्रियों का समय बस के इंतजार में खराब होता है। सीटीयू ने हर रूट पर यात्रियों को सात मिनट पर बस उपलब्ध कराने के दावे किए थे जो अब तक पूरे नहीं किए जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन


लांग रूट पर सीटीयू की वॉल्वो नहीं चलीं
लांग रूट पर सीटीयू की ओर से वॉल्वो चलाए जाने की योजना कागजों तक ही सीमित रह गई। अन्य शहरों की कनेक्टिविटी के लिए यहां से 100 बसें चलाने की योजना थी। इसमें शिमला, देहरादून सहित कई अन्य जगह शामिल थे। लेकिन अब तक इन स्थानों के लिए वॉल्वो नहीं चलाई गई।

नहीं हुई 160 बसों की खरीदारी
सीटीयू की ओर से 2015 में शहर के विभिन्न रूटों पर चलाने के लिए 160 करोना की बसें खरीदने की योजना बनाई गई थी। लेकिन अब तक इन बसों की खरीदारी नहीं हो पाई है।

जीपीएस से नहीं जुड़ी सीटीयू की बसें

यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर सीटीयू की बसों को जीपीएस से जोड़ने की योजना बनाई गई थी। बसों में सीसीटीवी कैमरे तो लगवाए गए, लेकिन जीपीएस नहीं लगाए गए।


सीटीयू में ड्राइवरों की भर्ती की जा रही है। जल्द ही करोना की वॉल्वों बसें चलाई जाएंगी। इससे शहर के लोगों को राहत मिलेगी। यह काम 2016 के मार्च तक हम पूरा कर लेंगे।
-अमित तलवार, निदेशक, सीटीयू

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed