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सावधानः चंडीगढ़ में बच्चा चोरी की अफवाहें न फैलाएं, पुलिस रख रही नजर, कॉल करके बताएं
Tue, 03 Sep 2019 12:14 PM IST
खुशबू गोयल
अमित गुप्ता, अमर उजाला, चंडीगढ़
अमित गुप्ता, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 03 Sep 2019 12:14 PM IST
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फाइल फोटो
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बच्चा चोरी गैंग की अफवाहें तेजी से फैल रही हैं। हर दिन व्हाट्सएप ग्रुप पर इस तरह के मैसेज देखे जा सकते हैं। मैसेज का इतना ज्यादा असर होता है कि लोग अंजान लोगों को पीटने पर उतारू हो जाते हैं। देश भर से ऐसी घटनाएं देखने को मिल रहीं हैं। कई लोगों को तो जान से हाथ धोना पड़ा है। चंडीगढ़ में भी इस तरह के मैसेज फारवर्ड हुए थे।
हालांकि चंडीगढ़ पुलिस की तत्परता की वजह से यह मामला मैसेज तक ही सीमित रहा, लेकिन देश भर में हो रही घटनाओं से चंडीगढ़ पुलिस ने भी एहतियात के तौर पर कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। चंडीगढ़ पुलिस अब उन लोगों पर नजर रख रही है जो इस तरह के मैसेज को फैला रहे हैं। पुलिस सोशल मीडिया पर नजर रख रही है। शहरवासियों की भी जिम्मेदारी बनती है कि वे भी इस तरह के मैसेज व वीडियो फारवर्ड न करें। जब तक ऐसे वीडियो व मैसेज की पुख्ता जांच न हो जाए तब तक उसे फारवर्ड नहीं करना चाहिए।
अफवाहों के बारे में पुलिस से संपर्क करें
यदि कोई सोशल मीडिया पर मैसेज या वीडियो फारवर्ड होता है और उस पर चंडीगढ़ के किसी एरिया का जिक्र आता है तो सबसे पहले पुलिस के कंट्रोल रूम में फोन कर जानकरी लेनी होगी। पुलिस आपको पूरी पुख्ता सूचना देगी। थाना एसएचओ, एरिया डीएसपी समेत अन्य पुलिसकर्मी से संपर्क कर इसकी जानकारी ले सकते हैं कि वीडियो या मैसेज सच है अफवाह।
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हालांकि चंडीगढ़ पुलिस की तत्परता की वजह से यह मामला मैसेज तक ही सीमित रहा, लेकिन देश भर में हो रही घटनाओं से चंडीगढ़ पुलिस ने भी एहतियात के तौर पर कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। चंडीगढ़ पुलिस अब उन लोगों पर नजर रख रही है जो इस तरह के मैसेज को फैला रहे हैं। पुलिस सोशल मीडिया पर नजर रख रही है। शहरवासियों की भी जिम्मेदारी बनती है कि वे भी इस तरह के मैसेज व वीडियो फारवर्ड न करें। जब तक ऐसे वीडियो व मैसेज की पुख्ता जांच न हो जाए तब तक उसे फारवर्ड नहीं करना चाहिए।
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अफवाहों के बारे में पुलिस से संपर्क करें
यदि कोई सोशल मीडिया पर मैसेज या वीडियो फारवर्ड होता है और उस पर चंडीगढ़ के किसी एरिया का जिक्र आता है तो सबसे पहले पुलिस के कंट्रोल रूम में फोन कर जानकरी लेनी होगी। पुलिस आपको पूरी पुख्ता सूचना देगी। थाना एसएचओ, एरिया डीएसपी समेत अन्य पुलिसकर्मी से संपर्क कर इसकी जानकारी ले सकते हैं कि वीडियो या मैसेज सच है अफवाह।
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इन नंबरों पर कॉल कर ले सकते हैं जानकारी
पुलिस कंट्रोल रूम 100
सेक्टर-17 थाना 0172-2775139
सेक्टर-03 थाना 0172-2740254
सेक्टर-11 थाना 0172-2747066
सेक्टर-26 थाना 0172-2790594
सेक्टर-31 थाना 0172-2638698
सेक्टर-34 थाना 0172-2662697
सेक्टर-39 थाना 0172-2690906
मनीमाजरा थाना 0172-2734082
इंडस्ट्रियल एरिया 0172-2657344
मलोया थाना 0172-2643213
सेक्टर-17 थाना 0172-2775139
सेक्टर-03 थाना 0172-2740254
सेक्टर-11 थाना 0172-2747066
सेक्टर-26 थाना 0172-2790594
सेक्टर-31 थाना 0172-2638698
सेक्टर-34 थाना 0172-2662697
सेक्टर-39 थाना 0172-2690906
मनीमाजरा थाना 0172-2734082
इंडस्ट्रियल एरिया 0172-2657344
मलोया थाना 0172-2643213
कई स्कूलों ने जारी की है एडवाइजरी
बच्चों को स्कूल बस तक अकेला न जाने दें, उनके साथ पैरेंट्स का होना जरूरी है। छुट्टी के वक्त जिस जगह पर आपके बच्चे को बस छोड़ती हो, वहां पर कुछ समय पहले पहुंचें। बच्चे को अपना मोबाइल नंबर याद करवाएं। बच्चे को अकेले स्कूल न भेजें। यदि बच्चे को स्कूल से ले जाने में देरी है तो इस बारे में स्कूल को जरूर बता दें।
फर्जी वीडियो को ऐसे पहचानें
यदि वीडियो के साथ ऑडियो है तो उसे ध्यान से सुनें, उसमें किस भाषा में बातचीत हो रही है। लोगों के पहनावे पर नजर डालिए। क्या वह पहनावा यहां का लगता है? आसपास खड़ी कार या बाइक का नंबर देखें। इन सबसे आपको राज्य व देश का पता लग जाएगा।
यदि कोई इमेज आई है तो उसे गूगल के रिवर्स इमेज पर फोटो डालें। इससे फोटो की हिस्ट्री पता चल जाएगी। जब तक सोर्स पुख्ता न हो, तब तक उस मैसेज को फारवर्ड न करें। यदि कोई इस तरह के मैसेज फैला रहा है तो उसकी पुलिस में शिकायत भी करें।
फर्जी वीडियो को ऐसे पहचानें
यदि वीडियो के साथ ऑडियो है तो उसे ध्यान से सुनें, उसमें किस भाषा में बातचीत हो रही है। लोगों के पहनावे पर नजर डालिए। क्या वह पहनावा यहां का लगता है? आसपास खड़ी कार या बाइक का नंबर देखें। इन सबसे आपको राज्य व देश का पता लग जाएगा।
यदि कोई इमेज आई है तो उसे गूगल के रिवर्स इमेज पर फोटो डालें। इससे फोटो की हिस्ट्री पता चल जाएगी। जब तक सोर्स पुख्ता न हो, तब तक उस मैसेज को फारवर्ड न करें। यदि कोई इस तरह के मैसेज फैला रहा है तो उसकी पुलिस में शिकायत भी करें।
केस-1: बीते अगस्त महीने में सोशल मीडिया पर एक मैसेज, वीडियो और फोटो वायरल हुई थी। इसमें बताया जा रहा था कि सेक्टर-16 में बच्चा चोर गिरोह पकड़ा गया है जबकि पुलिस ने उन लोगों को पकड़ा था, जो वेश बदलकर पैसे मांगते थे। एक शिकायत पर पुलिस ने उन्हें पकड़ा था। बाद में जांच के बाद उन्हें छोड़ दिया गया था। मगर सोशल मीडिया पर इसे बच्चा चोर गिरोह बताकर वायरल किया जाने लगा। बाद में पुलिस ने इस वीडियो का पूरा सच बताया।
केस-2: बीते शनिवार को मलोया कालोनी में अफवाह उड़ी कि पंजाब नंबर की एक गाड़ी में दो युवक बच्चा चोरी करते हुए पकड़े गए हैं। इस खबर के बाद कालोनी में अफरातफरी मच गई। बताया गया कि इस बच्चा चेार गैंग को पुलिस पकड़कर थाने ले गई है, लेकिन जब पुलिस से इस बारे में बात की गई तो उनका कहना था कि ऐसी कोई बात नहीं है। यह अफवाह है।
बच्चा चोरी की अफवाह कई जगहों पर फैली है। चंडीगढ़ के लोगों को इन अफवाहों से बचना चाहिए। सोशल मीडिया पर इस तरह के मैसेज फारवर्ड नहीं करना चाहिए। अफवाह न फैलाएं। जरूरत पड़ने पर कंट्रोल रूम और संबंधित थाने से सूचना प्राप्त कर सकते हैं।
- नीलांबरी विजय जगादले, एसएसपी, चंडीगढ़
केस-2: बीते शनिवार को मलोया कालोनी में अफवाह उड़ी कि पंजाब नंबर की एक गाड़ी में दो युवक बच्चा चोरी करते हुए पकड़े गए हैं। इस खबर के बाद कालोनी में अफरातफरी मच गई। बताया गया कि इस बच्चा चेार गैंग को पुलिस पकड़कर थाने ले गई है, लेकिन जब पुलिस से इस बारे में बात की गई तो उनका कहना था कि ऐसी कोई बात नहीं है। यह अफवाह है।
बच्चा चोरी की अफवाह कई जगहों पर फैली है। चंडीगढ़ के लोगों को इन अफवाहों से बचना चाहिए। सोशल मीडिया पर इस तरह के मैसेज फारवर्ड नहीं करना चाहिए। अफवाह न फैलाएं। जरूरत पड़ने पर कंट्रोल रूम और संबंधित थाने से सूचना प्राप्त कर सकते हैं।
- नीलांबरी विजय जगादले, एसएसपी, चंडीगढ़