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जनसमस्याः न बोर्ड और न ही निगम कर रहा है साफ सफाई

Thu, 18 Feb 2016 09:38 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 18 Feb 2016 09:38 AM IST
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chandigarh sector 63 residentials problem related to sweeping

चंडीगढ़ में सेक्टर-63 के हाउसिंग प्रोजेक्ट और मौलीजागरां में बने फ्लैट्स में साफ सफाई की जिम्मेवारी बोर्ड और नगर निगम एक-दूसरे पर डाल रहे हैं। इसके कारण दोनों जगह गंदगी का आलम है।

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नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि यह एरिया उनका नहीं है नियमों के अनुसार नई हाउसिंग कालोनी का निर्माण के पांच साल तक उसके रखरखाव की जिम्मेदारी बोर्ड की है। जबकि सेक्टर-63 और मौलीजागरां में पिछले साल ही लोगों को फ्लैट्स सौंपे गए हैं ।
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इस बीच, हाउसिंग बोर्ड ने बुधवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि इन एरिया की साफ सफाई, डोर टु डोर गारबेज इकट्ठा करने और डस्टबीन उपलब्ध करवाने के लिए कई बार नगर निगम चीफ इंजीनियर से अपील की जा चुकी है लेकिन उनकी तरफ से इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। नगर निगम के ज्वाइंट कमिश्नर राजीव गुप्ता का कहना है कि अभी यह दोनों एरिया नगर निगम के पास नहीं आए हैं।
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सेक्टर-63 में अभी भी लोगों ने नहीं लिए फ्लैट्स के कब्जे
सेक्टर-63 के हाउसिंग प्रोजेक्ट का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल अक्तूबर माह में किया था लेकिन अभी तक 500 से ज्यादा लोगों ने इसका कब्जा नहीं लिया है।


सेक्टर-63 में बनाए गए 2108 फ्लैट्स में 1600 अलाटी कब्जा ले चुके हैं। इन फ्लैट्स का निर्माण सेल्फ फाइनेंस स्कीम के तहत बोर्ड ने किया था। जबकि मौलीजागरां के पुनार्वास योजना के तहत जो 1568 फ्लैट्स का निर्माण किया है वहां पर भी साफ सफाई में काफी दिक्कत आ रही है। यहां पर भी 1300 लोगों को फ्लैट्स अलाट किए गए हैं।

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