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Chandigarh: कॉप-28 में चंडीगढ़ की बेटी परनीत ने दिया स्थिरता और लैंगिक समानता का संदेश, बोलीं- नजरिया बदला
Mon, 18 Dec 2023 02:41 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 18 Dec 2023 02:41 PM IST
सार
परनीत ने शुरुआती शिक्षा एक्मे पब्लिक स्कूल और भवन विद्यालय से की है। सेक्टर-32 के एसडी कॉलेज से ग्रेजुएशन की है। वह पूर्व सलाहकार विजय देव (आईएएस) से काफी प्रभावित हैं और आईएएस अफसर बनना चाहती हैं। वह यूनाइटेड नेशन की चंडीगढ़ एसोसिएशन की पदाधिकारी भी हैं।
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परनीत
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दुबई में हुए कॉप-28 में चंडीगढ़ की बेटी परनीत कौर ने स्थिरता और लैंगिक समानता का संदेश दिया। उन्होंने कई देशों की संस्थाओं की तरफ से आयोजित पैनल चर्चा, डिबेट समेत विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।
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चंडीगढ़ लौटने के बाद परनीत ने कहा कि कॉप-28 के 10 दिनों के अनुभव ने उनके नजरिये को बदल दिया है। वह विश्व के कई देशों के लोगों से मिली और समझ आया कि दुनिया एक ही परिवार है। यहां कोई एक गिलास पानी बर्बाद करता है तो उसका खामियाजा किसी और देश में बैठे व्यक्ति को भुगतना पड़ता है।
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मनीमाजरा में रहती हैं परनीत
22 वर्षीय परनीत मनीमाजरा के मॉडर्न हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में रहती हैं। वह दो दिसंबर को दुबई के लिए रवाना हुई थीं और 11 दिसंबर को चंडीगढ़ लौटीं। बताया कि कॉप-28 का अनुभव काफी अनोखा रहा है। कई देशों के शीर्ष वहां मौजूद थे, जिनसे मिलने-बात करने का अवसर मिला। परनीत ने बताया कि वह पोएट्री फॉर प्लेनेट की फाउंडर के नाते कॉप-28 के विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुईं। उन्होंने वहां उपनिवेशवाद, स्थिरता और लैंगिक समानता पर बात की। जलवायु परिवर्तन पर लिखी अपनी कविता भी सुनाई और विभिन्न पैनल चर्चा में इस बार जोर दिया कि जलवायु परिवर्तन को रोकने के लिए समग्र दृष्टिकोण पर काम करना होगा। इसलिए हमें पहले अपने दृष्टिकोण को बदलना होगा।
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परनीत ने कहा कि अधिकतर लोग प्रकृति को बचाने की बात कहते हैं। ऐसा करके हम प्रकृति को अपने से अलग मानते हैं, जबकि प्रकृति हमसे अलग नहीं है। छोटे-छोटे बदलाव लाने होंगे। परनीत ने दुबई में कॉप-28 के अध्यक्ष सुल्तान अल जाबेर, अमेरिका की पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन, कॉप आयोजक यूएनएफसीसीसी सचिव सिमॉन स्टील, युगांडा की प्रधानमंत्री, कई देशों के शीर्ष नेता और देश की कई वरिष्ठ डिप्लोमेट से भी मुलाकात की।
दुनिया को बताया क्लाइमेट चेंज में स्टोरी टेलिंग का क्या महत्व
चार दिसंबर को ऑस्ट्रेलिया के मोनाश विश्वविद्यालय ने परनीत को आमंत्रित किया कि वह "जलवायु परिवर्तन के लिंग आधारित प्रभाव" कार्यक्रम में अपनी कविता साझा की। बताया कि क्लाइमेट चेंज में स्टोरी टेलिंग का क्या महत्व है। "लेबर ऑफ लव" नामक कविता स्लैम कार्यक्रम की मेजबानी करने का मौका मिला। क्लाइमेट लाइव पवेलियन में अपनी कविता साझा की और क्लाइमेट क्लॉक टिक-टिक के अनुसार कार्य करने की तात्कालिकता के बारे में बात की। साथ ही "क्लाइमेट एक्शन के लिए कहानी कहने और नवाचार की भूमिका" पर जल और पर्यावरण मंत्रालय, युगांडा और क्लाइमेट लाइव एंटरटेनमेंट द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित युगांडा पवेलियन में एक पैनल चर्चा में हिस्सा लिया।
स्कूली बच्चों को जलवायु में हो रहे परिवर्तन की देनी होगी जानकारीः परनीत
परनीत ने कहा कि कॉप-28 में उन्हें कई देशों की समस्या और चुनौतियों को समझने का मौका मिला। कहा कि पूरी दुनिया एक ही परिवार है। यहां कोई एक गिलास पानी बर्बाद करता है तो उसका खामियाजा किसी और देश में बैठे व्यक्ति को भुगतना पड़ता है। जलवायु परिवर्तन करोड़ों लोगों की जिंदगी को प्रभावित कर रहा है। इसलिए स्कूली स्तर पर ही बच्चों को जागरूक करना होगा।
उन्होंने कहा कि वह चाहती हैं कि कॉप-28 के अपने अनुभव और सीख शहर के स्कूलों के बच्चों को बताएं ताकि वो भी समझ पाएं कि ग्लोबल वार्मिंग से कैसे तापमान बढ़ रहा है और उसका असर करोड़ों लोग झेल रहे हैं। कई देश अभी भी खतरे के निशान पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि बच्चे इस बात को समझ जाएंगे को भविष्य काफी बेहतर होगा।