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चंडीगढ़ : विदेश में पति संग रहने के लिए महिला ने लगाई हाईकोर्ट से गुहार
Thu, 02 Dec 2021 02:07 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 02 Dec 2021 02:07 AM IST
सार
जन्म प्रमाण पत्र और शैक्षणिक दस्तावेजों में जन्मतिथि अलग-अलग होने से अटका मामला। जन्मतिथि के अंतर के कारण ग्रीन कार्ड से कर दिया गया था इनकार।
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
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विस्तार
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने एक महिला की याचिका पर सुनवाई करते हुए हरियाणा सरकार को आदेश दिया है कि उसके शैक्षणिक दस्तावेजों के अनुरूप उसके जन्म प्रमाण पत्र में जन्म की तारीख में संशोधन किया जाए।
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महिला ने याचिका दाखिल करते हुए बताया कि उसका जन्म 17 दिसंबर 1982 को हुआ था जबकि उसके जन्म प्रमाण पत्र में 19 दिसंबर 1982 की तारीख दर्ज है। याचिकाकर्ता का जन्म गुरुग्राम के पटौदी में हुआ था।
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याचिकाकर्ता का विवाह 2010 में दीपक बजाज से हुआ था जो फिलहाल अमेरिका में रह रहा है। याचिकाकर्ता ने पति के संग रहने के लिए ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन किया था।
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याचिकाकर्ता के शैक्षणिक दस्तावेजों में जन्म की तारीख 17 दिसंबर है जबकि जन्म प्रमाण पत्र में यह 19 दिसंबर है। इस अंतर को आधार बनाते हुए ग्रीन कार्ड के लिए याचिकाकर्ता द्वारा किया गया आवेदन रद्द कर दिया गया।
याचिकाकर्ता की दलीलों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को आदेश दिया कि वह याचिकाकर्ता के जन्म प्रमाण पत्र में जन्म की तारीख शैक्षणिक दस्तावेजों के अनुरूप दर्ज करें।