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रिश्वत लेकर सीबीआई का ट्रैप तोड़कर भागे एएसआई के मामले में बड़ा खुलासा, कॉल डिटेल आई सामने
Sun, 06 Jan 2019 01:12 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sun, 06 Jan 2019 01:12 PM IST
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एएसआई रिश्वत मामला
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10 हजार की रिश्वत लेकर एएसआई सीबीआई का ट्रैप तोड़कर भाग गया। मामले में अब एक बड़ा खुलासा हुआ है, कॉल डिटेल भी सामने आई। मामला चंडीगढ़ का है। सेक्टर-31 थाने में तैनात रिश्वतखोर सब इंस्पेक्टर राजबीर सिंह एसएचओ गुरजीत कौर का नाम लेकर आरोपियों पर चोरी का केस दर्ज नहीं कराने की एवज में उनसे रुपये ऐंठ रहा था। परेशान होकर शिकायतकर्ता सीता राम ने सीबीआई को सूचना देकर ट्रैप लगवाया लेकिन आरोपी एसआई वहां से रिश्वत के 10 हजार रुपये लेकर भागने में कामयाब हो गया। 24 घंटे से ज्यादा समय बीतने के बावजूद आरोपी सीबीआई की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस उसकी धरपकड़ के लिए छापेमारी कर रही है।
वहीं अब सीबीआई की शिकायत पर आरोपी एसआई के खिलाफ सेक्टर-31 थाना पुलिस ने आईपीसी की धारा 307 और 353 के तहत मामला भी दर्ज कर लिया है जबकि इससे पहले सीबीआई राजबीर के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज कर चुकी है। सीबीआई में दर्ज एफआईआर के मुताबिक शिकायतकर्ता सीता राम ने बताया कि उसकी मीट की दुकान में काम करने वाले एक नाबालिग को राजबीर सिंह ने 27 दिसंबर की रात करीब साढ़े 9 बजे पकड़ लिया और बोला कि उसे चोरी के केस में थाने लेकर जा रहे है। उनके साथ तीन अन्य युवक भी थे। थोड़ी देर बाद एसआई का उसके पास फोन आया कि अगर वर्कर को छुड़ाना चाहते हो तो तुरंत थाने आ जाओ।
वहां पहुंचने पर पता चला कि चारों लड़कों को चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। एसआई राजबीर ने कहा कि सुबह आना रात भर पूछताछ होगी। 28 दिसंबर की दोपहर एसआई का दोबारा फोन आया और कहा कि वर्कर को थाने से ले जाओ और जब वह वहां पहुंचा तो उन तीनों लड़कों का परिवार भी मौजूद था। एफआईआर के मुताबिक इसके बाद राजबीर ने कहा कि एसएचओ गुरजीत कौर तीन लड़कों से 15-15 हजार जबकि एक लड़के से 20 हजार रुपये मांग रही हैं। अगर चाहते हो उन पर चोरी का केस न दर्ज हो तो जल्द ही रुपये का इंतजाम कर लें। हम लोगों ने डर की वजह से हामी भर ली।
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इसके बाद राजबीर उन्हें कमरे में ले जाकर एसएचओ से कहा कि ये लोग रुपये देने के लिए तैयार हैं। इसके बाद एसएचओ गुरजीत कौर ने कहा कि तुम्हारी तरफ से हां है, नहीं तो उन बच्चों के खिलाफ केस दर्ज कर दूंगी। शिकायतकर्ता के अनुसार राजबीर उसके दुकान पर लगातार चक्कर काट रहा था। 2 दिसंबर को राजबीर उसकी दुकान पर आया औैर पैसे नहीं देने पर उसे केस दर्ज करने की धमकी देना लगा। इसकी डर की वजह से उसने 5 हजार रुपये राजबीर को दे दिए जबकि 10 हजार रुपये 3 दिसंबर को देने की बात कही।
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वहीं अब सीबीआई की शिकायत पर आरोपी एसआई के खिलाफ सेक्टर-31 थाना पुलिस ने आईपीसी की धारा 307 और 353 के तहत मामला भी दर्ज कर लिया है जबकि इससे पहले सीबीआई राजबीर के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज कर चुकी है। सीबीआई में दर्ज एफआईआर के मुताबिक शिकायतकर्ता सीता राम ने बताया कि उसकी मीट की दुकान में काम करने वाले एक नाबालिग को राजबीर सिंह ने 27 दिसंबर की रात करीब साढ़े 9 बजे पकड़ लिया और बोला कि उसे चोरी के केस में थाने लेकर जा रहे है। उनके साथ तीन अन्य युवक भी थे। थोड़ी देर बाद एसआई का उसके पास फोन आया कि अगर वर्कर को छुड़ाना चाहते हो तो तुरंत थाने आ जाओ।
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वहां पहुंचने पर पता चला कि चारों लड़कों को चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। एसआई राजबीर ने कहा कि सुबह आना रात भर पूछताछ होगी। 28 दिसंबर की दोपहर एसआई का दोबारा फोन आया और कहा कि वर्कर को थाने से ले जाओ और जब वह वहां पहुंचा तो उन तीनों लड़कों का परिवार भी मौजूद था। एफआईआर के मुताबिक इसके बाद राजबीर ने कहा कि एसएचओ गुरजीत कौर तीन लड़कों से 15-15 हजार जबकि एक लड़के से 20 हजार रुपये मांग रही हैं। अगर चाहते हो उन पर चोरी का केस न दर्ज हो तो जल्द ही रुपये का इंतजाम कर लें। हम लोगों ने डर की वजह से हामी भर ली।
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इसके बाद राजबीर उन्हें कमरे में ले जाकर एसएचओ से कहा कि ये लोग रुपये देने के लिए तैयार हैं। इसके बाद एसएचओ गुरजीत कौर ने कहा कि तुम्हारी तरफ से हां है, नहीं तो उन बच्चों के खिलाफ केस दर्ज कर दूंगी। शिकायतकर्ता के अनुसार राजबीर उसके दुकान पर लगातार चक्कर काट रहा था। 2 दिसंबर को राजबीर उसकी दुकान पर आया औैर पैसे नहीं देने पर उसे केस दर्ज करने की धमकी देना लगा। इसकी डर की वजह से उसने 5 हजार रुपये राजबीर को दे दिए जबकि 10 हजार रुपये 3 दिसंबर को देने की बात कही।
एसआई राजबीर और शिकातकर्ता के बीच हुई बातचीत
राजबीर- हैलो
शिकायतकर्ता- हां जी सर, कहां पर हो अंकल जी
राजबीर- यहीं नाका, आजा यहीं नाका पे
शिकायतकर्ता- यहां 31/32 के लाइट प्वाइंट पर खड़ा हूं जी
राजबीर- अंदर आजा आगे, 31/32 कहां यार, 31 की लाइटों पे 31 की
शिकायतकर्ता - अच्छा जी
राजबीर - 31 की लाइट है, इंडस्ट्रियल एरिया की तरफ से रास्ता आवे उस पे
शिकायतकर्ता - अच्छा
राजबीर - भाई ऐसी बात है तेरे को मैडम के पास लेकर आया था.. तूने हां क्यों भरी, हां कर ली है तो भाई 15 देने पड़ेंगे
शिकायतकर्ता- अंकल जी वह तो बिल्कुल नाजायज था बेचारा छत पर बैठा था
राजबीर - चाहे वह जो भी कर रहा हो तू जब अंदर गया तो क्या बोला था
शिकायतकर्ता - अरे अंकल जी वह गरीब बंदा है
राजबीर- मैडम खड़ी थी मैं तभी बुलाया तेरे को
शिकायतकर्ता-चलो कल का टाइम दे दो कल मैं आपको दे दूंगा 10 बजे के बाद बैंक से निकालकर
राजबीर- मैंने तो चवन्नी भी नहीं लेनी
शिकायतकर्ता- हां सर जी
राजबीर- एक बंदा है चोर जो चोरी हुई थी, इसमें उसने कहा है भाई इसके पैसे मैं दूंगा उसको मैडम से मिला दिया भाई जो भरपाई हुई है तू दे दे समान तो इसके हिस्से में भी आए हैं।
शिकायतकर्ता- चलो अंकल जी 5 दे दिए 10 कल तक दे दूंगा आपको ठीक है
राजबीर- मैंने तो कोई रुपया लेना है तो बताओ, रुपया तो लेना नहीं खुद से फिर मैडम मेरे से जवाब मांगती हैं पूछ लेना तू राजबीर किसी के पास जाता है किसी से पैसे लेता है
शिकायतकर्ता- अंकल आप ही बोल रहे हो मैडम मेरे को भी अंदर कर देगी, हां कर देगी मैं चाहूंगा।
राजबीर- तूने कहा 15 दूंगा तो फिर 15 दे और क्या तेरे को व्हिस्की पिलाऊं तेरे को, तेरे आ जाते ना तो पकड़ा देते पैसे, फ्री हो जाता मेरी तो बदली हुई है।
शिकायतकर्ता- जाऊं अंकल चलो ठीक है फिर
राजबीर- जाएगा कैसे तू
शिकायतकर्ता- वह लड़का ही आएगा भी फोन करके दे रहा हूं अभी
राजबीर- अभी कल से परसों नरसो न हो जाए।
शिकायतकर्ता- नहीं अंकल जी कल के टाइम में दूंगा आपको
राजबीर- फोन कर के तू आ जाना
शिकायतकर्ता- ठीक है जी ठीक है अंकल
राजबीर-मैं नहीं जाऊंगा तेरी अड्डे पर मेरे को खुद शर्म आती है यार 10-5 हजार के लिए घूमने जाना
शिकायतकर्ता- अंकल जी पैसा तो इतना था वह सब इधर-उधर लगा दिया
शिकायतकर्ता- हां जी सर, कहां पर हो अंकल जी
राजबीर- यहीं नाका, आजा यहीं नाका पे
शिकायतकर्ता- यहां 31/32 के लाइट प्वाइंट पर खड़ा हूं जी
राजबीर- अंदर आजा आगे, 31/32 कहां यार, 31 की लाइटों पे 31 की
शिकायतकर्ता - अच्छा जी
राजबीर - 31 की लाइट है, इंडस्ट्रियल एरिया की तरफ से रास्ता आवे उस पे
शिकायतकर्ता - अच्छा
राजबीर - भाई ऐसी बात है तेरे को मैडम के पास लेकर आया था.. तूने हां क्यों भरी, हां कर ली है तो भाई 15 देने पड़ेंगे
शिकायतकर्ता- अंकल जी वह तो बिल्कुल नाजायज था बेचारा छत पर बैठा था
राजबीर - चाहे वह जो भी कर रहा हो तू जब अंदर गया तो क्या बोला था
शिकायतकर्ता - अरे अंकल जी वह गरीब बंदा है
राजबीर- मैडम खड़ी थी मैं तभी बुलाया तेरे को
शिकायतकर्ता-चलो कल का टाइम दे दो कल मैं आपको दे दूंगा 10 बजे के बाद बैंक से निकालकर
राजबीर- मैंने तो चवन्नी भी नहीं लेनी
शिकायतकर्ता- हां सर जी
राजबीर- एक बंदा है चोर जो चोरी हुई थी, इसमें उसने कहा है भाई इसके पैसे मैं दूंगा उसको मैडम से मिला दिया भाई जो भरपाई हुई है तू दे दे समान तो इसके हिस्से में भी आए हैं।
शिकायतकर्ता- चलो अंकल जी 5 दे दिए 10 कल तक दे दूंगा आपको ठीक है
राजबीर- मैंने तो कोई रुपया लेना है तो बताओ, रुपया तो लेना नहीं खुद से फिर मैडम मेरे से जवाब मांगती हैं पूछ लेना तू राजबीर किसी के पास जाता है किसी से पैसे लेता है
शिकायतकर्ता- अंकल आप ही बोल रहे हो मैडम मेरे को भी अंदर कर देगी, हां कर देगी मैं चाहूंगा।
राजबीर- तूने कहा 15 दूंगा तो फिर 15 दे और क्या तेरे को व्हिस्की पिलाऊं तेरे को, तेरे आ जाते ना तो पकड़ा देते पैसे, फ्री हो जाता मेरी तो बदली हुई है।
शिकायतकर्ता- जाऊं अंकल चलो ठीक है फिर
राजबीर- जाएगा कैसे तू
शिकायतकर्ता- वह लड़का ही आएगा भी फोन करके दे रहा हूं अभी
राजबीर- अभी कल से परसों नरसो न हो जाए।
शिकायतकर्ता- नहीं अंकल जी कल के टाइम में दूंगा आपको
राजबीर- फोन कर के तू आ जाना
शिकायतकर्ता- ठीक है जी ठीक है अंकल
राजबीर-मैं नहीं जाऊंगा तेरी अड्डे पर मेरे को खुद शर्म आती है यार 10-5 हजार के लिए घूमने जाना
शिकायतकर्ता- अंकल जी पैसा तो इतना था वह सब इधर-उधर लगा दिया