चंडीगढ़: रिमोट मॉनिटरिंग तकनीक से हो रहा कोरोना मरीजों का इलाज, 24 घंटे रखी जा रही नजर
पीजीआई के आईसीयू वार्ड में 73 गंभीर मरीजों का इलाज चल रहा है। डॉक्टर इस तकनीक से मरीजों की पल-पल की गतिविधि व स्वास्थ्य रिपोर्ट पर नजर रख रहे हैं। अस्पताल से दूर बैठे वरिष्ठ डॉक्टर अपने मोबाइल के जरिए प्रत्येक मरीज की हार्ट बीट, बीपी, ऑक्सीजन स्तर और अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी ले रहे हैं।
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चंडीगढ़ पीजीआई स्थित कोविड अस्पताल में रिमोट मॉनिटरिंग तकनीक से गंभीर मरीजों का इलाज किया जा रहा है। युवा डॉक्टरों ने देशभर में नजीर पेश करते हुए पहली बार यह तकनीक ईजाद की है। अस्पताल के आईसीयू वार्ड में 73 गंभीर मरीजों का इलाज चल रहा है। डॉक्टर इस तकनीक से मरीजों की पल-पल की गतिविधि व स्वास्थ्य रिपोर्ट पर नजर रख रहे हैं। अस्पताल से दूर बैठे वरिष्ठ डॉक्टर अपने मोबाइल के जरिए प्रत्येक मरीज की हार्ट बीट, बीपी, ऑक्सीजन स्तर और अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी ले रहे हैं।
कोविड अस्पताल में बनाए गए रिमोट मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम के जरिए प्रत्येक डॉक्टर का मोबाइल मरीज के मॉनिटर और कंट्रोल रूम से कनेक्ट कर दिया गया है। इस तकनीक के जरिए अस्पताल में न होने के बावजूद डॉक्टर मरीज को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने में सक्षम हैं। इस तकनीक के जरिए 7 आईसीयू और 5 एचडीयू यूनिट को कंट्रोल रूम से कनेक्ट किया गया है।
डॉ. नवीन नायक कर रहे नेतृत्व
कोविड अस्पताल के रिमोट मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम के इंचार्ज डॉ. नवीन नायक एनेस्थीसिया विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। डॉ. नवीन मार्च 2020 से ही कोविड अस्पताल में ड्यूटी कर रहे हैं। उन पर आईसीयू कोऑर्डिनेटर के साथ ही रोस्टर तय करने की भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसके अंतर्गत डॉ. नवीन डॉक्टरों की ड्यूटी इस प्रकार लगाते हैं कि न किसी पर काम का ज्यादा दबाव हो, न कहीं डॉक्टर की कमी के कारण कोई मरीज परेशान हो।
डॉक्टरों के फोन से कनेक्ट हैं मॉनिटर
डॉ. नवीन ने बताया कि रिमोट मॉनिटरिंग सिस्टम के तहत अस्पताल के आईसीयू और हाई डिपेंडेंसी यूनिट के डॉक्टरों के मोबाइल फोन कंट्रोल रूम से कनेक्ट कर दिए गए हैं। कंट्रोल रूम में लगाए गए अलग-अलग मॉनिटर पर मरीजों का स्टेटस डिस्प्ले होता रहता है। कंट्रोल रूम में लगाए गए मॉनिटर प्रत्येक मरीज के मॉनिटर से कनेक्ट हैं, जो मरीज के पल-पल की रिपोर्ट मोबाइल और कंट्रोल रूम में अपडेट करता रहता है।
24 घंटे वरिष्ठ डॉक्टरों की नजर
कोरोना के मरीजों की तेजी से बढ़ती संख्या से अस्पतालों में विशेषज्ञों की कमी सबसे बड़ी परेशानी के रूप में सामने आ रही है, लेकिन रिमोट मॉनिटरिंग तकनीक ने इस समस्या का पूर्ण रूप से समाधान तलाश लिया है। इस तकनीक की मदद से रेजिडेंट डॉक्टर व उनके वरिष्ठ डॉक्टर लगातार अपने मोबाइल के जरिए मरीजों की आंतरिक गतिविधि पर नजर बनाए रखते हैं। इसके जरिए मरीज का बीपी, हार्ट बीट, पल्स, ऑक्सीजन स्तर जैसे सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर पल-पल की जानकारी अपडेट होती रहती है।
आईसीयू के कैमरे भी इस तकनीक से जुड़े
पीजीआई के युवा डॉक्टरों की टीम ऊर्जा और जोश से भरी हुई है और लगातार नई-नई तकनीक ईजाद कर मरीजों का इलाज सुगम बना रही है। कोविड काल में ऐसे तमाम मौके सामने आए जब डॉक्टरों ने अपनी समझदारी से जटिल से जटिल स्थिति को बेहद आसान बनाकर मरीजों की जान बचाई। ऐसे युवा योद्धाओं में से एक हैं डॉ. नवीन नायक, जो आईसीयू में रिमोट मॉनिटरिंग तकनीक का प्रयोग कर मरीजों और डॉक्टरों के बीच एक मिनट का भी गैप नहीं होने दे रहे। -प्रो. जीडी पुरी, डीन एकेडमी पीजीआई व कोविड प्रबंधन के चेयरमैन