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12 साल बाद टीम इंडिया में चंडीगढ़ का 'लाल', मोहाली में कर सकते हैं कमाल
संजीव पंगोत्रा/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 12 Dec 2017 09:09 AM IST
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क्रिकेटर सिद्धार्थ कौल
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भारतीय क्रिकेट टीम में बारह साल के लंबे अंतराल के बाद चंडीगढ़ के क्रिकेटर सिद्धार्थ कौल ने जगह बनाई और वे मोहाली में कमाल कर सकते हैं। सिद्धार्थ पिछले 17 वर्षों में भारतीय टीम में जगह बनाने वाले सिटी से चौथे क्रिकेटर भी बने। इससे पहले चंडीगढ़ से भारतीय टीम में युवराज सिंह, दिनेश मोंगिया, वीरआरवी सिंह का नाम शामिल हैं।
शहर से आखिरी क्रिकेटर तेज गेंदबाज वीरआरवी सिंह हैं, जिन्होंने वर्ष 2005 में भारतीय टीम में एंट्री की थी। इसके बाद अब 12 साल बाद फिर से एक गेंदबाज सिद्धार्थ कौल ने भारतीय टीम में अपनी जगह बनाई। सिटी के प्रेमियों को अब उनसे कई उम्मीदें हैं कि जिस तरह से बीसीसीआई ने उनपर भरोसा जताया है, उस कसौटी पर वह पूरा उतर कर दिखाएं।
घरेलू मैदान मोहाली में मिल सकता है मौका
भारत और श्रीलंका के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज खेली जा रही है। सीरीज के पहले वनडे में सिद्धार्थ कौल को भले ही न मौका मिला हो, लेकिन मोहाली में खेले जाने वाले दूसरे वनडे में उन्हें जरूर मोका मिला सकता है। क्योंकि यह उनका घरेलू मैदान है। पंजाब की ओर से वह पिछले कई सालों से इस मैदान पर खेल रहे हैं। यहां की पिच से वह भलीभांति परिचित होंगे। भारतीय टीम उनके अनुभव को इस मैदान पर कैश करना चाहेगी।
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अंडर-19 वर्ल्ड कप विजेता टीम के सदस्य रहे
वर्ष 2008 में विराट कोहली के नेतृत्व वाली भारतीय टीम ने अंडर-19 वर्ल्ड कप टीम को जीता था। उस टीम में गेंदबाज सिद्धार्थ कौल भी शामिल रहे। इसके बाद विराट तेजी से आगे बढ़ते रहे और आज वह भारतीय टीम के कप्तान हैं। वहीं सिद्धार्थ कौल केवल रणजी ट्राफी, इंडिया दायरे में सिमट कर रह गए।
इन्हें कुछ आईपीएल के मैच भी खेले हैं। चंडीगढ़ से पिछले 17 साल में भारतीय टीम में जगह बनाने वाले वाले सिद्धार्थ कौल चौथे क्रिकेटर है। इससे पहले वर्ष 2000 में युवराज सिंह, वर्ष 2001 में दिनेश मोंगिया, वर्ष 2005 में वीआरवी सिंह, वर्ष 2017 में सिद्धार्थ कौल शामिल हुए।
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शहर से आखिरी क्रिकेटर तेज गेंदबाज वीरआरवी सिंह हैं, जिन्होंने वर्ष 2005 में भारतीय टीम में एंट्री की थी। इसके बाद अब 12 साल बाद फिर से एक गेंदबाज सिद्धार्थ कौल ने भारतीय टीम में अपनी जगह बनाई। सिटी के प्रेमियों को अब उनसे कई उम्मीदें हैं कि जिस तरह से बीसीसीआई ने उनपर भरोसा जताया है, उस कसौटी पर वह पूरा उतर कर दिखाएं।
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घरेलू मैदान मोहाली में मिल सकता है मौका
भारत और श्रीलंका के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज खेली जा रही है। सीरीज के पहले वनडे में सिद्धार्थ कौल को भले ही न मौका मिला हो, लेकिन मोहाली में खेले जाने वाले दूसरे वनडे में उन्हें जरूर मोका मिला सकता है। क्योंकि यह उनका घरेलू मैदान है। पंजाब की ओर से वह पिछले कई सालों से इस मैदान पर खेल रहे हैं। यहां की पिच से वह भलीभांति परिचित होंगे। भारतीय टीम उनके अनुभव को इस मैदान पर कैश करना चाहेगी।
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अंडर-19 वर्ल्ड कप विजेता टीम के सदस्य रहे
वर्ष 2008 में विराट कोहली के नेतृत्व वाली भारतीय टीम ने अंडर-19 वर्ल्ड कप टीम को जीता था। उस टीम में गेंदबाज सिद्धार्थ कौल भी शामिल रहे। इसके बाद विराट तेजी से आगे बढ़ते रहे और आज वह भारतीय टीम के कप्तान हैं। वहीं सिद्धार्थ कौल केवल रणजी ट्राफी, इंडिया दायरे में सिमट कर रह गए।
इन्हें कुछ आईपीएल के मैच भी खेले हैं। चंडीगढ़ से पिछले 17 साल में भारतीय टीम में जगह बनाने वाले वाले सिद्धार्थ कौल चौथे क्रिकेटर है। इससे पहले वर्ष 2000 में युवराज सिंह, वर्ष 2001 में दिनेश मोंगिया, वर्ष 2005 में वीआरवी सिंह, वर्ष 2017 में सिद्धार्थ कौल शामिल हुए।